प्रेम चंद बैरवा का जीवन परिचय | Prem Chand Bairwa Biography
प्रेम चंद बैरवा (Prem Chand Bairwa) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री तथा दूदू विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे राजस्थान के पहले दलित उपमुख्यमंत्री के रूप में भी जाने जाते हैं। वर्ष 2023 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। वे लंबे समय से भाजपा संगठन, छात्र राजनीति और जनसेवा से जुड़े रहे हैं।
प्रेम चंद बैरवा
| जन्म | 31 अगस्त 1969 |
|---|---|
| जन्म स्थान | श्रीनिवासपुरा, मौजमाबाद, जयपुर, राजस्थान, भारत |
| निवास | जयपुर, राजस्थान, भारत |
| शिक्षा | राजस्थान विश्वविद्यालय |
| शैक्षिक योग्यता | एम.ए., एलएलबी, एम.फिल., पीएच.डी. |
| व्यवसाय | राजनेता, कृषक |
| पिता | रामचंद्र बैरवा |
| माता | सहारू देवी |
| पति/पत्नी | नारायणी देवी |
| बच्चे | 4 |
परिचय
प्रेम चंद बैरवा राजस्थान की राजनीति के प्रमुख दलित नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और धीरे-धीरे भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण स्थान बनाया।
वे ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा और अनुसूचित जाति समुदाय के उत्थान से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। भाजपा संगठन में लंबे समय तक कार्य करने के बाद वे राजस्थान सरकार में उपमुख्यमंत्री पद तक पहुँचे।
जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
प्रेम चंद बैरवा का जन्म 31 अगस्त 1969 को जयपुर जिले की मौजमाबाद तहसील के श्रीनिवासपुरा गाँव में हुआ था।
उनके पिता का नाम रामचंद्र बैरवा तथा माता का नाम सहारू देवी था। उनका परिवार कृषि कार्य से जुड़ा हुआ था और ग्रामीण परिवेश में उनका पालन-पोषण हुआ।
बचपन से ही उन्होंने सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना किया। इसी कारण वे समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं को निकटता से समझ पाए।
उनका विवाह नारायणी देवी से हुआ है। उनके एक पुत्र और तीन पुत्रियाँ हैं।
शिक्षा
प्रेम चंद बैरवा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जयपुर जिले में प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने एम.ए., एलएलबी, एम.फिल. तथा पीएच.डी. की उपाधियाँ अर्जित कीं। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियाँ उन्हें राजस्थान के शिक्षित राजनीतिक नेताओं में शामिल करती हैं।
राजनीतिक जीवन
प्रेम चंद बैरवा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की।
छात्र राजनीति के माध्यम से वे भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में आए और बाद में संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता बने। उन्होंने दूदू क्षेत्र में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्ष 2000 में वे जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
वर्ष 2013 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दूदू विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बाबूलाल नगर को 33,720 मतों के अंतर से हराकर पहली बार विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया।
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023
वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में प्रेम चंद बैरवा ने दूदू विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।
इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार बाबूलाल नगर से हुआ।
प्रेम चंद बैरवा को 1,16,561 मत प्राप्त हुए जबकि बाबूलाल नगर को 80,818 मत मिले। उन्होंने 35,743 मतों के अंतर से विजय प्राप्त कर दूसरी बार विधानसभा में प्रवेश किया।
इस जीत के बाद वे भाजपा नेतृत्व की नजर में प्रमुख नेताओं में शामिल हुए।
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री
दिसंबर 2023 में राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।
इसके साथ ही प्रेम चंद बैरवा और दिया कुमारी को राजस्थान का उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इस नियुक्ति के साथ प्रेम चंद बैरवा राजस्थान के पहले दलित उपमुख्यमंत्री बने।
उपमुख्यमंत्री के रूप में उन्हें उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, आयुर्वेद तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।
जनसेवा और सामाजिक योगदान
प्रेम चंद बैरवा लंबे समय से सामाजिक न्याय और शिक्षा से जुड़े विषयों पर कार्य करते रहे हैं।
वे अनुसूचित जाति समुदाय, ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों के सशक्तिकरण के समर्थक माने जाते हैं। शिक्षा और सामाजिक विकास को वे समाज परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं।
उपलब्धियाँ और प्रभाव
- राजस्थान के उपमुख्यमंत्री
- राजस्थान के पहले दलित उपमुख्यमंत्री
- दूदू विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक
- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ दलित नेताओं में शामिल
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीतिक जीवन की शुरुआत
- शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों के समर्थक
- भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका
व्यक्तित्व और विचार
प्रेम चंद बैरवा को सरल, मेहनती और संगठन आधारित राजनीति करने वाले नेता के रूप में जाना जाता है।
वे शिक्षा, सामाजिक समरसता, ग्रामीण विकास और गरीब वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता देने की बात करते हैं। उनकी राजनीतिक कार्यशैली जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और आम जनता से संवाद पर आधारित रही है।
निष्कर्ष
प्रेम चंद बैरवा राजस्थान की समकालीन राजनीति के महत्वपूर्ण नेताओं में से एक हैं। छात्र राजनीति से लेकर उपमुख्यमंत्री पद तक का उनका सफर संघर्ष, संगठन और जनसेवा का उदाहरण माना जाता है।
राजस्थान के पहले दलित उपमुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। सामाजिक न्याय, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनकी भूमिका भविष्य में भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।