अमरा राम का जीवन परिचय | Amra Ram Biography


अमरा राम (Amra Ram) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] के वरिष्ठ नेता, किसान आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक तथा राजस्थान के सीकर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे राजस्थान विधानसभा में चार बार विधायक रह चुके हैं और अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सीकर लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित होकर वे पहली बार लोकसभा पहुँचे।

अमरा राम

जन्म 5 अगस्त 1955
जन्म स्थान मुंडवारा, सीकर, राजस्थान, भारत
निवास सीकर, राजस्थान, भारत
शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय, गोरखपुर विश्वविद्यालय
शैक्षिक योग्यता बी.एससी., बी.एड., एम.कॉम.
व्यवसाय किसान नेता, राजनेता, कृषक
पिता दल्लाराम
माता रामी देवी
पति/पत्नी सोहानी देवी
बच्चे 3
आधिकारिक वेबसाइट [- वेबसाइट]


परिचय

अमरा राम राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के प्रमुख किसान नेताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से किसानों, मजदूरों और ग्रामीण समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। राजस्थान में वामपंथी राजनीति के प्रमुख चेहरों में उनकी गणना होती है।

उन्होंने किसान आंदोलनों, सिंचाई, कृषि ऋण, फसल मूल्य और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। किसान हितों के लिए उनके लंबे संघर्ष ने उन्हें राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर में पहचान दिलाई है।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

अमरा राम का जन्म 5 अगस्त 1955 को राजस्थान के सीकर जिले के मुंडवारा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम दल्लाराम तथा माता का नाम रामी देवी था। उनका परिवार कृषि कार्य से जुड़ा हुआ था और बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता।

कृषक परिवार में जन्म लेने के कारण उन्होंने किसानों की समस्याओं को बहुत करीब से देखा। यही अनुभव आगे चलकर उनके सार्वजनिक जीवन और किसान आंदोलनों का आधार बना।

उनका विवाह सोहानी देवी से हुआ। उनके दो पुत्र और एक पुत्री हैं।

शिक्षा

अमरा राम ने प्रारंभिक शिक्षा मुंडवारा के राजकीय विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने श्री कल्याण राजकीय महाविद्यालय, सीकर से बी.एससी. की शिक्षा प्राप्त की।

उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से बी.एड. तथा राजस्थान विश्वविद्यालय से एम.कॉम. की उपाधि प्राप्त की। उनकी शैक्षणिक योग्यता चुनावी शपथपत्रों में स्नातकोत्तर (Post Graduate) दर्ज है।

राजनीतिक जीवन

अमरा राम ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के माध्यम से सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। वे किसान आंदोलनों और ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन निर्माण के माध्यम से लोकप्रिय हुए।

वर्ष 1993 में वे धोद विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वे 1998 और 2003 में भी विधायक बने। वर्ष 2008 में उन्होंने दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर चौथी बार राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया।

राजस्थान विधानसभा में उन्होंने किसानों, सिंचाई, कृषि ऋण, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

किसान आंदोलन और अखिल भारतीय किसान सभा

अमरा राम का नाम देश के प्रमुख किसान नेताओं में लिया जाता है। वे अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

उन्होंने राजस्थान में किसानों के लिए अनेक आंदोलनों का नेतृत्व किया। बिजली दरों, सिंचाई सुविधाओं, फसल समर्थन मूल्य, कर्ज माफी और भूमि अधिकारों से जुड़े आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

राजस्थान के किसान आंदोलनों में उनकी सक्रियता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और वे वामपंथी किसान राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हुए।

लोकसभा चुनाव 2024

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अमरा राम को सीकर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया।

इस चुनाव में उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुमेधानंद सरस्वती से हुआ।

अमरा राम को 6,45,559 मत प्राप्त हुए जबकि सुमेधानंद सरस्वती को 5,74,740 मत मिले। उन्होंने 70,819 मतों के अंतर से विजय प्राप्त की और पहली बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। यह चुनाव राजस्थान की सबसे चर्चित सीटों में से एक माना गया।

संसदीय जीवन और जनसेवा

लोकसभा सदस्य के रूप में अमरा राम किसानों, मजदूरों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाते रहे हैं।

संसद में उनकी उपस्थिति और सक्रियता उल्लेखनीय रही है। वे कृषि संकट, रोजगार, सामाजिक न्याय और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर विशेष रूप से मुखर रहे हैं।

उपलब्धियाँ और प्रभाव

  • सीकर लोकसभा क्षेत्र से सांसद
  • राजस्थान विधानसभा के चार बार विधायक
  • अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • राजस्थान के प्रमुख किसान नेताओं में शामिल
  • किसानों और ग्रामीण समुदायों के अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष
  • वामपंथी राजनीति के प्रमुख राष्ट्रीय चेहरों में शामिल
  • किसान आंदोलनों के प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता

व्यक्तित्व और विचार

अमरा राम को सादगीपूर्ण जीवन शैली और जनसंघर्षों से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता है। वे किसानों, मजदूरों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा को राजनीति का प्रमुख उद्देश्य मानते हैं।

उनकी राजनीतिक विचारधारा सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता और किसान हितों पर आधारित रही है। वे जनआंदोलनों और लोकतांत्रिक संघर्षों को परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं।

निष्कर्ष

अमरा राम राजस्थान के सबसे प्रभावशाली किसान नेताओं में से एक हैं। किसान आंदोलनों से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक का उनका सफर लंबे जनसंघर्ष और सार्वजनिक जीवन का परिचायक है।

सीकर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए वे किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का कार्य कर रहे हैं। राजस्थान और देश की किसान राजनीति में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।

स्रोत

  • लोकसभा सचिवालय
  • भारत निर्वाचन आयोग
  • MyNeta
  • PRS Legislative Research
  • अखिल भारतीय किसान सभा
  • विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय समाचार स्रोत

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