प्रमोद जैन 'भाया' (Pramod Jain Bhaya) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, राजनीतिक जीवन




प्रमोद जैन 'भाया' (Pramod Jain Bhaya) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ राजनेता हैं और राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे राजस्थान सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं और हाड़ौती क्षेत्र की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 2025 के अंता विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज कर राजस्थान विधानसभा में वापसी की।

प्रमोद जैन 'भाया'

जन्म 8 दिसंबर 1965
जन्म स्थान अंता, बारां, राजस्थान, भारत
निवास बारां, राजस्थान
शिक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश, भोपाल
शैक्षिक योग्यता 12वीं पास
व्यवसाय राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, कृषक
पिता उम्मेद मल
पति/पत्नी उर्मिला जैन भाया

Pramod Jain Bhaya Biography, Pramod Jain Bhaya MLA, Pramod Jain Bhaya INC, Anta MLA, Anta Assembly Constituency और Baran Politics उनके राजनीतिक जीवन से जुड़े प्रमुख English SEO keywords हैं। उनका राजनीतिक जीवन बारां जिले और अंता विधानसभा क्षेत्र के साथ लंबे समय से जुड़ा हुआ है।

प्रमोद जैन भाया ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय राजनीति से की और वर्ष 1995 से 2003 तक बारां जिला परिषद के सदस्य रहे। इसके बाद वर्ष 2000 से 2003 तक उन्होंने बारां के उप जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया। वर्ष 2003 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

प्रमोद जैन भाया का जन्म 8 दिसंबर 1965 को राजस्थान के अंता क्षेत्र में हुआ। उनके पिता का नाम उम्मेद मल है। उनका राजनीतिक जीवन बारां जिले से जुड़ा हुआ है और वे लंबे समय से हाड़ौती क्षेत्र में कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।

उनका विवाह उर्मिला जैन भाया से हुआ है। उपलब्ध चुनावी विवरण में उनकी पत्नी को सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों, व्यवसाय, कृषि, किराये तथा ब्याज से जुड़े कार्यों से संबंधित बताया गया है।

प्रमोद जैन भाया का सार्वजनिक जीवन राजनीति और सामाजिक कार्यों के साथ-साथ कृषि एवं अन्य आय के स्रोतों से भी जुड़ा रहा है। चुनावी हलफनामों में उनके पेशे और आय के स्रोतों के रूप में राजनीतिक एवं सामाजिक कार्य, कृषि, किराया और ब्याज का उल्लेख किया गया है।

शिक्षा

प्रमोद जैन भाया की शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है। उन्होंने वर्ष 1981 में माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश, भोपाल से उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा पूरी की। चुनावी हलफनामे में उनकी शिक्षा 12वीं पास दर्ज है।

राजनीतिक जीवन में प्रवेश के बाद उनकी प्राथमिक सक्रियता सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों से जुड़ी रही। स्थानीय निकायों में कार्य करने के बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति में प्रवेश किया और आगे चलकर राजस्थान सरकार में मंत्री पद तक पहुंचे।

प्रारंभिक जीवन

प्रमोद जैन भाया का प्रारंभिक सार्वजनिक जीवन बारां जिले की स्थानीय राजनीति से शुरू हुआ। वर्ष 1995 में वे बारां जिला परिषद के सदस्य बने। वर्ष 2003 तक उन्होंने जिला परिषद में कार्य किया। इसके बाद वर्ष 2000 से 2003 तक वे बारां के उप जिला प्रमुख रहे।

स्थानीय निकायों में काम करने के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़े विषयों को समझने का अवसर प्राप्त किया। इसी राजनीतिक अनुभव के आधार पर उन्होंने विधानसभा चुनाव की राजनीति में प्रवेश किया।

वर्ष 2003 में उन्होंने बारां-अटरू विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर पहली बार राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया। यह उनकी सक्रिय चुनावी राजनीति का महत्वपूर्ण चरण था।

राजनीतिक जीवन

प्रमोद जैन भाया का राजनीतिक जीवन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ा हुआ है। हालांकि वर्ष 2003 में उन्होंने बारां-अटरू विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया था। बाद में वे कांग्रेस के साथ सक्रिय रूप से जुड़े और अंता विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए।

वर्ष 2003 से 2008 तक वे बारां-अटरू विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। वर्ष 2008 में उन्होंने अंता विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बनाया गया।

वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के प्रभु लाल सैनी से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने अंता सीट पर वापसी की और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर फिर विधानसभा पहुंचे।

वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद वे अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। उन्होंने खान विभाग तथा गौपालन विभाग सहित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

अंता विधायक के रूप में कार्य

Anta MLA के रूप में प्रमोद जैन भाया का राजनीतिक संबंध बारां जिले की अंता विधानसभा सीट से लंबे समय से रहा है। वर्ष 2008 में पहली बार अंता से विधायक बनने के बाद वे वर्ष 2013 को छोड़कर आगे के चुनावों में इस क्षेत्र से लगातार राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे।

वर्ष 2018 में उन्होंने अंता से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार उन्हें 97,160 मत मिले और उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को पराजित किया।

2018 से 2023 तक राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहते हुए वे मंत्री भी रहे। मंत्री के रूप में उनकी विधानसभा में सामान्य विधायक गतिविधियों से संबंधित कई आंकड़े उपलब्ध नहीं होते, क्योंकि मंत्रियों की भूमिका सरकार का प्रतिनिधित्व करने से जुड़ी होती है।

वर्ष 2023 में वे अंता विधानसभा चुनाव हार गए। भाजपा के कंवर लाल मीणा ने उन्हें 5,861 मतों के अंतर से पराजित किया। इसके बाद 2025 में अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ और कांग्रेस ने प्रमोद जैन भाया को अपना उम्मीदवार बनाया।

2025 अंता विधानसभा उपचुनाव

वर्ष 2025 का अंता विधानसभा उपचुनाव प्रमोद जैन भाया के राजनीतिक जीवन में विशेष महत्व रखता है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने दोबारा चुनावी राजनीति में वापसी की।

अंता सीट पर उपचुनाव भाजपा विधायक कंवर लाल मीणा की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद हुआ। कांग्रेस ने प्रमोद जैन भाया को अपना उम्मीदवार बनाया। चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की और फिर से राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।

14 नवंबर 2025 को घोषित परिणाम में प्रमोद जैन भाया को विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ वे राजस्थान विधानसभा में फिर से लौटे। चुनावी रिकॉर्ड में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार और विजेता के रूप में दर्ज किया गया है।

2025 के उपचुनाव के बाद उनका विधानसभा कार्यकाल 14 नवंबर 2025 से दर्ज है और वे वर्तमान में अंता विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

मंत्री के रूप में कार्य

प्रमोद जैन भाया राजस्थान सरकार में कई बार मंत्री पद पर रहे हैं। वर्ष 2009 से 2011 के बीच उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वर्ष 2018 में वे अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।

2018 से 2023 के बीच उन्होंने खान विभाग और गौपालन विभाग से संबंधित जिम्मेदारियां संभालीं। मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल राजस्थान सरकार के विभिन्न प्रशासनिक और नीतिगत विभागों से जुड़ा रहा।

मंत्री पद के दौरान अंता और बारां क्षेत्र की राजनीति में उनकी सक्रियता बनी रही। क्षेत्रीय राजनीति में उनकी पहचान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में होती रही और वे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी नेताओं में भी गिने जाते रहे हैं।

चुनावी राजनीतिक यात्रा

प्रमोद जैन भाया की चुनावी यात्रा कई विधानसभा चुनावों तक फैली हुई है। वर्ष 2003 में उन्होंने बारां-अटरू से जीत हासिल कर विधानसभा में प्रवेश किया। वर्ष 2008 में उन्होंने अंता से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की।

वर्ष 2013 में भाजपा के प्रभु लाल सैनी से उन्हें हार मिली। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने अंता सीट पर फिर जीत हासिल की। वर्ष 2023 में भाजपा के कंवर लाल मीणा ने उन्हें पराजित किया।

वर्ष 2025 में अंता सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में दोबारा जीत दर्ज की। इस तरह वे अंता विधानसभा क्षेत्र से कई बार निर्वाचित होने वाले प्रमुख कांग्रेस नेताओं में शामिल हैं।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • बारां जिला परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया।
  • बारां के उप जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया।
  • वर्ष 2003 में पहली बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
  • वर्ष 2008 में अंता विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए।
  • वर्ष 2009 से 2011 के बीच राज्य सरकार में मंत्री पद संभाला।
  • वर्ष 2018 में अंता से दोबारा विधायक निर्वाचित हुए।
  • वर्ष 2018 से 2023 तक राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे।
  • खान विभाग और गौपालन विभाग की जिम्मेदारी संभाली।
  • वर्ष 2025 के अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की।
  • वर्ष 2025 में राजस्थान विधानसभा में दोबारा वापसी की।
  • वर्तमान में Anta MLA के रूप में अंता विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि

प्रमोद जैन भाया की सार्वजनिक पहचान राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और हाड़ौती क्षेत्र के प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों में होती है। स्थानीय निकायों से राजनीतिक जीवन शुरू करने के बाद उन्होंने विधानसभा और राज्य सरकार में मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

उनकी राजनीतिक यात्रा में कई चुनावी उतार-चढ़ाव रहे हैं। वर्ष 2003 में पहली विधानसभा जीत, वर्ष 2008 में अंता से जीत, वर्ष 2013 की हार, वर्ष 2018 की वापसी, वर्ष 2023 की हार और वर्ष 2025 के उपचुनाव में फिर जीत उनकी चुनावी यात्रा के प्रमुख चरण हैं।

वर्ष 2025 में अंता विधानसभा उपचुनाव जीतकर उन्होंने चुनावी राजनीति में अपनी वापसी दर्ज की। उनकी राजनीतिक पहचान वर्तमान में कांग्रेस, अंता विधानसभा क्षेत्र और बारां जिले से विशेष रूप से जुड़ी हुई है।

निष्कर्ष

प्रमोद जैन 'भाया' भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ राजनेता और राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका राजनीतिक जीवन स्थानीय निकायों से शुरू होकर राजस्थान विधानसभा और राज्य सरकार में मंत्री पद तक पहुंचा।

वर्ष 2003 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीतिक पहचान बनाई। वर्ष 2008 में वे अंता से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने और बाद में राज्य सरकार में मंत्री पद संभाला। वर्ष 2013 में चुनाव हारने के बाद वर्ष 2018 में उन्होंने अंता से फिर जीत हासिल की और अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।

वर्ष 2023 में भाजपा के कंवर लाल मीणा से हारने के बाद वर्ष 2025 के अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने उन्हें फिर उम्मीदवार बनाया। उन्होंने उपचुनाव जीतकर राजस्थान विधानसभा में वापसी की।

Pramod Jain Bhaya Biography का प्रमुख आधार उनका बारां और अंता क्षेत्र से राजनीतिक संबंध, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ाव, कई बार विधायक चुना जाना और राजस्थान सरकार में मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल है। वर्तमान में वे Anta MLA के रूप में राजस्थान विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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