प्रकाश सेवदा
प्रकाश सेवदा राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के एक कर्मठ युवा हैं, जो वर्तमान में बिजली विभाग (विद्युत सेवा) में कार्यरत हैं। वे अपनी मेहनत, सरल जीवनशैली और समाज के प्रति जिम्मेदारी के लिए जाने जाते हैं।

ग्रामीण परिवेश से निकलकर सरकारी सेवा तक पहुँचना उनके जीवन के संघर्ष और समर्पण को दर्शाता है। वे महान क्रांतिकारी भगत सिंह के विचारों से प्रेरित हैं और उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास करते हैं।
जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
प्रकाश सेवदा का जन्म 1 दिसंबर 1999 को सरदारपुरा खुर्द, जिला डीडवाना-कुचामन (राजस्थान) में हुआ था।
उनके पिता का नाम भंवरलाल सेवदा और माता का नाम राधा देवी है। वे एक जाट परिवार से संबंध रखते हैं, जहाँ मेहनत, ईमानदारी और सामाजिक मूल्यों को विशेष महत्व दिया जाता है।
ये दो भाई है जिसमे इनसे बड़े भाई शेखर सेवदा है इनके दादा का नाम रामू राम सेवदा है जो खेती से अपना जीवन चलाते है।
ग्रामीण वातावरण में पले-बढ़े होने के कारण उन्होंने बचपन से ही कठिन परिस्थितियों में जीवन जीना सीखा, जिसने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया।
शिक्षा
प्रकाश सेवदा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ही गाँव के एक निजी विद्यालय से प्राप्त की और 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई वहीं पूरी की।
इसके बाद उन्होंने बांगड़ कॉलेज, डीडवाना से स्नातक (Graduation) की शिक्षा प्राप्त की।
पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यह समझ लिया था कि उन्हें अपने परिवार और समाज के लिए कुछ करना है, जिससे वे आगे चलकर सरकारी सेवा की ओर बढ़े।
नौकरी और सेवा जीवन
- प्रकाश सेवदा वर्ष 2019 से बिजली विभाग में सेवा दे रहे हैं।
- उनका सेवा अनुभव इस प्रकार रहा है:
- लगभग 4 वर्ष तक बीकानेर जिले के साजनवासी गाँव में सेवा दी
- इसके बाद 2 वर्ष तक खींवसर क्षेत्र में कार्य किया
- वर्तमान में वे लोरोली कल्ला, जिला डीडवाना-कुचामन में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं
- ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सेवा देना आसान कार्य नहीं होता, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और लगन के साथ निभाया है।
वैवाहिक जीवन
प्रकाश सेवदा का विवाह सुमन के साथ हुआ, जो साजनवासी (जिला बीकानेर) की निवासी हैं।
उनका पारिवारिक जीवन सरल और संतुलित है, जहाँ वे अपने परिवार के साथ-साथ अपने कार्यों को भी समान महत्व देते हैं।
व्यक्तित्व और विचार
प्रकाश सेवदा का जीवन सादगी, मेहनत और अनुशासन का उदाहरण है।
वे विशेष रूप से भगत सिंह के विचारों से प्रेरित हैं और देशभक्ति, समाज सेवा तथा ईमानदारी को अपने जीवन का आधार मानते हैं।
उनकी सोच यह दर्शाती है कि आज का युवा भी अपने काम के साथ-साथ अपने आदर्शों को जीवित रख सकता है।
निष्कर्ष
प्रकाश सेवदा की जीवन यात्रा एक साधारण ग्रामीण परिवार से निकलकर सरकारी सेवा तक पहुँचने की प्रेरणादायक कहानी है।
उनका जीवन यह सिखाता है कि
👉 मेहनत, धैर्य और सही सोच के साथ कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है।