अशोक चांदना (Ashok Chandna ) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, राजनीतिक जीवन




अशोक चांदना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनेता और राजस्थान की हिंडोली विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य हैं और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार हिंडोली से विधायक निर्वाचित हुए। इससे पहले वे 2013 और 2018 में भी इसी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत चुके हैं। वर्ष 2018 से 2023 तक वे राजस्थान की तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार में राज्य मंत्री के रूप में खेल, कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता, परिवहन तथा सैनिक कल्याण से संबंधित विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

अशोक चांदना

जन्म 13 जनवरी 1984
जन्म स्थान बूंदी, राजस्थान, भारत
निवास बूंदी, राजस्थान
शिक्षा बिरला सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पिलानी; पुणे विश्वविद्यालय
शैक्षिक योग्यता बी.कॉम.
व्यवसाय राजनेता, व्यवसायी

Ashok Chandna Biography राजस्थान की युवा राजनीति, कांग्रेस संगठन और हिंडोली विधानसभा क्षेत्र के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। उन्होंने वर्ष 2009 में कांग्रेस के साथ सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और आगे चलकर राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी बने। वर्ष 2013 में पहली बार विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति में अपनी पहचान बनाई।

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में अशोक चांदना ने हिंडोली सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में 1,27,354 मत प्राप्त किए और भाजपा के प्रभु लाल सैनी को 45,004 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। निर्वाचन परिणाम के अनुसार उन्हें 56.60 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।

वर्तमान में Ashok Chandna MLA के रूप में वे हिंडोली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनकी राजनीतिक पहचान Ashok Chandna Congress, Ashok Chandna MLA और Hindoli MLA के रूप में भी बनी हुई है।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

अशोक चांदना का जन्म 13 जनवरी 1984 को राजस्थान के बूंदी जिले में हुआ। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उनका संबंध बूंदी क्षेत्र से है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के समय दाखिल चुनावी हलफनामे में उनकी आयु 39 वर्ष दर्ज की गई थी। उनके पिता का नाम देव लाल दर्ज है।

उनका राजनीतिक जीवन बूंदी जिले और विशेष रूप से हिंडोली विधानसभा क्षेत्र से गहराई से जुड़ा हुआ है। सार्वजनिक जीवन में आने से पहले उनका संबंध व्यवसाय और कृषि से रहा। चुनावी हलफनामे में उनके पेशे और आय के स्रोत के रूप में वेतन, व्यवसाय और कृषि आय का उल्लेख किया गया है।

अशोक चांदना के परिवार से संबंधित सभी व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक रूप से पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए उनकी पत्नी, बच्चों और माता के संबंध में अप्रमाणित जानकारी शामिल नहीं की जा रही है।

शिक्षा

अशोक चांदना ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा बिरला सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पिलानी से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से वाणिज्य विषय में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। उपलब्ध जीवनी संबंधी विवरणों में उनकी शैक्षणिक योग्यता बी.कॉम. बताई गई है।

वर्ष 2023 के चुनावी हलफनामे में उनकी शिक्षा परास्नातक श्रेणी में दर्ज की गई है और एम.ए. भूगोल की डिग्री वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा से वर्ष 2018 में प्राप्त करने का विवरण दिया गया है।

इस प्रकार उपलब्ध चुनावी दस्तावेजों के आधार पर उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि में स्नातक के साथ परास्नातक शिक्षा भी शामिल है।

प्रारंभिक जीवन

अशोक चांदना ने युवा अवस्था से ही सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में रुचि विकसित की। वर्ष 2009 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से सामान्य कार्यकर्ता के रूप में जुड़े। इसी अवधि में वे अजमेर जिला परिषद के सदस्य भी निर्वाचित हुए और राजस्थान युवा कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।

युवा कांग्रेस में सक्रियता के दौरान उन्होंने संगठन के विभिन्न स्तरों पर काम किया। बाद में उन्हें राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2013 में उन्होंने हिंडोली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर पहली बार राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया।

राजनीति के साथ उनका व्यवसायिक और कृषि क्षेत्र से भी संबंध बना रहा। वर्ष 2023 के चुनावी हलफनामे में उनके आय स्रोतों में Mining Business, Agriculture Income और विधानसभा से मिलने वाली आय का उल्लेख किया गया है।

राजनीतिक जीवन

अशोक चांदना का सक्रिय राजनीतिक सफर वर्ष 2009 में कांग्रेस से जुड़ने के बाद शुरू हुआ। उन्होंने कांग्रेस संगठन के सामान्य कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की और युवा कांग्रेस के माध्यम से अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की।

राजस्थान युवा कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाते हुए वे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बने। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्होंने हिंडोली विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और भाजपा के तत्कालीन विधायक प्रभु लाल सैनी को हराकर पहली बार विधायक बने।

वर्ष 2018 में कांग्रेस ने उन्हें फिर हिंडोली से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने लगातार दूसरी बार चुनाव जीत लिया। वर्ष 2018 में उनकी जीत के बाद उन्हें अशोक गहलोत सरकार में मंत्री बनाया गया।

वर्ष 2023 में उन्होंने तीसरी बार हिंडोली से विधानसभा चुनाव जीता। इस प्रकार वे 14वीं, 15वीं और 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे हैं।

2013 विधानसभा चुनाव

वर्ष 2013 का Rajasthan Assembly Election अशोक चांदना के राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव था। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में हिंडोली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

इस चुनाव के साथ उन्होंने पहली बार राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया। उनकी जीत के बाद हिंडोली क्षेत्र में कांग्रेस के युवा नेतृत्व के रूप में उनकी पहचान मजबूत हुई।

वर्ष 2013 के बाद वे लगातार हिंडोली विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे और अगले दोनों विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस के उम्मीदवार बने।

2018 विधानसभा चुनाव

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में अशोक चांदना ने कांग्रेस के टिकट पर हिंडोली से दोबारा चुनाव लड़ा। उन्होंने भाजपा के ओमेंद्र सिंह हाड़ा को पराजित किया और लगातार दूसरी बार विधायक बने। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार उन्हें 1,09,958 मत मिले और उनका वोट शेयर 55.4 प्रतिशत रहा।

वर्ष 2018 की जीत के बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर अशोक चांदना को राजस्थान मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। 28 दिसंबर 2018 से उन्होंने राज्य मंत्री के रूप में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

मंत्री के रूप में कार्यकाल

अशोक चांदना ने वर्ष 2018 से 2023 तक राजस्थान सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। उनके पास खेल एवं युवा मामले विभाग का स्वतंत्र प्रभार था। इसके अलावा कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता, परिवहन तथा सैनिक कल्याण से संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी उनके पास रही।

मंत्री के रूप में उनका सबसे प्रमुख कार्यक्षेत्र खेल और युवा गतिविधियों से संबंधित रहा। इसी दौरान राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं की अवधारणा को आगे बढ़ाया गया।

अशोक चांदना के कार्यकाल के दौरान Rajasthan Gramin Olympics की शुरुआत हुई। वर्ष 2022 में आयोजित राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों में बड़ी संख्या में ग्रामीण खिलाड़ियों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन को राजस्थान में ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाओं को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।

2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अशोक चांदना को हिंडोली से दोबारा उम्मीदवार बनाया। उनका मुख्य मुकाबला भाजपा के प्रभु लाल सैनी से हुआ।

निर्वाचन आयोग के आधिकारिक परिणाम के अनुसार अशोक चांदना को 1,27,354 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा के प्रभु लाल सैनी को 82,350 मत मिले। अशोक चांदना ने 45,004 मतों के अंतर से चुनाव जीता।

यह उनकी लगातार तीसरी विधानसभा जीत थी। वर्ष 2013, 2018 और 2023 में लगातार जीत दर्ज करके उन्होंने हिंडोली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में अपनी स्थिति मजबूत की।

हिंडोली विधायक के रूप में भूमिका

Hindoli MLA के रूप में अशोक चांदना बूंदी जिले के हिंडोली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हिंडोली विधानसभा क्षेत्र का क्रमांक 184 है और यह सामान्य श्रेणी की सीट है। यह भीलवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

हिंडोली क्षेत्र में कृषि, सब्जी उत्पादन, व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्षेत्र में सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े विषय प्रमुख जनसरोकार हैं।

विधायक के रूप में अशोक चांदना का राजनीतिक कार्यक्षेत्र क्षेत्रीय विकास और स्थानीय समस्याओं को विधानसभा तथा सरकार के स्तर पर उठाने से जुड़ा है।

वर्ष 2023 के बाद भी उन्होंने हिंडोली क्षेत्र में विकास कार्यों और विभिन्न स्थानीय परियोजनाओं से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक भूमिका निभाई है।

खेल और युवा क्षेत्र में भूमिका

अशोक चांदना की राजनीतिक पहचान का एक प्रमुख पक्ष उनका खेल और युवा मामलों से जुड़ा मंत्री पद का कार्यकाल रहा है। वर्ष 2018 से 2023 के दौरान वे खेल एवं युवा मामले विभाग के राज्य मंत्री रहे।

उनके कार्यकाल में ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीण खेलों को बड़े स्तर पर आयोजित करने की पहल हुई। राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों में लाखों लोगों के पंजीकरण ने ग्रामीण राजस्थान में खेल गतिविधियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाया।

ग्रामीण ओलंपिक का उद्देश्य गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराना तथा आम लोगों में खेल के प्रति रुचि बढ़ाना था। इस पहल के माध्यम से कबड्डी, शूटिंग वॉलीबॉल, टेनिस बॉल क्रिकेट और अन्य खेलों को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

अशोक चांदना की राजनीतिक पहचान में यह पहल एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में देखी जाती है।

राजस्थान युवा कांग्रेस में भूमिका

राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में अशोक चांदना राजस्थान युवा कांग्रेस से जुड़े। वर्ष 2013 में उन्हें राजस्थान युवा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और उन्होंने वर्ष 2020 तक इस संगठनात्मक जिम्मेदारी को संभाला।

युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल राजस्थान में युवा कांग्रेस संगठन को सक्रिय करने से जुड़ा रहा। उन्होंने युवाओं को राजनीतिक संगठन से जोड़ने और संगठनात्मक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

युवा कांग्रेस के माध्यम से उनकी पहचान कांग्रेस की युवा पीढ़ी के प्रमुख नेताओं में बनी और बाद में वे राज्य विधानसभा में लगातार तीन बार विधायक निर्वाचित हुए।

विधानसभा में राजनीतिक अनुभव

अशोक चांदना राजस्थान विधानसभा के तीन अलग-अलग कार्यकालों के सदस्य रहे हैं। वर्ष 2013 में पहली बार विधायक बनने के बाद वर्ष 2018 में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की और वर्ष 2023 में तीसरी बार विधानसभा पहुंचे।

वर्ष 2018 से 2023 के दौरान मंत्री रहने के कारण उनकी विधायी भूमिका सामान्य विधायक की तुलना में अलग रही। मंत्री के रूप में वे सरकार की ओर से अपने विभागों से संबंधित नीतियों और योजनाओं का प्रतिनिधित्व करते थे। उपलब्ध विधायी रिकॉर्ड में उनके मंत्री कार्यकाल के दौरान सामान्य विधायक संबंधी प्रश्न और उपस्थिति का डेटा अलग तरीके से दर्ज किया गया है।

वर्तमान विधानसभा में वे विपक्षी कांग्रेस के विधायक के रूप में हिंडोली का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

कांग्रेस से संबंध

अशोक चांदना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ युवा नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2009 में कांग्रेस से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और युवा कांग्रेस के संगठनात्मक पदों से होते हुए विधानसभा तथा मंत्रिमंडल तक पहुंचे।

Ashok Chandna Congress के रूप में उनकी पहचान राजस्थान कांग्रेस की युवा राजनीति से जुड़ी रही है। वे राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे और बाद में तीन बार विधायक निर्वाचित हुए।

वर्ष 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार में मंत्री के रूप में कार्य करने के बाद वर्ष 2023 में उन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी हिंडोली से अपनी विधानसभा सीट बरकरार रखी।

संपत्ति और चुनावी हलफनामा

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार अशोक चांदना की कुल घोषित संपत्ति 28,28,79,990 रुपये थी। उनकी घोषित देनदारियां 25,57,61,017 रुपये थीं।

हलफनामे में उनके पेशे और आय के स्रोत के रूप में वेतन, व्यवसाय और कृषि आय दर्ज है। उनकी आय के स्रोतों में खनन व्यवसाय, कृषि आय और विधानसभा से प्राप्त वेतन का विवरण दिया गया है।

वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए उनके आयकर विवरण में कुल आय 23,06,950 रुपये दर्ज थी।

वर्ष 2023 के चुनावी हलफनामे में उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले लंबित होने का विवरण दर्ज था। ये मामले चुनाव के समय उनके द्वारा दाखिल हलफनामे में घोषित किए गए थे और उनके वर्तमान कानूनी दर्जे को अलग से सत्यापित करना आवश्यक है।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • वर्ष 2013 में पहली बार हिंडोली विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए।
  • वर्ष 2018 में लगातार दूसरी बार हिंडोली से विधायक बने।
  • वर्ष 2023 में लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीता।
  • वर्ष 2023 में भाजपा के प्रभु लाल सैनी को 45,004 मतों से पराजित किया।
  • 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
  • वर्ष 2018 से 2023 तक राजस्थान सरकार में राज्य मंत्री रहे।
  • खेल एवं युवा मामले विभाग का स्वतंत्र प्रभार संभाला।
  • कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग का स्वतंत्र प्रभार संभाला।
  • परिवहन और सैनिक कल्याण से संबंधित विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
  • राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
  • राजस्थान में ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण ओलंपिक की पहल से जुड़े।
  • तीन बार लगातार हिंडोली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक निर्वाचित हुए।

व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि

अशोक चांदना की सार्वजनिक पहचान कांग्रेस के युवा और सक्रिय नेताओं में रही है। उन्होंने छात्र या पारंपरिक राजनीतिक परिवार की विरासत के बजाय युवा कांग्रेस संगठन और स्थानीय राजनीति के माध्यम से अपना राजनीतिक आधार विकसित किया।

युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के बाद उनका राजनीतिक प्रभाव विधानसभा स्तर पर बढ़ा। वर्ष 2013 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार दो और विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की।

मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल विशेष रूप से खेल और युवा मामलों से जुड़ी पहलों के लिए जाना गया। ग्रामीण ओलंपिक जैसी पहल ने उन्हें राजस्थान के ग्रामीण खेलों और युवा गतिविधियों से जोड़कर एक अलग सार्वजनिक पहचान दी।

उनकी सार्वजनिक छवि में राजनीतिक सक्रियता के साथ-साथ स्पष्ट और कई बार विवादों में रहने वाले राजनीतिक बयानों का पक्ष भी दिखाई देता रहा है। हालांकि किसी भी राजनीतिक बयान या विवाद का मूल्यांकन उसके संदर्भ और संबंधित सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।

वर्तमान में वे कांग्रेस विधायक के रूप में राजस्थान की राजनीति में सक्रिय हैं और हिंडोली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

निष्कर्ष

अशोक चांदना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनेता और राजस्थान की हिंडोली विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका राजनीतिक सफर वर्ष 2009 में कांग्रेस से जुड़ने के बाद शुरू हुआ और उन्होंने राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।

वर्ष 2013 में पहली बार हिंडोली से विधायक बनने के बाद वे वर्ष 2018 और 2023 में भी लगातार चुनाव जीतते रहे। वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्हें राजस्थान सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया और उन्होंने खेल, युवा मामले, कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता, परिवहन तथा सैनिक कल्याण से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 1,27,354 मत प्राप्त कर भाजपा के प्रभु लाल सैनी को 45,004 मतों के अंतर से पराजित किया। इस जीत के साथ वे 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।

खेल और युवा क्षेत्र में उनका मंत्री के रूप में कार्यकाल और ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने वाली ग्रामीण ओलंपिक पहल उनके राजनीतिक जीवन के प्रमुख हिस्सों में शामिल है। वर्तमान में वे Hindoli MLA के रूप में अपने विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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