Vivek Joshi: Difference between revisions
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डॉ. विवेक जोशी
| जन्म | 21 मई 1966 |
|---|---|
| जन्म स्थान | प्रयागराज, उत्तर प्रदेश, भारत |
| शिक्षा | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की; भारतीय विदेश व्यापार संस्थान, नई दिल्ली; ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट, जिनेवा, स्विट्जरलैंड |
| शैक्षिक योग्यता | मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.ई., इंटरनेशनल बिजनेस में स्नातकोत्तर, अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र में एम.ए. एवं पीएच.डी. |
| व्यवसाय | भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी, निर्वाचन आयुक्त |
| आधिकारिक वेबसाइट | वेबसाइट |
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डॉ. विवेक जोशी भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने हरियाणा सरकार और भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं नीतिगत जिम्मेदारियाँ संभाली हैं। वे 1989 बैच के हरियाणा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने वित्तीय सेवाओं, जनगणना, कार्मिक प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, वस्त्र तथा राज्य प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया। केंद्र सरकार में उन्होंने वित्तीय सेवा विभाग के सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव तथा भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
विवेक जोशी ने हरियाणा के मुख्य सचिव के रूप में भी कार्य किया। इसके बाद 19 फरवरी 2025 को उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। निर्वाचन आयोग में उनकी नियुक्ति भारत सरकार की 17 फरवरी 2025 की राजपत्र अधिसूचना के बाद हुई।
जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
डॉ. विवेक जोशी का जन्म 21 मई 1966 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ। उनका मूल संबंध उत्तर प्रदेश से है। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के माध्यम से तकनीकी क्षेत्र के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में भी विशेषज्ञता हासिल की।
उनके परिवार से संबंधित निजी जानकारियाँ सार्वजनिक आधिकारिक स्रोतों में व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए उनके माता-पिता, पत्नी और बच्चों के संबंध में बिना पुष्ट स्रोत के कोई जानकारी नहीं दी जाती है।
शिक्षा
विवेक जोशी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा उस समय के यूनिवर्सिटी ऑफ रुड़की से प्राप्त की, जो बाद में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की बना। उन्होंने वर्ष 1987 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. की डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित भारतीय विदेश व्यापार संस्थान से इंटरनेशनल बिजनेस में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की। आगे उन्होंने स्विट्जरलैंड स्थित ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट, जिनेवा से अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र में एम.ए. तथा पीएच.डी. की। उनकी पीएच.डी. शोध का संबंध अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र से था और उन्होंने अपना शोध प्रोफेसर रिचर्ड बाल्डविन के मार्गदर्शन में पूरा किया।
इस प्रकार उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि इंजीनियरिंग, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी रही, जिसने आगे चलकर उनके प्रशासनिक एवं आर्थिक नीति संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय प्रशासनिक सेवा में करियर
विवेक जोशी ने 1989 बैच के अधिकारी के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया और हरियाणा कैडर प्राप्त किया। शुरुआती प्रशासनिक कार्यकाल में उन्होंने हरियाणा के विभिन्न जिलों और प्रशासनिक इकाइयों में जिम्मेदारियाँ संभालीं। उन्होंने जींद, हिसार और पंचकूला में उपायुक्त के रूप में कार्य किया तथा अंबाला मंडल के मंडल आयुक्त भी रहे।
राज्य प्रशासन में कार्य करते हुए वे हरियाणा राज्य वित्त आयोग के सदस्य सचिव भी रहे। इसके अतिरिक्त उन्होंने हरियाणा सरकार में विभिन्न प्रशासनिक और विकास संबंधी पदों पर काम किया। वे गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा दिल्ली में हरियाणा के प्रधान निवासी आयुक्त जैसे पदों पर भी रहे।
केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ
विवेक जोशी ने केंद्र सरकार में भी लंबे समय तक महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वर्ष 2001 में वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए और विभिन्न मंत्रालयों में जिम्मेदारियाँ संभालीं। उन्होंने वस्त्र मंत्रालय में निदेशक के रूप में कार्य किया तथा बाद में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और वित्त मंत्रालय से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में उन्होंने बाल अधिकार और बाल संरक्षण से संबंधित विषयों पर काम किया। वित्त क्षेत्र में उनकी भूमिका के दौरान बैंकिंग, वित्तीय संस्थानों, बीमा, वित्तीय समावेशन और पेंशन सुधार जैसे विषयों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में भी उनकी जिम्मेदारी रही।
विवेक जोशी भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त के पद पर भी रहे। इस भूमिका में देश में जनगणना और उससे संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य उनके दायित्व में रहे। वे लगभग चार वर्षों तक इस पद पर कार्यरत रहे।
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव
विवेक जोशी ने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने 1 नवंबर 2022 से इस पद की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उनका कार्यक्षेत्र बैंकिंग क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा, वित्तीय संस्थानों, वित्तीय समावेशन तथा पेंशन सुधार से संबंधित नीतियों और योजनाओं से जुड़ा रहा।
वित्तीय सेवा विभाग में उनकी भूमिका के दौरान वे भारतीय रिजर्व बैंक के बोर्ड में सदस्य के रूप में भी जुड़े रहे। वे भारतीय स्टेट बैंक के बोर्ड से भी जुड़े रहे।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव
वित्तीय सेवा विभाग में कार्य करने के बाद विवेक जोशी ने भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में सचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाली। यह विभाग केंद्र सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था, सिविल सेवाओं तथा कार्मिक प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के लिए जिम्मेदार है। उनके प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय प्रशासनिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका मिली।
हरियाणा के मुख्य सचिव
केंद्र सरकार में लंबे समय तक प्रतिनियुक्ति पर रहने के बाद हरियाणा सरकार के अनुरोध पर विवेक जोशी को उनके मूल कैडर में वापस भेजा गया। अक्टूबर 2024 में उन्हें हरियाणा का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया और उन्होंने नवंबर 2024 में इस पद की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने टी.वी.एस.एन. प्रसाद का स्थान लिया।
हरियाणा के मुख्य सचिव के रूप में उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहा। राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर रहते हुए उन्होंने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बीच प्रशासनिक समन्वय और शासन व्यवस्था से संबंधित जिम्मेदारियाँ संभालीं।
निर्वाचन आयुक्त के रूप में नियुक्ति
17 फरवरी 2025 को भारत सरकार की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से डॉ. विवेक जोशी को भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया। इसके बाद 19 फरवरी 2025 को उन्होंने निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, वे 1989 बैच के हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और भारतीय प्रशासनिक सेवा में तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखते हैं। निर्वाचन आयोग में उनकी नियुक्ति के समय उनके पास राज्य और केंद्र सरकार दोनों स्तरों पर व्यापक प्रशासनिक अनुभव था।
निर्वाचन आयुक्त के रूप में वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू के साथ निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार आयोग में सभी निर्वाचन आयुक्तों की निर्णय प्रक्रिया में समान भूमिका होती है।
निर्वाचन आयोग में भूमिका
निर्वाचन आयुक्त के रूप में विवेक जोशी की भूमिका भारत की चुनावी प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक एवं संवैधानिक दायित्वों से संबंधित है। निर्वाचन आयोग लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन से संबंधित संवैधानिक संस्था है।
2026 में निर्वाचन आयोग की विभिन्न गतिविधियों में विवेक जोशी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। जून 2026 में निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित मीडिया एवं संचार अधिकारियों के सम्मेलन में उन्होंने अधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग के नियमों, निर्देशों और दिशानिर्देशों को आम जनता तक सरल एवं समझने योग्य तरीके से पहुँचाने में अधिकारियों की भूमिका पर जोर दिया।
फरवरी 2026 में राष्ट्रीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम में भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त के रूप में विवेक जोशी की भूमिका निर्धारित थी।
प्रशासनिक अनुभव और कार्यक्षेत्र
विवेक जोशी के प्रशासनिक करियर में राज्य प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों तक का व्यापक अनुभव शामिल रहा है। हरियाणा में जिला प्रशासन और मंडल स्तर पर कार्य करने के बाद उन्होंने केंद्र सरकार में आर्थिक नीति, वित्तीय सेवाओं, महिला एवं बाल विकास, जनगणना और कार्मिक प्रशासन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारियाँ निभाईं।
उनका करियर इस दृष्टि से उल्लेखनीय रहा कि उन्होंने प्रशासन के कई अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया। एक ओर उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य शासन के स्तर पर प्रत्यक्ष प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ संभालीं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार में राष्ट्रीय स्तर की नीतियों और संस्थागत व्यवस्थाओं से जुड़े पदों पर कार्य किया।
उपलब्धियाँ और प्रभाव
विवेक जोशी का प्रशासनिक योगदान मुख्य रूप से विभिन्न सरकारी संस्थाओं और विभागों में लंबे समय तक निभाई गई जिम्मेदारियों से जुड़ा है। भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव तथा हरियाणा के मुख्य सचिव जैसे पदों पर उनका कार्यकाल उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव को दर्शाता है।
निर्वाचन आयुक्त के रूप में उनकी भूमिका उनके प्रशासनिक करियर का एक महत्वपूर्ण चरण है। इस पद पर वे भारत की चुनावी व्यवस्था से संबंधित संवैधानिक संस्था में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
व्यक्तित्व और विचार
विवेक जोशी का सार्वजनिक जीवन मुख्य रूप से प्रशासनिक सेवा और सरकारी संस्थाओं में कार्य से जुड़ा रहा है। उनके सार्वजनिक वक्तव्यों में प्रशासनिक नियमों, सरकारी निर्देशों और संस्थागत प्रक्रियाओं को स्पष्ट एवं प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिखाई देता है। जून 2026 में निर्वाचन आयोग के मीडिया एवं संचार अधिकारियों के सम्मेलन में उन्होंने चुनाव संबंधी नियमों और दिशानिर्देशों को जनता तक सरल भाषा में पहुँचाने के महत्व पर बात की थी।
उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी बहुआयामी रही है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के कारण उनका शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव कई क्षेत्रों में फैला हुआ रहा है।
निष्कर्ष
डॉ. विवेक जोशी 1989 बैच के हरियाणा कैडर के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक राज्य और केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव तथा हरियाणा के मुख्य सचिव के रूप में उनकी प्रशासनिक यात्रा रही है।
19 फरवरी 2025 को भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने के बाद वे देश की चुनावी व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव और केंद्र एवं राज्य सरकारों में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने का अनुभव उनके वर्तमान दायित्व का महत्वपूर्ण आधार है।