दीपचंद खैरिया (Deepchand Khairiya) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, राजनीतिक जीवन
दीपचंद खैरिया (Deepchand Khairiya) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ राजनेता तथा राजस्थान के किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र (Kishangarh Bas Assembly Constituency) से वर्तमान विधायक हैं। वे वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुए और 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने। राजस्थान के आधिकारिक चुनाव परिणाम के अनुसार उन्होंने किशनगढ़बास सीट पर 91,916 मत प्राप्त कर भारतीय जनता पार्टी के रामहेत सिंह यादव को 10,496 मतों के अंतर से पराजित किया।
दीपचंद खैरिया
| जन्म | 15 जनवरी 1941 |
|---|---|
| जन्म स्थान | जटका गांव, किशनगढ़बास, अलवर, राजस्थान, भारत |
| निवास | किशनगढ़बास, अलवर, राजस्थान |
| शिक्षा | राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर |
| शैक्षिक योग्यता | बी.ए., एलएल.बी. |
| व्यवसाय | अधिवक्ता, कृषक, राजनेता |
| पिता | बादलू राम |
Deepchand Khairiya Biography, Deepchand Khairiya MLA, Deepchand Khairiya INC और Kishangarh Bas MLA उनके राजनीतिक जीवन से जुड़े प्रमुख English SEO keywords हैं। उनका राजनीतिक जीवन किशनगढ़बास क्षेत्र से लंबे समय से जुड़ा रहा है। वे इससे पहले वर्ष 2018 में भी इसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे, हालांकि उस समय उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता था।
जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
दीपचंद खैरिया का जन्म 15 जनवरी 1941 को राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़बास क्षेत्र के जटका गांव में हुआ। उनके पिता का नाम बादलू राम था। उनका प्रारंभिक जीवन ग्रामीण परिवेश में बीता और आगे चलकर उन्होंने कानून की शिक्षा प्राप्त कर अधिवक्ता के रूप में कार्य किया।
उनका जीवन लंबे समय से किशनगढ़बास और अलवर क्षेत्र से जुड़ा रहा है। सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने से पहले वे कृषि और वकालत से जुड़े रहे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल चुनावी हलफनामे में उनका पेशा Agriculture और Advocate दर्ज किया गया था।
उनके निजी पारिवारिक जीवन से संबंधित विस्तृत प्रमाणित जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में सीमित है। इसलिए पत्नी और बच्चों के संबंध में अपुष्ट जानकारी को इस लेख में शामिल नहीं किया गया है।
शिक्षा
दीपचंद खैरिया ने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से शिक्षा प्राप्त की। उपलब्ध चुनावी हलफनामे के अनुसार उन्होंने बी.ए. की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्ष 1967 में एलएल.बी. की डिग्री प्राप्त की।
कानून की शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। विधि के क्षेत्र में उनका अनुभव आगे चलकर उनके सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बना। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के कारण उनके नाम के साथ अधिवक्ता के रूप में उनकी पहचान भी जुड़ी रही।
प्रारंभिक जीवन
दीपचंद खैरिया का प्रारंभिक जीवन अलवर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बीता। कृषि और वकालत से जुड़े रहने के साथ उन्होंने स्थानीय स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया।
उनका राजनीतिक सफर स्थानीय स्वशासन से शुरू हुआ। उपलब्ध जीवनी संबंधी जानकारी के अनुसार उन्होंने महोंद ग्राम पंचायत के सरपंच के रूप में कार्य किया। इसके बाद वे किशनगढ़बास पंचायत समिति के प्रधान भी रहे। वर्ष 1981 और वर्ष 1989 में उन्होंने किशनगढ़बास पंचायत समिति के प्रधान के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
इसके बाद वे अलवर जिला परिषद के जिला प्रमुख भी बने। स्थानीय निकायों में कार्य करने के अनुभव ने उन्हें क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाने में मदद की और आगे चलकर वे विधानसभा चुनाव की राजनीति में सक्रिय हुए।
राजनीतिक जीवन
दीपचंद खैरिया का राजनीतिक जीवन कई दशकों में फैला हुआ है। स्थानीय स्वशासन से राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने के बाद उन्होंने किशनगढ़बास क्षेत्र में अपना जनसंपर्क मजबूत किया।
वर्ष 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के रामहेत सिंह यादव को 9,916 मतों के अंतर से पराजित किया। इस जीत के साथ वे पहली बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर किशनगढ़बास से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा के रामहेत सिंह यादव से हुआ। दीपचंद खैरिया ने 91,916 मत प्राप्त किए और 10,496 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
वर्ष 2023 की जीत के बाद वे 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने और किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने लगे।
विधायक के रूप में कार्य
Kishangarh Bas MLA के रूप में दीपचंद खैरिया राजस्थान विधानसभा में किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका वर्तमान विधानसभा कार्यकाल 3 दिसंबर 2023 से जारी है।
PRS Legislative Research के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 3 दिसंबर 2023 से 24 मार्च 2025 की अवधि में उनकी विधानसभा उपस्थिति 92.6 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी अवधि में राजस्थान के विधायकों की औसत उपस्थिति 83 प्रतिशत थी। इस अवधि के दौरान उन्होंने विधानसभा में 4 प्रश्न पूछे और किसी बहस में भाग नहीं लिया।
विधायक के रूप में उनका राजनीतिक कार्यक्षेत्र किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र है। वे विधानसभा की विधायी प्रक्रिया में भाग लेने के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित मुद्दों को सदन में रखने की भूमिका निभाते हैं।
2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव
वर्ष 2023 का राजस्थान विधानसभा चुनाव दीपचंद खैरिया के राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण चुनाव रहा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उन्हें किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया।
भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक परिणाम के अनुसार दीपचंद खैरिया को कुल 91,916 मत प्राप्त हुए। भाजपा के रामहेत सिंह यादव को 81,420 मत मिले। इस प्रकार दीपचंद खैरिया ने 10,496 मतों के अंतर से चुनाव जीत लिया।
किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2023 के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की सिमरत संधू को 23,371 मत प्राप्त हुए। आम आदमी पार्टी के चरण सिंह यादव को 1,500 मत मिले, जबकि अन्य प्रत्याशियों को इससे कम मत प्राप्त हुए।
इस जीत के साथ दीपचंद खैरिया ने कांग्रेस के टिकट पर किशनगढ़बास से विधानसभा में वापसी की और 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
वर्ष 2023 के चुनावी हलफनामे के अनुसार चुनाव के समय उनकी आयु 83 वर्ष थी। उनके पास लगभग 3.71 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति दर्ज थी और उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं किया गया था। ये विवरण उनके द्वारा चुनाव के समय दाखिल किए गए स्वघोषित हलफनामे पर आधारित हैं।
पूर्व विधायक के रूप में राजनीतिक अनुभव
दीपचंद खैरिया का विधानसभा अनुभव वर्ष 2018 से शुरू हुआ। वर्ष 2018 में वे बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में किशनगढ़बास से निर्वाचित हुए थे। उस चुनाव में उन्होंने भाजपा के रामहेत सिंह यादव को पराजित किया था।
वर्ष 2023 में उन्होंने राजनीतिक दल बदलकर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और फिर से किशनगढ़बास से विधायक निर्वाचित हुए। इस प्रकार उनके राजनीतिक जीवन में किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र लगातार प्रमुख राजनीतिक आधार बना रहा।
स्थानीय निकायों में सरपंच, पंचायत समिति प्रधान और जिला प्रमुख के रूप में कार्य करने के बाद विधानसभा तक पहुंचना उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रमुख उपलब्धियाँ
- महोंद ग्राम पंचायत के सरपंच के रूप में कार्य किया।
- किशनगढ़बास पंचायत समिति के प्रधान के रूप में दो बार कार्य किया।
- अलवर जिला परिषद के जिला प्रमुख रहे।
- वर्ष 2018 में किशनगढ़बास से विधायक निर्वाचित हुए।
- वर्ष 2023 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में किशनगढ़बास से विधायक निर्वाचित हुए।
- वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में 91,916 मत प्राप्त किए।
- भाजपा के रामहेत सिंह यादव को 10,496 मतों के अंतर से पराजित किया।
- 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
- कानून की शिक्षा प्राप्त कर अधिवक्ता के रूप में कार्य किया।
व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि
दीपचंद खैरिया की सार्वजनिक पहचान वरिष्ठ राजनेता, अधिवक्ता और किशनगढ़बास विधायक के रूप में है। उनका राजनीतिक जीवन स्थानीय स्वशासन से शुरू होकर विधानसभा तक पहुंचा है। पंचायत स्तर पर काम करने के कारण उनका राजनीतिक अनुभव स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण क्षेत्र की राजनीति से भी जुड़ा रहा है।
उनकी राजनीतिक यात्रा में अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ने का अनुभव भी रहा है। वर्ष 2018 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव जीता, जबकि वर्ष 2023 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की।
वर्ष 2023 में 83 वर्ष की आयु में विधानसभा चुनाव जीतना उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में सक्रिय सार्वजनिक जीवन को दर्शाता है। हालांकि उनकी सार्वजनिक छवि से संबंधित किसी भी विशेष राजनीतिक मूल्यांकन को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उपलब्ध चुनावी और विधायी रिकॉर्ड के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
निष्कर्ष
दीपचंद खैरिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ राजनेता, अधिवक्ता तथा राजस्थान के किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक हैं। उनका राजनीतिक जीवन स्थानीय स्वशासन से शुरू होकर विधानसभा तक पहुंचा है। वे ग्राम पंचायत के सरपंच, पंचायत समिति के प्रधान और अलवर जिला परिषद के जिला प्रमुख के रूप में कार्य कर चुके हैं।
Deepchand Khairiya Biography का प्रमुख आधार उनका किशनगढ़बास क्षेत्र से राजनीतिक संबंध, स्थानीय निकायों में लंबा अनुभव, वर्ष 2018 में विधायक के रूप में जीत और वर्ष 2023 में कांग्रेस के टिकट पर मिली विधानसभा चुनाव की जीत है।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 91,916 मत प्राप्त कर भाजपा के रामहेत सिंह यादव को 10,496 मतों से हराया। वर्तमान में Kishangarh Bas MLA के रूप में वे राजस्थान विधानसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।