अरुण गोयल (Arun Goel ) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, पूर्व निर्वाचन आयुक्त जीवन
अरुण गोयल
| जन्म | 7 दिसंबर 1962 |
|---|---|
| जन्म स्थान | पंजाब, भारत |
| निवास | ज़ाग्रेब, क्रोएशिया |
| शिक्षा | पंजाबी विश्वविद्यालय; चर्चिल कॉलेज, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय |
| शैक्षिक योग्यता | गणित में एम.एससी.; विकास अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर |
| व्यवसाय | भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी, राजनयिक, भारत के पूर्व निर्वाचन आयुक्त |
| पति/पत्नी | अनीता गोयल |
| बच्चे | दो पुत्र |
| आधिकारिक वेबसाइट | वेबसाइट |
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अरुण गोयल भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी, भारत के पूर्व निर्वाचन आयुक्त तथा वर्तमान में क्रोएशिया में भारत के राजदूत हैं। वे 1985 बैच के पंजाब कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी रहे हैं। प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने पंजाब सरकार और भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालीं। केंद्र सरकार में उन्होंने संस्कृति सचिव और भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। बाद में उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाली और मार्च 2024 में इस पद से इस्तीफा दिया।
सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उनका सार्वजनिक जीवन इसके बाद भी जारी रहा। सितंबर 2024 में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने उन्हें क्रोएशिया में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया। उन्होंने ज़ाग्रेब स्थित भारतीय दूतावास में राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला और 2026 में भी इस पद पर सक्रिय हैं।
जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
अरुण गोयल का जन्म 7 दिसंबर 1962 को पंजाब, भारत में हुआ। उनका प्रारंभिक जीवन और शिक्षा पंजाब से जुड़ी रही। बाद में उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने गणित तथा विकास अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अध्ययन किया।
उनके पारिवारिक जीवन के संबंध में भारतीय दूतावास की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार उनकी पत्नी का नाम अनीता गोयल है, जो कॉलेज में हिंदी की प्रोफेसर हैं। उनके दो पुत्र हैं। वर्तमान में राजदूत के रूप में अरुण गोयल अपनी पत्नी के साथ ज़ाग्रेब में रहते हैं।
शिक्षा
अरुण गोयल ने गणित में एम.एससी. की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड स्थित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के चर्चिल कॉलेज से विकास अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर शिक्षा हासिल की और इस पाठ्यक्रम में विशिष्ट योग्यता प्राप्त की।
गणित और विकास अर्थशास्त्र की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उनके आगे के प्रशासनिक करियर के लिए उपयोगी रही। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने आर्थिक नीति, औद्योगिक विकास, वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रबंधन तथा सार्वजनिक संस्थाओं से संबंधित विभिन्न जिम्मेदारियाँ संभालीं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा में करियर
अरुण गोयल ने 1985 बैच के पंजाब कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी के रूप में प्रशासनिक करियर शुरू किया। लगभग 37 वर्षों के प्रशासनिक करियर में उन्होंने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों स्तरों पर विभिन्न पदों पर कार्य किया।
पंजाब कैडर में कार्य करते हुए उन्होंने राज्य प्रशासन और विकास से जुड़े अनेक क्षेत्रों में जिम्मेदारियाँ निभाईं। बाद में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्हें दिल्ली विकास प्राधिकरण सहित कई महत्वपूर्ण संस्थाओं में वरिष्ठ पदों पर कार्य करने का अवसर मिला।
केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ
अरुण गोयल ने केंद्र सरकार में वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्हें दिल्ली विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।
वर्ष 2018 से 2019 के बीच उन्होंने संस्कृति मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया। इस पद पर रहते हुए भारतीय सांस्कृतिक विरासत, पुरातत्व, संग्रहालयों और कला से जुड़े प्रशासनिक कार्य उनके दायित्व में रहे। भारतीय दूतावास की वर्तमान आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार संस्कृति सचिव के रूप में उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण तथा विरासत स्थलों, संग्रहालयों और कला दीर्घाओं से जुड़े कार्यों का प्रबंधन किया।
भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव
अरुण गोयल ने दिसंबर 2019 से नवंबर 2022 तक भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया। इस दौरान उनका कार्यक्षेत्र देश के भारी उद्योग, ऑटोमोबाइल उद्योग और औद्योगिक नीतियों से संबंधित रहा।
भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव के रूप में उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों और ऑटोमोबाइल क्षेत्र से संबंधित सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भूमिका निभाई। भारतीय दूतावास की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार उनके कार्यकाल में ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना तथा एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाया गया।
निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यकाल
19 नवंबर 2022 को राष्ट्रपति ने अरुण गोयल को भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया। उन्होंने 21 नवंबर 2022 को निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उस समय वे पंजाब कैडर के 1985 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी थे।
निर्वाचन आयुक्त के रूप में उनका कार्यकाल भारत की चुनावी व्यवस्था से जुड़ा रहा। उन्होंने निर्वाचन आयोग के साथ विभिन्न चुनावी और प्रशासनिक गतिविधियों में भाग लिया। सितंबर 2023 में उन्होंने मालदीव के राष्ट्रपति चुनाव में भारत निर्वाचन आयोग के अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भी भाग लिया।
निर्वाचन आयुक्त पद से इस्तीफा
अरुण गोयल ने 9 मार्च 2024 को भारत निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त पद से इस्तीफा दिया। उसी दिन भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा 9 मार्च 2024 से प्रभावी रूप से स्वीकार किया।
उनका इस्तीफा 2024 के लोकसभा चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले हुआ था। उनके इस्तीफे के कारणों के संबंध में उस समय कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया था। इसलिए उनके इस्तीफे के पीछे किसी विशेष कारण को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
क्रोएशिया में भारत के राजदूत
सितंबर 2024 में विदेश मंत्रालय ने अरुण गोयल को क्रोएशिया में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया। इसके बाद उन्होंने ज़ाग्रेब स्थित भारतीय दूतावास में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला।
22 अक्टूबर 2024 को उन्होंने क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविच के समक्ष भारत के राजदूत के रूप में अपने परिचय-पत्र प्रस्तुत किए। इस अवसर पर उनकी पत्नी अनीता गोयल भी उनके साथ थीं।
राजदूत के रूप में उनका कार्य भारत और क्रोएशिया के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को आगे बढ़ाने से संबंधित है। 2026 में भी वे क्रोएशिया में भारत के राजदूत के रूप में सक्रिय हैं और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग से संबंधित बैठकों एवं कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं।
राजदूत के रूप में गतिविधियाँ
क्रोएशिया में भारत के राजदूत के रूप में अरुण गोयल भारत-क्रोएशिया संबंधों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। मई 2026 में उन्होंने क्रोएशिया के उपप्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री टोमिस्लाव कोरिच से मुलाकात की। इस बैठक में रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, जहाज निर्माण तथा बुनियादी ढाँचे एवं लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
उन्होंने 2026 में क्रोएशिया के विभिन्न शहरों और संस्थानों में भारत की संस्कृति, हिंदी, योग, शिक्षा तथा भारत-क्रोएशिया संबंधों से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग लिया। भारतीय दूतावास की गतिविधियों में उनकी विश्वविद्यालयों, स्थानीय प्रशासन और सांस्कृतिक संस्थानों के साथ बैठकों का उल्लेख मिलता है।
व्यक्तित्व और रुचियाँ
अरुण गोयल का सार्वजनिक जीवन प्रशासन, चुनाव प्रबंधन और अब राजनयिक सेवा से जुड़ा रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि गणित और विकास अर्थशास्त्र से संबंधित है, जबकि प्रशासनिक करियर में उन्होंने संस्कृति, भारी उद्योग, वित्त तथा शहरी प्रशासन जैसे विविध क्षेत्रों में कार्य किया।
भारतीय दूतावास की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार उन्हें यात्रा और साहसिक गतिविधियों में रुचि है। उनके शौकों में स्काइडाइविंग, स्कूबा डाइविंग, व्हाइट-वॉटर राफ्टिंग और माउंटेन जिपिंग जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।
उपलब्धियाँ और प्रभाव
अरुण गोयल का प्रशासनिक करियर लगभग चार दशकों में कई महत्वपूर्ण सरकारी जिम्मेदारियों तक फैला है। पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी के रूप में उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। केंद्र में संस्कृति सचिव और भारी उद्योग सचिव के रूप में उनका कार्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा।
निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में उनका कार्यकाल नवंबर 2022 से मार्च 2024 तक रहा। इसके बाद सितंबर 2024 में उन्हें क्रोएशिया में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया। वर्तमान में वे ज़ाग्रेब स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से भारत और क्रोएशिया के बीच राजनयिक संबंधों से जुड़े दायित्व निभा रहे हैं।
निष्कर्ष
अरुण गोयल 1985 बैच के पंजाब कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने प्रशासनिक सेवा के दौरान केंद्र सरकार में संस्कृति और भारी उद्योग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में सचिव के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त की जिम्मेदारी संभाली और 9 मार्च 2024 को इस पद से इस्तीफा दिया।
सितंबर 2024 में उन्हें क्रोएशिया में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया। अक्टूबर 2024 में उन्होंने क्रोएशिया के राष्ट्रपति के समक्ष अपने परिचय-पत्र प्रस्तुत किए। 2026 तक वे भारत के राजदूत के रूप में क्रोएशिया में सक्रिय हैं और दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े दायित्व निभा रहे हैं।