Rani Bhatiyani Mata: Difference between revisions

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{{DISPLAYTITLE: रानी भटियाणी माता का जीवन परिचय | Rani Bhatiyani Mata Biography}}
रानी भटियाणी माता पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध लोकदेवी मानी जाती हैं। उन्हें श्रद्धापूर्वक '''माजीसा''' और '''भुआसा''' के नाम से भी पुकारा जाता है। राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में उनके प्रति गहरी आस्था देखी जाती है।
{{Biography infobox
| name = रानी भटियाणी माता
| image = रानी भटियाणी.png
| birth = ऐतिहासिक काल
| birthplace = जोगीदास, जैसलमेर, राजस्थान, भारत
| residence = जसोल धाम, बालोतरा, राजस्थान, भारत
| father = जोगराज सिंह भाटी
| mother =
| spouse = कल्याण सिंह राठौड़
| children = लाल सिंह
| website =
}}
'''रानी भटियाणी माता (Rani Bhatiyani Mata)''' पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध लोकदेवी मानी जाती हैं। उन्हें श्रद्धापूर्वक '''माजीसा''' और '''भुआसा''' के नाम से भी पुकारा जाता है। राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में उनके प्रति गहरी आस्था देखी जाती है।


रानी भटियाणी माता का प्रमुख मंदिर '''जसोल (जिला बाड़मेर, राजस्थान)''' में स्थित है, जिसे “जसोल धाम” के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान पश्चिमी राजस्थान का एक महत्वपूर्ण धार्मिक तीर्थ माना जाता है, जहाँ प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
'''रानी भटियाणी माता''' का प्रमुख मंदिर '''जसोल (जिला बाड़मेर, राजस्थान)''' में स्थित है, जिसे “जसोल धाम” के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान पश्चिमी राजस्थान का एक महत्वपूर्ण धार्मिक तीर्थ माना जाता है, जहाँ प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।


राजस्थान की लोकसंस्कृति में मंगणियार और ढोली समुदाय के लोकगायक उनकी महिमा का वर्णन लोकगीतों और भजनों के माध्यम से करते हैं, जिससे उनकी कथा लोकपरंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।
राजस्थान की लोकसंस्कृति में मंगणियार और ढोली समुदाय के लोकगायक उनकी महिमा का वर्णन लोकगीतों और भजनों के माध्यम से करते हैं, जिससे उनकी कथा लोकपरंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।
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* [[Pabuji Rathore|पाबूजी राठौड़]]
* [[Pabuji Rathore|पाबूजी राठौड़]]
* [[Karni Mata|करणी माता]]
* [[Karni Mata|करणी माता]]
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