श्रीचंद कृपलानी (Shrichand Kriplani ) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, राजनीतिक जीवन

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श्रीचंद कृपलानी

जन्म 18 जुलाई 1958
जन्म स्थान निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान
निवास निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान
शिक्षा राजकीय महाविद्यालय, चित्तौड़गढ़
शैक्षिक योग्यता बी.ए.
व्यवसाय राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता
पिता चेतूमल कृपलानी


श्रीचंद कृपलानी राजस्थान के वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं में शामिल हैं। वे चित्तौड़गढ़ जिले की निम्बाहेड़ा विधानसभा सीट से राजस्थान विधानसभा के सदस्य हैं। वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की। राजस्थान विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका नाम निम्बाहेड़ा क्षेत्र के विधायक के रूप में दर्ज है।

श्रीचंद कृपलानी का राजनीतिक जीवन कई दशकों तक फैला हुआ है। वे निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रहे हैं और चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र से भी दो बार सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वे राजस्थान सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

वर्ष 2023 में उन्होंने निम्बाहेड़ा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के उदयलाल आंजना को 3,845 मतों के अंतर से हराया। निर्वाचन आयोग के विस्तृत परिणाम के अनुसार श्रीचंद कृपलानी को 1,16,640 मत मिले, जबकि उदयलाल आंजना को 1,12,795 मत प्राप्त हुए।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

श्रीचंद कृपलानी का जन्म 18 जुलाई 1958 को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा में हुआ। उनके पिता का नाम चेतूमल कृपलानी है। उनके प्रारंभिक जीवन का संबंध निम्बाहेड़ा और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र से रहा है।

उनका पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन चित्तौड़गढ़ जिले से लंबे समय से जुड़ा रहा है। सार्वजनिक चुनावी हलफनामे में उनकी पत्नी का व्यवसाय व्यवसाय के रूप में दर्ज है, जबकि श्रीचंद कृपलानी का स्वयं का पेशा सामाजिक कार्यकर्ता, वेतन और पेंशन से संबंधित बताया गया है।

श्रीचंद कृपलानी ने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहते हुए निम्बाहेड़ा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। लंबे समय तक क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहने के कारण वे चित्तौड़गढ़ जिले के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल रहे हैं।

शिक्षा

श्रीचंद कृपलानी ने राजकीय महाविद्यालय, चित्तौड़गढ़ से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार उन्होंने वर्ष 1977-78 में बी.ए. की पढ़ाई पूरी की।

शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़ते हुए उन्होंने सक्रिय राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत की।

प्रारंभिक राजनीतिक जीवन

श्रीचंद कृपलानी का राजनीतिक जीवन निम्बाहेड़ा क्षेत्र से शुरू हुआ। भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठनात्मक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

वर्ष 1990 में वे पहली बार निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र से राजस्थान विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 1998 में उन्होंने फिर से निम्बाहेड़ा विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की। इस प्रकार शुरुआती दौर में ही उन्होंने विधानसभा राजनीति में अपनी मजबूत स्थिति स्थापित कर ली।

विधानसभा राजनीति के बाद उनका राजनीतिक दायरा और विस्तृत हुआ। वर्ष 1999 में वे चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। उन्होंने वर्ष 1999 से 2009 तक लगातार दो लोकसभा कार्यकाल पूरे किए।

राजनीतिक जीवन

श्रीचंद कृपलानी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तरों पर प्रतिनिधित्व किया है।

वर्ष 1990 में वे पहली बार निम्बाहेड़ा से विधायक बने। वर्ष 1998 में उन्होंने दोबारा विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद वर्ष 1999 में वे चित्तौड़गढ़ लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने चित्तौड़गढ़ से जीत दर्ज की और वर्ष 2009 तक संसद के सदस्य रहे।

वर्ष 2013 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से निम्बाहेड़ा विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वर्ष 2013 से 2018 के दौरान वे राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे।

राजस्थान में वर्ष 2016 में उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। उन्होंने राजस्थान सरकार में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री के रूप में कार्य किया। उनका मंत्री पद वर्ष 2016 से 2018 तक रहा।

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में निम्बाहेड़ा सीट पर कांग्रेस के उदयलाल आंजना ने श्रीचंद कृपलानी को पराजित किया। इस चुनाव में कृपलानी भाजपा प्रत्याशी के रूप में दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें 98,129 मत मिले, जबकि उदयलाल आंजना को 1,10,037 मत प्राप्त हुए।

इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें फिर से निम्बाहेड़ा से प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के उदयलाल आंजना को 3,845 मतों से हराकर विधानसभा में वापसी की। उन्हें कुल 1,16,640 मत प्राप्त हुए, जो कुल मतों का लगभग 49.10 प्रतिशत था।

वर्ष 2023 की जीत के साथ श्रीचंद कृपलानी राजस्थान विधानसभा की 16वीं विधानसभा के सदस्य बने। राजस्थान विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनके नाम के साथ निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र और भारतीय जनता पार्टी का उल्लेख है।

संघर्ष और महत्वपूर्ण घटनाएँ

श्रीचंद कृपलानी के राजनीतिक जीवन में जीत और हार दोनों महत्वपूर्ण पड़ाव रहे हैं। वे कई बार निम्बाहेड़ा से विधायक बने और चित्तौड़गढ़ से सांसद के रूप में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे।

वर्ष 2018 का विधानसभा चुनाव उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा, जब उन्हें कांग्रेस के उदयलाल आंजना से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता जारी रखी और वर्ष 2023 में फिर से भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे।

वर्ष 2023 में उनकी वापसी विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन प्रत्याशी उदयलाल आंजना को मामूली लेकिन निर्णायक अंतर से हराया। आधिकारिक चुनाव परिणाम के अनुसार दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच अंतर 3,845 मत रहा।

उनके राजनीतिक जीवन में मंत्री पद और सांसद के रूप में कार्य करना भी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रहा है। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री के रूप में उन्होंने राजस्थान सरकार में महत्वपूर्ण विभाग संभाला।

विधानसभा में भूमिका

वर्ष 2023 के बाद श्रीचंद कृपलानी राजस्थान विधानसभा में निम्बाहेड़ा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उपलब्ध विधानसभा कार्य संबंधी आंकड़ों के अनुसार उन्होंने सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी की है।

PRS Legislative Research के आंकड़ों के अनुसार 3 दिसंबर 2023 से 24 मार्च 2025 के बीच उनकी विधानसभा उपस्थिति 83.3 प्रतिशत रही। इसी अवधि में उन्होंने 28 प्रश्न पूछे और 25 बहसों में भाग लिया।

विधायक के रूप में उनकी भूमिका में अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित मुद्दों को विधानसभा में उठाना तथा राज्य स्तर के विषयों पर सदन की कार्यवाही में भाग लेना शामिल रहा है।

उपलब्धियाँ और प्रभाव

श्रीचंद कृपलानी की प्रमुख उपलब्धियों में निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक निर्वाचित होना और चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद बनना शामिल है।

उन्होंने वर्ष 1990, 1998 और 2013 में निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की और वर्ष 2023 में चौथी बार इस क्षेत्र से विधायक बने। वर्ष 2023 की जीत के साथ वे राजस्थान की 16वीं विधानसभा के सदस्य बने।

वर्ष 2016 से 2018 तक राजस्थान सरकार में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल भी उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

वर्ष 2023 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं था। उनकी कुल घोषित संपत्ति 5,67,23,575 रुपये और कुल देनदारियां 1,06,07,928 रुपये थीं।

व्यक्तित्व और विचार

श्रीचंद कृपलानी की राजनीतिक पहचान लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के संगठन और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र की राजनीति से जुड़ी रही है। उन्होंने छात्र अथवा स्थानीय स्तर की राजनीति से आगे बढ़ते हुए विधानसभा, लोकसभा और राज्य मंत्रिमंडल तक अपनी राजनीतिक भूमिका बनाई।

उनके सार्वजनिक जीवन में सामाजिक कार्य और राजनीतिक संगठन दोनों महत्वपूर्ण रहे हैं। वर्ष 2023 के चुनावी हलफनामे में उनका पेशा सामाजिक कार्यकर्ता, वेतनभोगी और पेंशनभोगी के रूप में दर्ज किया गया था।

उनकी राजनीतिक यात्रा में चुनावी परिस्थितियों के अनुसार चुनौतियों का सामना करते हुए दोबारा चुनाव जीतकर वापसी करना भी एक महत्वपूर्ण पहलू रहा है।

निष्कर्ष

श्रीचंद कृपलानी राजस्थान के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में शामिल हैं। उनका राजनीतिक जीवन निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र से शुरू होकर लोकसभा और राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल तक पहुंचा।

उन्होंने निम्बाहेड़ा से कई बार विधायक के रूप में और चित्तौड़गढ़ से सांसद के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2016 से 2018 तक वे राजस्थान सरकार में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री रहे।

वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद उन्होंने राजनीतिक सक्रियता जारी रखी और वर्ष 2023 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में निम्बाहेड़ा से दोबारा जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उन्होंने राजस्थान विधानसभा में अपनी राजनीतिक वापसी की और वर्तमान में निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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