डॉ. सुरेश धाकड़ (Dr. Suresh Dhakar ) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, राजनीतिक जीवन

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डॉ. सुरेश धाकड़

जन्म 3 मई 1978
जन्म स्थान अरनिया जोशी, चित्तौड़गढ़, राजस्थान, भारत
निवास चित्तौड़गढ़, राजस्थान
शिक्षा महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर; पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जालंधर
शैक्षिक योग्यता बी.एससी., एम.ए., एम.बी.ए.
व्यवसाय राजनेता, कृषक
पिता भैरूलाल
माता तुलसी देवी
पति/पत्नी कल्पना धाकड़
बच्चे 1 पुत्र और 1 पुत्री


डॉ. सुरेश धाकड़ भारतीय जनता पार्टी के राजनेता और राजस्थान की बेगूं विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बेगूं विधानसभा क्षेत्र संख्या 168 है और यह सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है। वर्तमान में यह सीट चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

डॉ. सुरेश धाकड़ का राजनीतिक जीवन राजस्थान की विधानसभा राजनीति, भारतीय जनता पार्टी के संगठन तथा सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। वे पहली बार वर्ष 2013 में बेगूं विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2018 में वे विधानसभा चुनाव हार गए, लेकिन वर्ष 2023 में उन्होंने दोबारा चुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की।

वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बेगूं से अपना उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस के राजेंद्र सिंह बिधूड़ी को बड़े अंतर से पराजित किया। आधिकारिक चुनाव परिणाम के अनुसार सुरेश धाकड़ को कुल 1,36,714 मत प्राप्त हुए, जबकि राजेंद्र सिंह बिधूड़ी को 86,053 मत मिले। इस प्रकार उन्होंने 50,661 मतों के अंतर से चुनाव जीता और कुल वैध मतों में 58.01 प्रतिशत मत प्राप्त किए।

डॉ. सुरेश धाकड़ की राजनीतिक पहचान के साथ उनकी शैक्षणिक और सामाजिक पृष्ठभूमि भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बी.एससी., एम.ए. और एम.बी.ए. की शिक्षा प्राप्त की है तथा लंबे समय तक कृषि से जुड़े रहे हैं। चुनावी हलफनामे में उनकी शिक्षा डॉक्टरेट के रूप में दर्ज है।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

डॉ. सुरेश धाकड़ का जन्म 3 मई 1978 को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के अरनिया जोशी गांव में हुआ। उनके पिता का नाम भैरूलाल और माता का नाम तुलसी देवी है। उनका प्रारंभिक जीवन चित्तौड़गढ़ जिले के ग्रामीण परिवेश में बीता।

उनका परिवार कृषि से जुड़ा रहा है और सुरेश धाकड़ का स्वयं का व्यवसाय भी कृषि बताया गया है। ग्रामीण क्षेत्र से संबंध होने के कारण स्थानीय स्तर पर किसानों और ग्रामीण समुदाय के बीच उनका संपर्क राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण आधार रहा है।

डॉ. सुरेश धाकड़ का विवाह कल्पना धाकड़ से हुआ। दोनों का विवाह 23 अप्रैल 2000 को हुआ था। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं।

उनका पारिवारिक जीवन और ग्रामीण पृष्ठभूमि उनके सार्वजनिक जीवन में भी दिखाई देती है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शिक्षा तथा सामाजिक गतिविधियों में भाग लिया और बाद में भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

शिक्षा

डॉ. सुरेश धाकड़ की शैक्षणिक पृष्ठभूमि उच्च शिक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर से बी.एससी. और एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जालंधर से एम.बी.ए. की उच्च शिक्षा प्राप्त की।

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में दाखिल चुनावी हलफनामे में उनकी शिक्षा डॉक्टरेट श्रेणी में दर्ज की गई थी। उपलब्ध सार्वजनिक चुनावी रिकॉर्ड में उनकी उच्च शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख मिलता है।

शिक्षा के साथ-साथ उनका जुड़ाव विद्यार्थी राजनीति और युवा संगठनों से भी रहा। इसी दौरान उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया, जिसने आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की नींव तैयार की।

प्रारंभिक सार्वजनिक जीवन

डॉ. सुरेश धाकड़ ने सक्रिय राजनीति में आने से पहले विद्यार्थी और युवा संगठनों के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में भागीदारी शुरू की। उपलब्ध विधानसभा संबंधी विवरणों के अनुसार वर्ष 1996 में वे विद्यार्थी परिषद से जुड़े और छात्रसंघ की गतिविधियों में सक्रिय रहे।

वर्ष 1999-2000 में वे महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चित्तौड़गढ़ के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद वर्ष 2000 में उन्होंने नेहरू युवा केंद्र, सुखवाड़ा के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। इसी अवधि में वे ग्रामीण छात्र संगठन तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थानीय गतिविधियों से भी जुड़े रहे।

युवा अवस्था में संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहने के कारण उन्हें स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक जीवन का अनुभव प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय राजनीतिक भूमिका निभानी शुरू की।

राजनीतिक जीवन

डॉ. सुरेश धाकड़ का राजनीतिक जीवन भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़ा रहा है। वर्ष 2006 में वे भाजपा के चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष बने। इससे पहले वे विभिन्न छात्र और युवा संगठनों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके थे।

सामाजिक क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही। वर्ष 2003 में वे अखिल भारतीय धाकड़ युवा संगठन के प्रदेश मंत्री बने। वर्ष 2006 में उन्होंने शहीद रूपाजी कृपाजी धाकड़ विकास संस्थान के जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य किया और वर्ष 2009 में अखिल भारतीय धाकड़ युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।

संगठनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के अनुभव के बाद वे विधानसभा चुनाव की राजनीति में आए। वर्ष 2013 में भाजपा ने उन्हें बेगूं विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने चुनाव जीतकर राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया।

2013 विधानसभा चुनाव

वर्ष 2013 का विधानसभा चुनाव डॉ. सुरेश धाकड़ के राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में उन्होंने बेगूं विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा।

इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के राजेंद्र सिंह बिधूड़ी से हुआ। आधिकारिक विधानसभा रिकॉर्ड के अनुसार सुरेश धाकड़ को 84,676 मत मिले, जबकि राजेंद्र सिंह बिधूड़ी को 63,378 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार उन्होंने 21,298 मतों के अंतर से चुनाव जीता।

वर्ष 2013 की इस जीत के साथ वे राजस्थान की 14वीं विधानसभा के सदस्य बने। विधानसभा सदस्य के रूप में उन्होंने बेगूं क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और विभिन्न विधानसभा समितियों में भी जिम्मेदारी निभाई।

विधानसभा में पहला कार्यकाल

वर्ष 2013 से 2018 तक डॉ. सुरेश धाकड़ राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे। विधानसभा के आधिकारिक विवरण के अनुसार वे 14वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य थे। इस अवधि में वे सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सदस्य भी रहे।

विधायक के रूप में उनका पहला कार्यकाल बेगूं क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा। उन्होंने विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और राजनीतिक संगठन में भी अपनी सक्रियता बनाए रखी।

2018 विधानसभा चुनाव

वर्ष 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने डॉ. सुरेश धाकड़ को एक बार फिर बेगूं विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया।

इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के राजेंद्र सिंह बिधूड़ी से हुआ। इस बार कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। राजेंद्र सिंह बिधूड़ी को 99,259 मत मिले, जबकि सुरेश धाकड़ को 97,598 मत प्राप्त हुए। चुनाव का अंतर केवल 1,661 मत रहा।

वर्ष 2018 की हार के बावजूद सुरेश धाकड़ ने राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां जारी रखीं। उन्होंने क्षेत्र में अपना राजनीतिक संपर्क बनाए रखा और भाजपा संगठन से जुड़े रहे।

2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव

वर्ष 2023 में भारतीय जनता पार्टी ने डॉ. सुरेश धाकड़ को फिर से बेगूं विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। इस बार उन्होंने कांग्रेस के राजेंद्र सिंह बिधूड़ी के खिलाफ चुनाव लड़ा।

चुनाव परिणाम में सुरेश धाकड़ को 1,36,714 मत मिले और राजेंद्र सिंह बिधूड़ी को 86,053 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार भाजपा उम्मीदवार ने 50,661 मतों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की। सुरेश धाकड़ को कुल वैध मतों का 58.01 प्रतिशत मिला।

यह जीत उनके राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण वापसी थी। वर्ष 2018 में मामूली अंतर से चुनाव हारने के बाद वर्ष 2023 में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से हराकर बेगूं सीट दोबारा भाजपा के पक्ष में कर दी।

बेगूं विधायक के रूप में भूमिका

वर्तमान में डॉ. सुरेश धाकड़ बेगूं विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। बेगूं चित्तौड़गढ़ जिले का महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र है और इसका विधानसभा क्रमांक 168 है।

क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में कृषि और ग्रामीण गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए सिंचाई, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसानों से जुड़े विषय और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख जनसरोकारों में शामिल हैं।

विधायक के रूप में डॉ. सुरेश धाकड़ क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा और प्रशासनिक स्तर पर उठाते रहे हैं। वर्ष 2026 में भी उन्होंने बेगूं विधानसभा क्षेत्र में जनसुनवाई की और स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी।

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में भूमिका

डॉ. सुरेश धाकड़ का सार्वजनिक जीवन केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।

अखिल भारतीय धाकड़ युवा संगठन में प्रदेश मंत्री और बाद में अखिल भारतीय धाकड़ युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका रही। सामाजिक संस्था से जुड़े पदों पर भी उन्होंने कार्य किया।

इन संगठनात्मक जिम्मेदारियों ने उन्हें सामाजिक समुदायों और युवा वर्ग के बीच काम करने का अवसर दिया। बाद में यही अनुभव उनके राजनीतिक जीवन में भी उपयोगी रहा।

भाजपा संगठन में भूमिका

डॉ. सुरेश धाकड़ ने भारतीय जनता पार्टी के संगठन में भी विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्ष 2006 में वे भाजपा के चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष बने। यह जिम्मेदारी उनके सक्रिय राजनीतिक संगठनात्मक जीवन में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

जिला संगठन की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने पार्टी के स्थानीय संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय का काम किया। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता।

वर्ष 2018 की चुनावी हार के बाद भी उनका भाजपा से राजनीतिक संबंध बना रहा और वर्ष 2023 में पार्टी ने उन्हें दोबारा बेगूं से उम्मीदवार बनाया।

राजनीतिक विचार और सार्वजनिक भूमिका

डॉ. सुरेश धाकड़ की राजनीतिक पहचान भारतीय जनता पार्टी के नेता के रूप में है। उनकी सार्वजनिक भूमिका में संगठनात्मक गतिविधियों, ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े मुद्दों और स्थानीय जनसमस्याओं का प्रमुख स्थान रहा है।

वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के एक विवादित बयान की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि इस तरह की बयानबाजी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि प्रभावित होती है और मुख्यमंत्री को मंत्री को ऐसी बयानबाजी से बचने की सलाह देनी चाहिए।

यह घटना उनके राजनीतिक जीवन में उस समय चर्चा में रही जब उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक वरिष्ठ मंत्री के बयान पर सार्वजनिक असहमति व्यक्त की।

संपत्ति और चुनावी हलफनामा

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के समय दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार डॉ. सुरेश धाकड़ की कुल घोषित संपत्ति 4,03,50,423 रुपये थी। इसमें लगभग 1.40 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 2.64 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल थी। उनकी घोषित देनदारियां लगभग 1.05 करोड़ रुपये थीं।

हलफनामे के अनुसार उनका पेशा कृषि, वेतन और पेंशन से संबंधित था। वर्ष 2023 के चुनावी रिकॉर्ड में उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं होने की जानकारी दी गई थी।

उनकी वित्तीय जानकारी चुनाव के समय दाखिल किए गए हलफनामे पर आधारित है और इसमें समय के साथ परिवर्तन संभव है।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • वर्ष 2013 में पहली बार बेगूं विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए।
  • वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र सिंह बिधूड़ी को 21,298 मतों से हराया।
  • 14वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे।
  • राजस्थान विधानसभा की सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सदस्य रहे।
  • वर्ष 2018 में बेगूं से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।
  • वर्ष 2023 में बेगूं से दोबारा विधायक निर्वाचित हुए।
  • वर्ष 2023 में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र सिंह बिधूड़ी को 50,661 मतों से पराजित किया।
  • 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
  • भाजपा के चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
  • अखिल भारतीय धाकड़ युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
  • छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
  • विभिन्न सामाजिक और युवा संगठनों में जिम्मेदारी निभाई।

व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि

डॉ. सुरेश धाकड़ की सार्वजनिक पहचान भाजपा के अनुभवी क्षेत्रीय नेता और बेगूं विधायक के रूप में बनी है। उनका राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति, युवा संगठन, सामाजिक गतिविधियों और भाजपा संगठन से होते हुए विधानसभा तक पहुंचा।

उनकी राजनीतिक यात्रा में चुनावी जीत और हार दोनों शामिल हैं। वर्ष 2013 में उन्होंने बड़ी जीत के साथ विधानसभा में प्रवेश किया, जबकि वर्ष 2018 में वे केवल 1,661 मतों के अंतर से चुनाव हार गए। इसके बाद वर्ष 2023 में उन्होंने 50,661 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल करके मजबूत वापसी की।

ग्रामीण और कृषि पृष्ठभूमि से आने के कारण उनकी राजनीति में क्षेत्रीय और ग्रामीण मुद्दों का महत्व रहा है। संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक गतिविधियों ने भी उनकी सार्वजनिक छवि को आकार दिया है।

वर्तमान में वे बेगूं विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और चित्तौड़गढ़ जिले की राजनीति में भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।

निष्कर्ष

डॉ. सुरेश धाकड़ भारतीय जनता पार्टी के राजनेता और राजस्थान की बेगूं विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका जन्म 3 मई 1978 को चित्तौड़गढ़ जिले के अरनिया जोशी गांव में हुआ। उन्होंने बी.एससी., एम.ए. और एम.बी.ए. की शिक्षा प्राप्त की तथा कृषि से भी जुड़े रहे हैं।

उनका सार्वजनिक जीवन विद्यार्थी और युवा संगठनों से शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और वर्ष 2006 में चित्तौड़गढ़ भाजपा के जिला अध्यक्ष बने। वर्ष 2013 में उन्होंने पहली बार बेगूं विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया।

वर्ष 2018 में वे मामूली अंतर से चुनाव हार गए, लेकिन वर्ष 2023 में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र सिंह बिधूड़ी को 50,661 मतों के बड़े अंतर से हराकर विधानसभा में वापसी की। उन्हें 1,36,714 मत प्राप्त हुए और वे 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।

वर्तमान में डॉ. सुरेश धाकड़ बेगूं विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनका राजनीतिक जीवन भाजपा संगठन, सामाजिक गतिविधियों, छात्र एवं युवा राजनीति तथा राजस्थान विधानसभा की राजनीति से जुड़ा हुआ है।

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