जगत सिंह (MLA Jagat Singh) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, राजनीतिक जीवन

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जगत सिंह

जन्म 28 अगस्त 1968
जन्म स्थान दिल्ली, भारत
निवास भरतपुर, राजस्थान
शिक्षा यूनिवर्सिटी ऑफ बकिंघम, यूनाइटेड किंगडम
शैक्षिक योग्यता बी.बी.ए.
व्यवसाय राजनेता, कृषि
पिता नटवर सिंह
माता हेमिंदर कौर
पति/पत्नी सौम्या सिंह
बच्चे 2


जगत सिंह (Jagat Singh) भारतीय जनता पार्टी के राजनेता और राजस्थान की नदबई विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक हैं। वे 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य हैं और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर नदबई विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए। राजस्थान विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका नाम नदबई से भाजपा विधायक के रूप में दर्ज है।

Jagat Singh Biography, Jagat Singh MLA, Jagat Singh BJP, Nadbai MLA, Nadbai Assembly, Nadbai Rajasthan और Rajasthan BJP MLA उनके राजनीतिक जीवन से जुड़े प्रमुख English SEO keywords हैं। उनका राजनीतिक जीवन राजस्थान की अलग-अलग विधानसभा सीटों से जुड़ा रहा है। वे इससे पहले लक्ष्मणगढ़ और कामां विधानसभा क्षेत्रों से भी विधायक रह चुके हैं।

जगत सिंह पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री नटवर सिंह के पुत्र हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से जुड़े अलग-अलग चरण रहे हैं। वर्ष 2003 में वे कांग्रेस के टिकट पर लक्ष्मणगढ़ से विधायक बने, वर्ष 2013 में भाजपा के टिकट पर कामां से विधानसभा पहुंचे और वर्ष 2023 में भाजपा के टिकट पर नदबई से चुनाव जीतकर राजस्थान विधानसभा में लौटे।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

जगत सिंह का जन्म 28 अगस्त 1968 को दिल्ली में हुआ। उनके पिता नटवर सिंह भारत के पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। उनकी माता हेमिंदर कौर पटियाला के पूर्व राजपरिवार से संबंधित थीं। इस प्रकार जगत सिंह का पारिवारिक जीवन राजनीति के साथ-साथ ऐतिहासिक राजपरिवार की पृष्ठभूमि से भी जुड़ा रहा है।

उनका पारिवारिक संबंध राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र से भी रहा है। नटवर सिंह स्वयं भरतपुर क्षेत्र की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे थे। इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि का प्रभाव जगत सिंह के सार्वजनिक जीवन पर भी पड़ा।

जगत सिंह के पारिवारिक जीवन में उनकी पत्नी सौम्या सिंह और दो बच्चों का उल्लेख सार्वजनिक विवरणों में मिलता है। वर्ष 2023 के नदबई विधानसभा चुनाव के दौरान नामांकन प्रक्रिया में उनकी पत्नी सौम्या सिंह और पुत्र कुंवर हिम्मत सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे थे।

शिक्षा

जगत सिंह ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ बकिंघम से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 1990 में बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी BBA की डिग्री पूरी की। चुनावी विवरण में उनकी शैक्षणिक योग्यता Graduate Professional के रूप में दर्ज है।

उनकी शिक्षा का संबंध व्यवसाय प्रशासन से रहा है। विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

Jagat Singh Education से जुड़े प्रमुख विवरणों में BBA और University of Buckingham का उल्लेख मिलता है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उनके सार्वजनिक जीवन की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

प्रारंभिक जीवन

जगत सिंह का प्रारंभिक जीवन राजनीतिक और सामाजिक वातावरण में बीता। उनके पिता नटवर सिंह राष्ट्रीय स्तर के राजनेता रहे और भारत सरकार में विदेश मंत्री के पद पर भी कार्य कर चुके थे। इस कारण जगत सिंह का बचपन और युवावस्था देश की राजनीति तथा सार्वजनिक जीवन के निकट रही।

बाद में उन्होंने राजस्थान में सक्रिय राजनीति को अपना क्षेत्र बनाया। उनका राजनीतिक सफर केवल एक पार्टी तक सीमित नहीं रहा बल्कि अलग-अलग समय में उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और बहुजन समाज पार्टी से जुड़कर चुनावी राजनीति की।

उनका पहला प्रमुख विधानसभा चुनाव वर्ष 2003 में लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में रहा। इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की और पहली बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।

राजनीतिक जीवन

जगत सिंह का सक्रिय राजनीतिक जीवन वर्ष 2003 में राजस्थान विधानसभा चुनाव के साथ प्रमुख रूप से सामने आया। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वे वर्ष 2003 से 2008 तक राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे।

वर्ष 2013 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का रुख किया और भाजपा के टिकट पर भरतपुर जिले की कामां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की और दूसरी बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने। वे वर्ष 2013 से 2018 तक कामां से भाजपा विधायक रहे।

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें कामां सीट से टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थामा और वर्ष 2019 में रामगढ़ विधानसभा सीट से BSP प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। इस उपचुनाव में वे तीसरे स्थान पर रहे।

राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बाद वे दोबारा भाजपा में सक्रिय हुए और वर्ष 2023 में भाजपा ने उन्हें नदबई विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की और तीसरी बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।

लक्ष्मणगढ़ से विधायक

वर्ष 2003 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में जगत सिंह ने लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उन्हें 40,095 मत प्राप्त हुए और वे विजयी रहे। इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया।

वर्ष 2003 से 2008 तक वे लक्ष्मणगढ़ से विधायक रहे। यह उनके राजनीतिक जीवन का पहला विधानसभा कार्यकाल था। इस दौर में उनकी पहचान पूर्व केंद्रीय मंत्री नटवर सिंह के पुत्र और राजस्थान के युवा राजनेता के रूप में भी बनी।

कामां से भाजपा विधायक

वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में जगत सिंह ने भाजपा के टिकट पर भरतपुर जिले की कामां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और राजस्थान विधानसभा में दूसरी बार पहुंचे।

कामां विधानसभा क्षेत्र में उनका कार्यकाल वर्ष 2013 से 2018 तक रहा। इस दौरान वे भाजपा विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। कामां से उनकी राजनीतिक पहचान राजस्थान भाजपा के प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं में बनी।

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा टिकट नहीं दिए जाने के बाद उन्होंने पार्टी से अलग रास्ता अपनाया। यह उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ था।

रामगढ़ विधानसभा चुनाव 2019

वर्ष 2019 में जगत सिंह ने अलवर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। रामगढ़ सीट पर वर्ष 2018 में मतदान इसलिए नहीं हो पाया था क्योंकि BSP प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद जनवरी 2019 में इस सीट पर उपचुनाव कराया गया।

BSP ने जगत सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया। चुनाव में कांग्रेस की शफिया जुबैर विजयी रहीं, जबकि भाजपा के सुखवंत सिंह दूसरे स्थान पर रहे। जगत सिंह को 24,856 मत मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे।

रामगढ़ चुनाव के दौरान जगत सिंह के कुछ राजनीतिक बयानों को लेकर भी विवाद हुआ। उनके बयान को लेकर समाचार माध्यमों में व्यापक चर्चा हुई। इस चुनाव के बाद भी उन्होंने सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियां जारी रखीं।

भाजपा में वापसी और संगठनात्मक भूमिका

रामगढ़ चुनाव के बाद जगत सिंह का राजनीतिक सफर फिर भाजपा की ओर बढ़ा। वर्ष 2021 में उन्हें भरतपुर जिले के जिला प्रमुख के रूप में चुना गया। वे 6 सितंबर 2021 से 17 दिसंबर 2023 तक इस पद पर रहे। उनके जिला प्रमुख कार्यकाल के दौरान भरतपुर जिले की स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रियता बनी रही।

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने उन्हें नदबई विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्होंने पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

उनका संगठनात्मक अनुभव और पूर्व में विधायक रहना वर्ष 2023 में भाजपा के लिए उपयोगी राजनीतिक पृष्ठभूमि माना गया। नदबई से चुनाव जीतने के बाद वे फिर राजस्थान विधानसभा में पहुंचे।

नदबई विधायक के रूप में कार्य

Nadbai MLA के रूप में जगत सिंह 3 दिसंबर 2023 से राजस्थान विधानसभा के सदस्य हैं। वे नदबई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुए। राजस्थान विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें नदबई से भाजपा विधायक और 12वीं, 14वीं तथा 16वीं विधानसभा के सदस्य के रूप में दर्ज किया गया है।

नदबई विधानसभा क्षेत्र भरतपुर जिले में स्थित है और भरतपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। वर्ष 2023 में इस सीट पर भाजपा ने जगत सिंह को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने कांग्रेस के जोगेंद्र सिंह अवाना को पराजित किया।

वर्तमान विधानसभा में उनका कार्यकाल उनके तीसरे विधानसभा कार्यकाल के रूप में महत्वपूर्ण है। इससे पहले वे दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से विधायक रह चुके हैं।

2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव

वर्ष 2023 का Rajasthan Assembly Election जगत सिंह के राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण वापसी का चुनाव रहा। भाजपा ने उन्हें नदबई विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया। चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के जोगेंद्र सिंह अवाना से हुआ।

चुनाव परिणाम के अनुसार जगत सिंह को 1,01,497 मत मिले, जबकि जोगेंद्र सिंह अवाना को 86,425 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार जगत सिंह ने 15,072 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल मतों का लगभग 50.16 प्रतिशत प्राप्त हुआ।

इस जीत के साथ जगत सिंह तीसरी बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने। इससे पहले वे लक्ष्मणगढ़ और कामां विधानसभा क्षेत्रों से विधायक रह चुके थे।

नदबई से उनकी जीत ने उन्हें राजस्थान की राजनीति में एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया जिसने अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद विधानसभा में वापसी की।

विधानसभा में सक्रियता

16वीं राजस्थान विधानसभा में जगत सिंह नदबई विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उपलब्ध विधानसभा गतिविधि के आंकड़ों के अनुसार 3 दिसंबर 2023 से 24 मार्च 2025 तक उनकी सदन में उपस्थिति 26.9 प्रतिशत रही। इसी अवधि में उन्होंने 3 प्रश्न पूछे और किसी बहस में भाग नहीं लिया।

विधानसभा में उनकी वर्तमान भूमिका नदबई क्षेत्र के विधायक के रूप में है। उनके विधायी कार्यकाल में क्षेत्रीय विकास, स्थानीय प्रशासन और जनता से जुड़े विषयों पर उनकी भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण रहेगी।

राजनीतिक दलों से संबंध

जगत सिंह का राजनीतिक जीवन विभिन्न दलों से जुड़ा रहा है। उन्होंने वर्ष 2003 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2013 में वे भाजपा में शामिल होकर कामां से विधायक बने। वर्ष 2018 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी और वर्ष 2019 में BSP के टिकट पर रामगढ़ से चुनाव लड़ा।

इसके बाद वे भाजपा में वापस आए और वर्ष 2023 में भाजपा ने उन्हें नदबई से प्रत्याशी बनाया। वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं और राजस्थान विधानसभा में BJP MLA के रूप में कार्य कर रहे हैं।

यह राजनीतिक यात्रा उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है क्योंकि इसमें राजस्थान की अलग-अलग विधानसभा सीटों और विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ उनका अनुभव शामिल रहा है।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • वर्ष 2003 में कांग्रेस के टिकट पर लक्ष्मणगढ़ विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए।
  • वर्ष 2003 से 2008 तक राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे।
  • वर्ष 2013 में भाजपा के टिकट पर कामां विधानसभा सीट से विधायक बने।
  • वर्ष 2013 से 2018 तक कामां से भाजपा विधायक रहे।
  • वर्ष 2019 में रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में BSP प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा।
  • वर्ष 2021 से 2023 तक भरतपुर जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया।
  • वर्ष 2023 में भाजपा के टिकट पर नदबई विधानसभा सीट से चुनाव जीता।
  • 1,01,497 मत प्राप्त कर नदबई विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की।
  • कांग्रेस प्रत्याशी जोगेंद्र सिंह अवाना को 15,072 मतों से हराया।
  • 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
  • तीन अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से विधायक रहने का राजनीतिक अनुभव प्राप्त किया।

व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि

जगत सिंह की सार्वजनिक पहचान राजस्थान की राजनीति में एक ऐसे नेता के रूप में रही है जिनका राजनीतिक जीवन कई चरणों से गुजरा है। उनके पिता नटवर सिंह राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, लेकिन जगत सिंह ने राजस्थान की विधानसभा राजनीति में अलग-अलग क्षेत्रों से अपनी राजनीतिक पहचान बनाई।

उनका राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ, भाजपा में विधायक बने, बाद में BSP के टिकट पर चुनाव लड़ा और अंततः भाजपा में लौटकर नदबई से विधानसभा चुनाव जीता। इस वजह से उनकी राजनीतिक यात्रा में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलते हैं।

नदबई से वर्ष 2023 में भाजपा के टिकट पर जीत के बाद उनकी पहचान फिर से BJP MLA और Nadbai MLA के रूप में स्थापित हुई। राजस्थान विधानसभा के रिकॉर्ड में वे वर्तमान में नदबई के भाजपा विधायक के रूप में दर्ज हैं।

उनकी राजनीतिक पहचान में पूर्व विधायक, जिला प्रमुख और वर्तमान विधायक के रूप में काम करने का अनुभव शामिल है। साथ ही उनका संबंध राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र और नटवर सिंह के राजनीतिक परिवार से भी रहा है।

निष्कर्ष

जगत सिंह भारतीय जनता पार्टी के राजनेता और राजस्थान की नदबई विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक हैं। उनका जन्म 28 अगस्त 1968 को दिल्ली में हुआ। वे पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री नटवर सिंह के पुत्र हैं और उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बकिंघम से BBA की शिक्षा प्राप्त की है।

उनका राजनीतिक जीवन वर्ष 2003 में कांग्रेस के टिकट पर लक्ष्मणगढ़ से विधायक बनने के साथ शुरू हुआ। वर्ष 2013 में वे भाजपा के टिकट पर कामां से विधायक बने। वर्ष 2018 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़कर वर्ष 2019 में BSP के टिकट पर रामगढ़ उपचुनाव लड़ा, लेकिन वे तीसरे स्थान पर रहे।

इसके बाद वे भाजपा में वापस आए और वर्ष 2021 से 2023 तक भरतपुर जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया। वर्ष 2023 में भाजपा ने उन्हें नदबई विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस के जोगेंद्र सिंह अवाना को 15,072 मतों के अंतर से हराकर तीसरी बार राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया।

वर्तमान में Jagat Singh BJP और Nadbai MLA के रूप में राजस्थान विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनका राजनीतिक अनुभव लक्ष्मणगढ़, कामां और नदबई जैसे अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ा रहा है।

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