रेखा गुप्ता

Rekha Gupta भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। फरवरी 2025 में उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ा। छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाली रेखा गुप्ता लंबे समय तक संगठनात्मक राजनीति, महिला नेतृत्व और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी रहीं।

रेखा गुप्ता

दिल्ली की राजनीति में उनकी पहचान एक जमीनी नेता, संगठनकर्ता और महिला सशक्तिकरण की समर्थक के रूप में रही है। भाजपा की दिल्ली में लगभग 27 वर्षों बाद सत्ता में वापसी के साथ उनका मुख्यमंत्री बनना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।


जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

रेखा गुप्ता का जन्म 19 जुलाई 1974 को हरियाणा के जींद जिले के जुलाना कस्बे में हुआ था। उनका जन्म नाम रेखा जिंदल था। उनके पिता जय भगवान जिंदल भारतीय स्टेट बैंक में शाखा प्रबंधक थे, जबकि उनकी माता उर्मिला जिंदल गृहिणी थीं। बचपन में ही उनका परिवार दिल्ली आ गया और उन्होंने राजधानी के पितमपुरा क्षेत्र में परवरिश पाई।

मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली रेखा गुप्ता ने दिल्ली के शहरी जीवन और आम नागरिकों की समस्याओं को करीब से देखा। यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक व्यक्तित्व का हिस्सा बना।

उनके पति का नाम मनीष गुप्ता है और दंपति के दो बच्चे हैं। सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने के बावजूद उन्होंने अपने पारिवारिक जीवन को अपेक्षाकृत निजी रखा है।


शिक्षा

रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से बी.कॉम की पढ़ाई की। छात्र जीवन के दौरान ही उनकी रुचि राजनीति और छात्र संगठनों में बढ़ने लगी थी। बाद में उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।

दिल्ली विश्वविद्यालय के दिनों में ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ीं। यही वह दौर था जब उन्होंने छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की और नेतृत्व क्षमता विकसित की।


राजनीतिक जीवन

रेखा गुप्ता का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वर्ष 1992 में वे ABVP से जुड़ीं और धीरे-धीरे दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा बन गईं। 1996-97 में वे दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की अध्यक्ष चुनी गईं। यह उपलब्धि उनके राजनीतिक करियर का महत्वपूर्ण मोड़ मानी जाती है।

इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में लगातार काम किया। वे भाजपा महिला मोर्चा और दिल्ली भाजपा संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहीं। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी से लेकर दिल्ली इकाई तक उनकी सक्रिय भूमिका रही।

रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम की राजनीति में भी काम किया और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता दिखाई। वे लंबे समय तक दिल्ली भाजपा की जमीनी राजनीति का हिस्सा रहीं।

उन्होंने 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में शालीमार बाग सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार बंदना कुमारी से हार गईं। हालांकि उन्होंने राजनीतिक सक्रियता नहीं छोड़ी। लगातार क्षेत्रीय संपर्क और संगठनात्मक काम के कारण वे शालीमार बाग क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक चेहरा बनी रहीं।

2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने शालीमार बाग सीट से जीत दर्ज की और पहली बार विधायक बनीं। भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद पार्टी ने उन्हें विधायक दल का नेता चुना और 20 फरवरी 2025 को उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

उनके मुख्यमंत्री बनने के साथ ही वे दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनीं। उनसे पहले सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी इस पद पर रह चुकी हैं।


संघर्ष और महत्वपूर्ण घटनाएँ

रेखा गुप्ता का राजनीतिक जीवन आसान नहीं रहा। छात्र राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति तक पहुंचने में उन्हें कई वर्षों तक संगठन में काम करना पड़ा।

दिल्ली विधानसभा चुनावों में शुरुआती हार उनके राजनीतिक करियर के कठिन दौरों में शामिल रही। 2015 और 2020 में हार के बावजूद उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति से दूरी नहीं बनाई। भाजपा संगठन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने महिला मुद्दों, स्थानीय प्रशासन और नागरिक समस्याओं पर लगातार काम जारी रखा।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनकी सबसे बड़ी ताकत संगठनात्मक अनुभव और जमीनी संपर्क रहे हैं। भाजपा नेतृत्व ने भी उन्हें एक ऐसे चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया जो महिला नेतृत्व और संगठनात्मक संतुलन दोनों का प्रतिनिधित्व करता है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने महिला सशक्तिकरण, प्रशासनिक पारदर्शिता और विकास आधारित राजनीति को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया।


उपलब्धियाँ और प्रभाव

रेखा गुप्ता की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि दिल्ली की मुख्यमंत्री बनना मानी जाती है। भाजपा के लिए भी उनका नेतृत्व महत्वपूर्ण रहा क्योंकि पार्टी ने करीब 27 साल बाद दिल्ली में सरकार बनाई।

वे भाजपा की उन महिला नेताओं में गिनी जाती हैं जिन्होंने छात्र राजनीति से लेकर मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया। दिल्ली भाजपा संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में भी उनकी भूमिका का उल्लेख किया जाता है।

उनकी लोकप्रियता खासकर महिला कार्यकर्ताओं और मध्यमवर्गीय मतदाताओं के बीच देखी गई है। पार्टी के भीतर उन्हें अनुशासित और संगठन केंद्रित नेता माना जाता है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद वे महिला आरक्षण और महिला नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर मुखर रही हैं। 2026 में उन्होंने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के समर्थन में सार्वजनिक बयान भी दिए।


व्यक्तित्व और विचार

रेखा गुप्ता की राजनीतिक शैली अपेक्षाकृत शांत लेकिन संगठनात्मक मानी जाती है। वे अक्सर जमीनी राजनीति, महिला सुरक्षा, शिक्षा और शहरी विकास जैसे मुद्दों पर बात करती हैं।

उनके सार्वजनिक भाषणों में “काम ही पहचान” जैसी पंक्तियों का उल्लेख मिलता है, जो उनकी राजनीतिक छवि को विकास और कार्य आधारित नेतृत्व से जोड़ता है।

राजनीतिक रूप से वे भाजपा की विचारधारा से जुड़ी रही हैं और लंबे समय तक पार्टी संगठन के साथ काम करने के कारण उन्हें एक मजबूत संगठनकर्ता के रूप में देखा जाता है।


निष्कर्ष

रेखा गुप्ता का जीवन भारतीय राजनीति में संगठनात्मक संघर्ष और निरंतरता का उदाहरण माना जा सकता है। छात्र राजनीति से शुरुआत करके दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने तक का उनका सफर कई वर्षों की राजनीतिक सक्रियता, संगठनात्मक अनुभव और सार्वजनिक जीवन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

दिल्ली की राजनीति में उनका कार्यकाल आने वाले वर्षों में किस दिशा में जाता है, यह भविष्य तय करेगा, लेकिन इतना स्पष्ट है कि उन्होंने भाजपा की दिल्ली इकाई में महिला नेतृत्व को एक नई पहचान दी है।


स्रोत

  1. Wikipedia – Rekha Gupta
  2. दिल्ली सरकार की आधिकारिक वेबसाइट
  3. Rekha Gupta Official Website
  4. Hindustan Times
  5. NDTV
  6. The Hindu
  7. Times of India
  8. DD News
  9. MyNeta Election Affidavit

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