राजीव कुमार (Rajiv Kumar ) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त
राजीव कुमार
| जन्म | 19 फरवरी 1960 |
|---|---|
| जन्म स्थान | हसनपुर, उत्तर प्रदेश, भारत |
| शिक्षा | दिल्ली विश्वविद्यालय |
| शैक्षिक योग्यता | बी.एससी., एलएलबी, पीजीडीएम, लोक नीति एवं स्थिरता में एम.ए. |
| व्यवसाय | भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी, पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त |
| आधिकारिक वेबसाइट | वेबसाइट |
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राजीव कुमार भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त और 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने बिहार-झारखंड कैडर में प्रशासनिक सेवाएँ देने के बाद केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालीं। उनके प्रशासनिक करियर में सामाजिक क्षेत्र, पर्यावरण एवं वन, मानव संसाधन, वित्त तथा बैंकिंग से जुड़े विभागों में कार्य का लंबा अनुभव रहा। वे भारत सरकार के वित्त सचिव तथा सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे।
राजीव कुमार ने 1 सितंबर 2020 को भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला। इसके बाद 15 मई 2022 को उन्होंने भारत के 25वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनका कार्यकाल 18 फरवरी 2025 को समाप्त हुआ। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें 25वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में दर्ज किया गया है।
जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
राजीव कुमार का जन्म 19 फरवरी 1960 को उत्तर प्रदेश के हसनपुर में हुआ। उन्होंने उच्च शिक्षा दिल्ली में प्राप्त की और आगे चलकर प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। सार्वजनिक जीवन में आने के बाद उनका अधिकांश कार्यकाल सरकारी प्रशासन और नीति-निर्माण से संबंधित जिम्मेदारियों में बीता।
उनके निजी पारिवारिक जीवन से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक आधिकारिक स्रोतों में सीमित रूप से उपलब्ध है। इसलिए उनके माता-पिता, पत्नी और बच्चों के संबंध में अपुष्ट जानकारी शामिल नहीं की जाती है।
शिक्षा
राजीव कुमार ने दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनकी शैक्षणिक योग्यता में बी.एससी., एलएलबी, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट तथा लोक नीति एवं स्थिरता में मास्टर डिग्री शामिल है।
उनकी शिक्षा का प्रभाव उनके प्रशासनिक करियर में भी दिखाई देता है। विशेष रूप से वित्त, बैंकिंग, सार्वजनिक नीति और प्रशासन से जुड़े क्षेत्रों में उनकी जिम्मेदारियों के दौरान उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उपयोगी रही।
भारतीय प्रशासनिक सेवा में करियर
राजीव कुमार ने 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी के रूप में अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत की। वे बिहार-झारखंड कैडर से संबंधित रहे और राज्य तथा केंद्र सरकार दोनों स्तरों पर विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनके तीन दशकों से अधिक लंबे प्रशासनिक करियर में कई मंत्रालयों और विभागों में काम करने का अवसर मिला।
केंद्र सरकार में उन्होंने जनजातीय कार्य मंत्रालय, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग तथा वित्त मंत्रालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियाँ संभालीं। वे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में स्थापना अधिकारी के रूप में भी कार्यरत रहे।
वित्तीय क्षेत्र में भूमिका
राजीव कुमार के प्रशासनिक करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वित्तीय क्षेत्र से जुड़ा रहा। उन्होंने वित्त मंत्रालय में व्यय विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया और बाद में वित्तीय सेवा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
वे अगस्त 2019 से फरवरी 2020 तक भारत सरकार के वित्त सचिव रहे। वित्त सचिव के रूप में उन्होंने बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और आर्थिक प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया। उनके कार्यकाल के दौरान वित्तीय क्षेत्र में संस्थागत सुधारों तथा बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सरकार के स्तर पर नीतिगत कार्य हुआ।
राजीव कुमार भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और नाबार्ड से संबंधित विभिन्न बोर्डों एवं समितियों में भी रहे। वे आर्थिक खुफिया परिषद, वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद और बैंक बोर्ड ब्यूरो जैसी संस्थागत व्यवस्थाओं से जुड़े रहे।
सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष
भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद राजीव कुमार ने सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वे फरवरी 2020 में आईएएस से सेवानिवृत्त हुए और इसके बाद सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड की जिम्मेदारी संभाली। 31 अगस्त 2020 तक उन्होंने इस पद पर कार्य किया। इसके बाद 1 सितंबर 2020 को वे भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में शामिल हुए।
निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यकाल
राजीव कुमार ने 1 सितंबर 2020 को भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उस समय वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा और निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा के साथ आयोग का हिस्सा बने।
निर्वाचन आयुक्त के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान बिहार विधानसभा चुनाव 2020 तथा 2021 में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों सहित विभिन्न चुनाव हुए। इसके बाद गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी आयोग के स्तर पर संचालित हुए।
भारत के 25वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त
15 मई 2022 को राजीव कुमार ने भारत के 25वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने सुशील चंद्रा का स्थान लिया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में उनका कार्यकाल 18 फरवरी 2025 तक रहा।
उनके कार्यकाल में भारत निर्वाचन आयोग ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनावों का संचालन किया। निर्वाचन आयोग के अनुसार उनके लगभग साढ़े चार वर्ष के पूरे कार्यकाल में आयोग ने 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव कराए। इस अवधि में 2022 के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव, 2024 के लोकसभा चुनाव तथा राज्यसभा के विभिन्न चुनाव भी शामिल रहे।
2024 लोकसभा चुनाव और निर्वाचन आयोग
राजीव कुमार के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यकाल में 2024 का लोकसभा चुनाव आयोजित हुआ। चुनाव सात चरणों में 19 अप्रैल से 1 जून 2024 तक हुआ। 6 जून 2024 को राजीव कुमार ने निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के साथ राष्ट्रपति को 18वीं लोकसभा के निर्वाचित सदस्यों की अधिसूचना की प्रति सौंपी।
इस चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया, चुनाव कार्यक्रम, राजनीतिक दलों के लिए दिशा-निर्देश और चुनाव परिणामों से संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी जिम्मेदारियाँ निभाईं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में राजीव कुमार आयोग की इस व्यवस्था का नेतृत्व कर रहे थे।
चुनाव सुधार और प्रशासनिक पहल
राजीव कुमार के निर्वाचन आयोग में कार्यकाल के दौरान चुनावी प्रक्रिया में तकनीक, प्रशासनिक क्षमता, मतदाता सेवाओं, संचार और संस्थागत व्यवस्थाओं से जुड़े कई क्षेत्रों में कार्य हुआ। निर्वाचन आयोग की 2025 की विदाई प्रेस विज्ञप्ति में उनके कार्यकाल को संरचनात्मक, तकनीकी, क्षमता विकास, संचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रशासनिक क्षेत्रों में विभिन्न पहलों से जोड़ा गया है।
उनके कार्यकाल में मतदाता पंजीकरण और चुनावी प्रक्रिया को अधिक तकनीक-आधारित बनाने से जुड़े प्रयास भी निर्वाचन आयोग के व्यापक कार्य का हिस्सा रहे। उनके कार्यकाल का सबसे प्रमुख चुनावी आयोजन 2024 का लोकसभा चुनाव रहा।
कार्यकाल का समापन
राजीव कुमार ने 18 फरवरी 2025 को भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से सेवानिवृत्ति ली। निर्वाचन आयोग ने 17 फरवरी 2025 को उनके सम्मान में विदाई कार्यक्रम आयोजित किया। आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उनका निर्वाचन आयोग में कुल कार्यकाल लगभग साढ़े चार वर्ष का रहा, जिसमें निर्वाचन आयुक्त और मुख्य निर्वाचन आयुक्त दोनों के रूप में उनकी जिम्मेदारियाँ शामिल थीं।
व्यक्तित्व और रुचियाँ
राजीव कुमार का सार्वजनिक जीवन मुख्य रूप से प्रशासन और सार्वजनिक नीति से जुड़ा रहा है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने सामाजिक क्षेत्र, पर्यावरण, मानव संसाधन, वित्त और बैंकिंग जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया। निर्वाचन आयोग में आने के बाद उनका कार्य चुनाव प्रशासन और संवैधानिक दायित्वों से जुड़ा रहा।
भारत सरकार की ओर से निर्वाचन आयुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति के समय जारी आधिकारिक जानकारी में उनकी रुचियों में ट्रेकिंग तथा भारतीय शास्त्रीय और भक्ति संगीत का उल्लेख किया गया था।
उपलब्धियाँ और प्रभाव
राजीव कुमार का प्रशासनिक करियर केंद्र सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों और संस्थाओं में लंबे अनुभव से जुड़ा रहा। वित्त सचिव के रूप में वित्तीय क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने निर्वाचन आयोग में संवैधानिक पद पर कार्य किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में उन्होंने 2022 से 2025 तक आयोग का नेतृत्व किया। इस अवधि में कई राज्य विधानसभा चुनावों के साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव तथा 2024 का लोकसभा चुनाव आयोजित हुआ। निर्वाचन आयोग के अनुसार उनके कार्यकाल में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव संपन्न हुए।
निष्कर्ष
राजीव कुमार 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी रहे, जिन्होंने बिहार-झारखंड कैडर में सेवा देने के साथ केंद्र सरकार में वित्त, सामाजिक क्षेत्र, पर्यावरण, मानव संसाधन और बैंकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वे भारत सरकार के वित्त सचिव और सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष जैसे पदों पर रहे।
1 सितंबर 2020 को निर्वाचन आयुक्त के रूप में नियुक्त होने के बाद उन्होंने 15 मई 2022 को भारत के 25वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला। उनके कार्यकाल में 2024 का लोकसभा चुनाव सहित विभिन्न महत्वपूर्ण चुनाव आयोजित हुए। 18 फरवरी 2025 को उनका कार्यकाल समाप्त हुआ।