उपदेश राणा (Updesh Rana) का जीवन परिचय, शिक्षा, सामाजिक गतिविधियां और हिंदू संगठन से जुड़ाव




उपदेश राणा उत्तर प्रदेश के मेरठ से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक वक्ता और हिंदू संगठनों से जुड़े सार्वजनिक व्यक्ति हैं। वह सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक विषयों पर अपनी गतिविधियों तथा विचारों के कारण चर्चा में रहे हैं। उपदेश राणा का नाम विशेष रूप से विश्व सनातन संघ तथा बाद में सनातन संघ चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ा रहा है। सार्वजनिक स्रोतों के अनुसार वह सनातन संघ चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और धार्मिक कार्यक्रमों, गौसेवा, रक्तदान, सामाजिक सहायता तथा हिंदू धर्म से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं।

उपदेश राणा

जन्म स्थान मेरठ, उत्तर प्रदेश, भारत
शिक्षा उत्तर प्रदेश बोर्ड; चौधरी चरण सिंह मेरठ कॉलेज
व्यवसाय सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक वक्ता
पिता सुभाष राणा


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जन्म और प्रारंभिक जीवन

उपदेश राणा का जन्म उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में हुआ। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उनका बचपन भी मेरठ में ही बीता। उनके पिता का नाम सुभाष राणा बताया गया है। राजस्थान हाईकोर्ट के 2023 के एक आदेश में भी उपदेश राणा को सुभाष राणा का पुत्र तथा मेरठ जिले के निवासी के रूप में दर्ज किया गया है।

सनातन संघ चैरिटेबल ट्रस्ट की वेबसाइट के अनुसार उपदेश राणा की प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश बोर्ड से हुई। इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह मेरठ कॉलेज में प्रवेश लिया। विद्यार्थी जीवन के दौरान ही उनकी रुचि हिंदू धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों की ओर बढ़ी। ट्रस्ट की वेबसाइट के अनुसार वे महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, वीर पृथ्वीराज चौहान, भगत सिंह और सुखदेव को अपने आदर्शों में शामिल मानते हैं।

शिक्षा और प्रारंभिक गतिविधियां

उपदेश राणा ने उत्तर प्रदेश बोर्ड से शिक्षा प्राप्त करने के बाद चौधरी चरण सिंह मेरठ कॉलेज में अध्ययन किया। उनकी शिक्षा से संबंधित उपलब्ध स्रोतों में किसी विशिष्ट डिग्री या विषय का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता, इसलिए उनकी शैक्षिक योग्यता के बारे में अतिरिक्त विवरण देना उचित नहीं होगा।

ट्रस्ट की आधिकारिक जानकारी के अनुसार कॉलेज के समय से ही वे हिंदू समाज से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने लगे थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे मुंबई गए, जहां उन्होंने बॉलीवुड में करियर बनाने का प्रयास किया।

सामाजिक और धार्मिक गतिविधियां

उपदेश राणा की सार्वजनिक पहचान मुख्य रूप से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से बनी। वे विश्व सनातन संघ से जुड़े रहे और विभिन्न अवसरों पर स्वयं को संगठन के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी के रूप में प्रस्तुत करते रहे। 2017 में राजस्थान में शंभूलाल रेगर के समर्थन में प्रस्तावित रैली के मामले में उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर समाचारों में आया।

बाद के वर्षों में उनका संबंध सनातन संघ चैरिटेबल ट्रस्ट से रहा। ट्रस्ट की वेबसाइट के अनुसार संस्था रक्तदान, गौसेवा, गरीब परिवारों की सहायता, धार्मिक एवं राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन, धार्मिक विषयों पर व्याख्यान, ग्रामीण क्षेत्रों में सहायता तथा शिक्षा से जुड़े कार्य करती है। वेबसाइट उपदेश राणा को संस्था का अध्यक्ष बताती है।

सनातन संघ से जुड़े कार्यक्रमों में सामाजिक सेवा से संबंधित गतिविधियों का भी उल्लेख मिलता है। उदाहरण के लिए, संस्था की वेबसाइट पर 2023 में देवरिया के एक अस्पताल में एक गर्भवती महिला को रक्त उपलब्ध कराने से संबंधित सेवा कार्य का विवरण प्रकाशित किया गया था।

विश्व सनातन संघ से जुड़ाव

उपदेश राणा का नाम विश्व सनातन संघ के साथ विशेष रूप से 2010 के दशक के उत्तरार्ध में चर्चा में आया। 2019 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में उन्हें संगठन के राष्ट्रीय सचिव के रूप में बताया गया था। उस समय वे सोशल मीडिया पर हिंदू संगठनों और हिंदू पहचान से जुड़े विषयों को लेकर सक्रिय थे।

उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण उनके समर्थकों का एक समूह भी विकसित हुआ। 2020 में इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया कि उपदेश राणा से जुड़े सोशल मीडिया समूहों में बड़ी संख्या में लोग सक्रिय थे। इसी अवधि में उनका नाम नागरिकता संशोधन कानून और शाहीन बाग से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के संदर्भ में भी सामने आया। उन्होंने शाहीन बाग के विरोध-प्रदर्शन के जवाब में अलग प्रदर्शन आयोजित करने की बात कही थी।

राजस्थान में गिरफ्तारी और शंभूलाल रेगर प्रकरण

दिसंबर 2017 में उपदेश राणा राजस्थान के राजसमंद में शंभूलाल रेगर के समर्थन में रैली करने तथा उसके परिवार से मिलने की योजना के कारण चर्चा में आए। शंभूलाल रेगर पर मोहम्मद अफराजुल की हत्या का आरोप था। राजस्थान पुलिस ने उपदेश राणा को जयपुर के बगरू क्षेत्र से गिरफ्तार किया था, जब वह राजसमंद जाने की योजना बना रहे थे।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उन्हें भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत एहतियाती हिरासत में लिया गया था। उस समय प्रशासन ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए थे।

2020 में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा

जनवरी 2020 में दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया क्षेत्र में गोली चलाने वाले एक किशोर की सोशल मीडिया गतिविधियों में उपदेश राणा का नाम सामने आया। उस युवक ने सोशल मीडिया पर उपदेश राणा के अनुयायियों की संख्या का उल्लेख करते हुए उनके बारे में पोस्ट की थी। उपदेश राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह उस युवक को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे और यह भी कहा था कि वह हिंसा का समर्थन नहीं करते।

इसी घटना के बाद राष्ट्रीय मीडिया में उपदेश राणा की सोशल मीडिया गतिविधियों, उनके संगठनों से जुड़े कार्य और उनके राजनीतिक-सामाजिक विचारों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इंडियन एक्सप्रेस ने उस समय उन्हें हिंदू संगठनों से जुड़े एक सक्रिय व्यक्ति के रूप में रिपोर्ट किया था।

धार्मिक वक्ता और सार्वजनिक गतिविधियां

उपदेश राणा स्वयं को धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा व्यक्ति बताते रहे हैं। 2024 में गुजरात हाईकोर्ट के समक्ष दायर याचिका में उनके वकील ने उन्हें धार्मिक वक्ता बताया था, जो विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों और भाषणों के लिए आमंत्रित किए जाते हैं। अदालत के आदेश में यह भी दर्ज है कि उन्हें गुजरात सरकार की ओर से उस समय X श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध थी।

अदालत ने सुरक्षा बढ़ाने की उनकी मांग पर यह भी दर्ज किया कि सुरक्षा की समीक्षा संबंधित सरकारी प्राधिकरणों द्वारा खतरे की धारणा के आधार पर की जानी चाहिए। अदालत ने उस याचिका में Z+ सुरक्षा देने का निर्देश नहीं दिया।

सुरक्षा और धमकियों से जुड़े मामले

2024 में उपदेश राणा का नाम कथित हत्या की साजिश से जुड़े एक मामले में भी सामने आया। गुजरात पुलिस के अनुसार, एक आरोपी पर उपदेश राणा को निशाना बनाने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा था। इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया कि पुलिस के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर उपदेश राणा को धमकी दी थी और उनके खिलाफ हत्या की साजिश की जांच की गई थी।

इसी मामले में राजस्थान के बीकानेर से एक अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी की भी रिपोर्ट सामने आई। पुलिस के अनुसार जांच में उपदेश राणा को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई थी। ये सभी बातें पुलिस और जांच एजेंसियों के दावों के रूप में रिपोर्ट हुई थीं और इन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

2024 में गुजरात हाईकोर्ट के समक्ष एक अलग याचिका में उपदेश राणा ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। अदालत ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर उनकी X श्रेणी की सुरक्षा को पर्याप्त माना और Z+ सुरक्षा देने का निर्देश देने से इनकार किया।

सनातन संघ चैरिटेबल ट्रस्ट

उपदेश राणा सनातन संघ चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। संस्था के अनुसार इसका गठन 25 नवंबर 2021 को हुआ था और इसका उद्देश्य धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की सहायता करना है। संस्था की गतिविधियों में रक्तदान, गौसेवा, धार्मिक कार्यक्रम, ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों की सहायता, शिक्षा से जुड़े कार्य और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम शामिल बताए गए हैं।

ट्रस्ट की गतिविधियों के माध्यम से उपदेश राणा की सार्वजनिक भूमिका केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही, बल्कि धार्मिक कार्यक्रमों और सामाजिक सेवा से जुड़े आयोजनों में भी दिखाई देती है।

सामाजिक और वैचारिक पहचान

उपदेश राणा की सार्वजनिक पहचान हिंदू धार्मिक और राष्ट्रवादी विचारों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में बनी है। उनके संगठनात्मक कार्यों और सार्वजनिक बयानों में हिंदू धर्म, गौसेवा, धार्मिक पहचान तथा सामाजिक मुद्दों से संबंधित विषय प्रमुख रहे हैं। विभिन्न समाचार रिपोर्टों में उनके विचारों और गतिविधियों को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण भी सामने आए हैं। इसलिए उनकी वैचारिक पहचान का वर्णन उनके सार्वजनिक संगठनों, गतिविधियों और दर्ज बयानों के आधार पर करना अधिक उपयुक्त है।

सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता के कारण वे अपने समर्थकों के बीच एक प्रभावशाली सार्वजनिक चेहरा बने। साथ ही, उनकी कुछ गतिविधियों को लेकर मीडिया और नागरिक समाज संगठनों की ओर से आलोचनाएं भी प्रकाशित हुई हैं। इन आलोचनाओं और आरोपों को संबंधित स्रोतों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

निष्कर्ष

उपदेश राणा मेरठ, उत्तर प्रदेश से जुड़े ऐसे सार्वजनिक व्यक्ति हैं जिनकी पहचान धार्मिक गतिविधियों, हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यों और सोशल मीडिया सक्रियता के कारण बनी। विश्व सनातन संघ से जुड़ाव, राजस्थान में 2017 की गिरफ्तारी, 2020 में शाहीन बाग और जामिया से जुड़े घटनाक्रमों के दौरान चर्चा तथा बाद में सनातन संघ चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में उनकी गतिविधियों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। 2024 में सुरक्षा और कथित धमकियों से जुड़े मामलों में भी उनका नाम सामने आया।

स्रोत

  • सनातन संघ चैरिटेबल ट्रस्ट — उपदेश राणा का परिचय एवं संस्था की गतिविधियां
  • इंडियन एक्सप्रेस — उपदेश राणा और 2017 राजस्थान प्रकरण
  • इंडिया टुडे — राजसमंद प्रकरण में उपदेश राणा की गिरफ्तारी
  • इंडियन एक्सप्रेस — 2020 में उपदेश राणा, जामिया और शाहीन बाग से संबंधित रिपोर्ट
  • गुजरात हाईकोर्ट — Updesh Rana बनाम Union of India, 12 जून 2024
  • इंडियन एक्सप्रेस — 2024 में उपदेश राणा को कथित धमकियों से संबंधित रिपोर्ट
  • इंडिया टुडे — 2024 में उपदेश राणा को निशाना बनाने की कथित साजिश से संबंधित रिपोर्ट