मल्लिकार्जुन खड़गे का जीवन परिचय | Mallikarjun Kharge Biography


मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा में विपक्ष के नेता तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे भारतीय राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं और पाँच दशकों से अधिक समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे

जन्म 21 जुलाई 1942
जन्म स्थान वरवट्टी, बीदर जिला (वर्तमान कलबुर्गी), कर्नाटक, भारत
निवास नई दिल्ली, भारत
शिक्षा गवर्नमेंट कॉलेज, गुलबर्गा; सेठ शंकरलाल लाहोटी लॉ कॉलेज
शैक्षिक योग्यता बी.ए., एल.एल.बी.
व्यवसाय राजनेता, अधिवक्ता
पिता मापन्ना खड़गे
माता साबव्वा खड़गे
पति/पत्नी राधाबाई खड़गे
बच्चे 5


परिचय

मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्र जीवन से ही सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू कर दिया था। वे कर्नाटक की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक पहुँचे और विधायक, मंत्री, लोकसभा सांसद, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा सदस्य, विपक्ष के नेता तथा कांग्रेस अध्यक्ष जैसे अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।

वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले ऐसे अध्यक्ष हैं जिन्हें गांधी परिवार से बाहर रहते हुए पूर्ण संगठनात्मक चुनाव के माध्यम से चुना गया।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

मल्लिकार्जुन खड़गे का जन्म 21 जुलाई 1942 को कर्नाटक के बीदर जिले के वरवट्टी गाँव में हुआ था।

उनके पिता का नाम मापन्ना खड़गे तथा माता का नाम साबव्वा खड़गे था।

बाल्यावस्था में ही उन्हें अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने शिक्षा और सामाजिक सेवा के माध्यम से अपनी पहचान बनाई।

उनका विवाह राधाबाई खड़गे से हुआ। उनके पाँच बच्चे हैं, जिनमें कांग्रेस नेता प्रियंक खड़गे भी शामिल हैं।

शिक्षा

मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कर्नाटक में प्राप्त की।

इसके बाद उन्होंने गुलबर्गा (वर्तमान कलबुर्गी) के गवर्नमेंट कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की तथा सेठ शंकरलाल लाहोटी लॉ कॉलेज से एल.एल.बी. की डिग्री हासिल की।

शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने अधिवक्ता के रूप में भी कार्य किया।

सामाजिक और श्रमिक आंदोलन से जुड़ाव

वकालत के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे श्रमिक संगठनों और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े।

उन्होंने मजदूरों, कर्मचारियों तथा वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए कार्य किया, जिससे उन्हें जनसमर्थन प्राप्त हुआ।

राजनीति में प्रवेश

मल्लिकार्जुन खड़गे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े और सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

वर्ष 1972 में वे पहली बार कर्नाटक विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए।

इसके बाद उन्होंने लगातार कई चुनावों में विजय प्राप्त की और राज्य राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।

विधायक और मंत्री के रूप में कार्य

मल्लिकार्जुन खड़गे नौ बार कर्नाटक विधानसभा के सदस्य रहे।

उन्होंने कर्नाटक सरकार में विभिन्न विभागों के मंत्री के रूप में कार्य किया, जिनमें ग्रामीण विकास, राजस्व, परिवहन और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल थे।

वे कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे।

लोकसभा सांसद

वर्ष 2009 में मल्लिकार्जुन खड़गे पहली बार गुलबर्गा लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए।

इसके बाद वे 2014 में पुनः लोकसभा पहुँचे और राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।

केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।

वे श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा बाद में रेल मंत्री बने।

केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने श्रमिक कल्याण, रोजगार और रेलवे विकास से जुड़े विषयों पर कार्य किया।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे को कांग्रेस संसदीय दल का नेता बनाया गया।

उन्होंने संसद में विपक्ष की ओर से सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरा और कांग्रेस की आवाज़ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

राज्यसभा सदस्य और विपक्ष के नेता

वर्ष 2020 में मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए।

बाद में उन्हें राज्यसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया।

इस पद पर रहते हुए उन्होंने संसद में अनेक राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष का नेतृत्व किया।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष

वर्ष 2022 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव आयोजित हुए।

इन चुनावों में मल्लिकार्जुन खड़गे ने विजय प्राप्त की और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।

उन्होंने 26 अक्टूबर 2022 को कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया।

राजनीतिक विचारधारा

मल्लिकार्जुन खड़गे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हुए हैं।

वे सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, लोकतांत्रिक मूल्यों, श्रमिक अधिकारों तथा समावेशी विकास के समर्थक माने जाते हैं।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • राज्यसभा में विपक्ष के नेता
  • पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री
  • पूर्व केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री
  • पूर्व लोकसभा सांसद
  • नौ बार कर्नाटक विधानसभा सदस्य
  • कर्नाटक सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री

व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि

मल्लिकार्जुन खड़गे को अनुभवी, शांत और संगठनात्मक राजनीति में दक्ष नेता माना जाता है।

वे भारतीय राजनीति में अपनी सादगी, संसदीय अनुभव और लंबे सार्वजनिक जीवन के लिए जाने जाते हैं।

निष्कर्ष

मल्लिकार्जुन खड़गे भारतीय राजनीति के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। कर्नाटक की क्षेत्रीय राजनीति से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस अध्यक्ष बनने तक उनका राजनीतिक सफर लोकतांत्रिक राजनीति में दीर्घकालिक समर्पण का उदाहरण माना जाता है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ नेता के रूप में वे राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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