टीकाराम जूली (Tikaram Jully) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, राजनीतिक जीवन
टीकाराम जूली (Tikaram Jully) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ राजनेता तथा राजस्थान के अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र (Alwar Rural Assembly Constituency) से विधायक हैं। वे वर्तमान में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) के पद पर कार्यरत हैं। 19 जनवरी 2024 से वे राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। PRS Legislative Research के अनुसार उनका वर्तमान विधानसभा कार्यकाल 3 दिसंबर 2023 से जारी है। Tikaram Jully Biography, Tikaram Jully MLA, Tikaram Jully INC, Alwar Rural MLA और Leader of Opposition Rajasthan उनके प्रमुख English SEO keywords हैं।
टीकाराम जूली
| जन्म | 3 सितंबर 1980 |
|---|---|
| जन्म स्थान | काठूवास, नीमराणा, अलवर, राजस्थान, भारत |
| निवास | अलवर, राजस्थान, भारत |
| शिक्षा | अहीर कॉलेज, रेवाड़ी, हरियाणा; राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर |
| शैक्षिक योग्यता | बी.ए., एलएल.बी. |
| व्यवसाय | राजनेता, अधिवक्ता |
| पिता | लेखराम |
| माता | विमला देवी |
| पति/पत्नी | गीता देवी |
| बच्चे | 2 |
टीकाराम जूली राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख दलित नेताओं में गिने जाते हैं। वे इससे पहले राजस्थान सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अलवर ग्रामीण से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की और तीसरी बार विधायक बने।
जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
टीकाराम जूली का जन्म 3 सितंबर 1980 को राजस्थान के अलवर जिले के काठूवास गांव में हुआ। उपलब्ध जीवनी संबंधी स्रोतों के अनुसार उनके पिता का नाम लेखराम तथा माता का नाम विमला देवी है। उनका परिवार सामाजिक और ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा।
उनका विवाह गीता देवी से हुआ है और उनके दो बच्चे हैं। निजी पारिवारिक जीवन की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक स्रोतों में सीमित है, इसलिए यहां केवल उपलब्ध प्रमाणित जानकारी को ही शामिल किया गया है।
टीकाराम जूली का सार्वजनिक जीवन अलवर जिले से गहराई से जुड़ा रहा है। स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों और जनसंपर्क के माध्यम से उन्होंने अपनी राजनीतिक पहचान विकसित की और बाद में कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
शिक्षा
टीकाराम जूली ने अहीर कॉलेज, रेवाड़ी, हरियाणा से बी.ए. की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से वर्ष 2015 में एलएल.बी. की डिग्री हासिल की। 2023 के चुनावी हलफनामे में उनकी शैक्षणिक योग्यता Graduate Professional दर्ज है तथा बी.ए. और एलएल.बी. दोनों का उल्लेख किया गया है।
कानून की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनका पेशेवर जीवन अधिवक्ता के रूप में भी जुड़ा रहा। Tikaram Jully Education उनके राजनीतिक जीवन की महत्वपूर्ण विशेषताओं में शामिल है, क्योंकि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के साथ विधि की शिक्षा ने उन्हें सार्वजनिक मुद्दों को समझने में सहायता दी।
प्रारंभिक जीवन
टीकाराम जूली ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत स्थानीय राजनीति और सामाजिक गतिविधियों से की। वर्ष 2004 से 2005 के आसपास वे अलवर जिला परिषद से जुड़े और जिला प्रमुख के रूप में भी कार्य किया। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार 2005 से 2008 तक उन्होंने जिला परिषद अलवर में जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली।
कांग्रेस संगठन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। उपलब्ध प्रोफाइल में 2005 से 2008 तक अलवर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका का उल्लेख मिलता है। इसके बाद वे पार्टी संगठन में लगातार सक्रिय रहे और अलवर क्षेत्र में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए।
उनके सामाजिक कार्यों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए चिकित्सा एवं रक्तदान शिविरों का आयोजन तथा गरीब परिवारों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख मिलता है।
राजनीतिक जीवन
टीकाराम जूली का राजनीतिक जीवन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ा हुआ है। स्थानीय संगठन से शुरुआत करने के बाद उन्होंने विधानसभा राजनीति में प्रवेश किया और अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई।
वर्ष 2013 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने अलवर ग्रामीण से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र में अपना जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियां जारी रखीं।
वर्ष 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में टीकाराम जूली ने अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की और पहली बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने। बाद में उन्हें राजस्थान सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें फिर से अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। MyNeta के चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार वे इस चुनाव में विजेता रहे और कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुए। इस जीत के साथ उन्होंने तीसरी बार विधानसभा सदस्य के रूप में अपनी जगह बनाई।
विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्य
Alwar Rural MLA के रूप में टीकाराम जूली राजस्थान विधानसभा में अलवर ग्रामीण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके वर्तमान विधानसभा कार्यकाल की शुरुआत 3 दिसंबर 2023 से दर्ज है। PRS Legislative Research के अनुसार वे 19 जनवरी 2024 से राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष हैं।
नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनका दायित्व विधानसभा में विपक्ष का नेतृत्व करना और सरकार की नीतियों, योजनाओं तथा प्रशासनिक फैसलों पर सवाल उठाना है। वर्ष 2026 में वे राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में बने हुए हैं। विभिन्न विधानसभा मुद्दों पर वे भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं।
PRS के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 3 दिसंबर 2023 से 24 मार्च 2025 की अवधि में टीकाराम जूली ने 12 प्रश्न पूछे और 49 बहसों में भाग लिया। उनका नेता प्रतिपक्ष पद होने के कारण सामान्य उपस्थिति रजिस्टर में उनकी उपस्थिति का आंकड़ा अन्य विधायकों की तरह नहीं माना जाता।
राजस्थान सरकार में मंत्री
वर्ष 2018 में विधायक बनने के बाद टीकाराम जूली को राजस्थान की तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। वे पहले राज्य मंत्री और बाद में कैबिनेट मंत्री के रूप में सरकार का हिस्सा रहे।
मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल राजस्थान की कांग्रेस सरकार में सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा। उनके मंत्री पद का अनुभव बाद में विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में उनकी राजनीतिक भूमिका का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।
नेता प्रतिपक्ष के रूप में भूमिका
जनवरी 2024 में कांग्रेस ने टीकाराम जूली को राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया। वे इस पद पर पहुंचने वाले राजस्थान के पहले दलित नेता बताए गए हैं। उनकी नियुक्ति के बाद वे राज्य में कांग्रेस के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल हो गए
वर्ष 2026 में भी वे Leader of Opposition Rajasthan के रूप में सक्रिय हैं। जनवरी 2026 में उन्होंने विधानसभा में विधायकों द्वारा प्रश्न पूछने पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों का विरोध किया और इन्हें विधानसभा सदस्यों की निगरानी भूमिका को प्रभावित करने वाला बताया।
मार्च 2026 में सरिस्का टाइगर रिजर्व के Critical Tiger Habitat से संबंधित प्रस्तावित बदलावों को लेकर भी उन्होंने सरकार और अधिकारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित बदलावों से होटल और खनन हितों को लाभ पहुंच सकता है। इन आरोपों पर स्थानीय लोगों की ओर से विरोध भी सामने आया। ये उनके राजनीतिक आरोप थे, जिन्हें तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए
अप्रैल और मई 2026 में भी टीकाराम जूली ने राज्य सरकार के विभिन्न मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी। मई 2026 में उन्होंने राजस्थान में बढ़ती गर्मी और Heat Action Plan की तैयारियों को लेकर सरकार की आलोचना की।
2023 विधानसभा चुनाव
वर्ष 2023 का राजस्थान विधानसभा चुनाव टीकाराम जूली के राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण चुनाव रहा। उन्होंने अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। MyNeta के अनुसार चुनाव के समय उनकी आयु 43 वर्ष थी और उनके पिता का नाम लेखराम दर्ज था।
2023 के चुनावी हलफनामे में उनके पास लगभग 6.80 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति तथा लगभग 94.93 लाख रुपये की देनदारियां दर्ज थीं। इसी हलफनामे में उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं किया गया था। ये आंकड़े चुनाव के समय उनके द्वारा दाखिल किए गए स्वघोषित हलफनामे से संबंधित हैं।
प्रमुख उपलब्धियाँ
- अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक निर्वाचित हुए।
- वर्ष 2018 में पहली बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
- राजस्थान सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया।
- 19 जनवरी 2024 से राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
- राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने वाले पहले दलित नेता बताए गए हैं।
- अलवर जिला परिषद में जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया।
- कांग्रेस संगठन में अलवर जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
- सामाजिक क्षेत्र में चिकित्सा, रक्तदान तथा सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रमों से जुड़े रहे।
व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि
टीकाराम जूली की सार्वजनिक पहचान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, अलवर ग्रामीण विधायक और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में है। उनका राजनीतिक सफर स्थानीय निकाय से शुरू होकर विधानसभा और राज्य सरकार में मंत्री पद तक पहुंचा तथा बाद में वे राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता बने।
उनकी राजनीतिक शैली में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना और सामाजिक न्याय, वंचित वर्गों, युवाओं तथा किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाना प्रमुख रूप से दिखाई देता है। वर्ष 2026 में वे राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में बने हुए हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
अलवर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक के रूप में उनका स्थानीय राजनीतिक आधार मजबूत है, जबकि Leader of Opposition के रूप में उनकी भूमिका पूरे राजस्थान से जुड़े राजनीतिक और जनहित के मुद्दों तक विस्तृत हो गई है।
निष्कर्ष
टीकाराम जूली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ राजनेता, अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उनका राजनीतिक सफर जिला परिषद की राजनीति से शुरू होकर विधानसभा, मंत्री पद और अंततः नेता प्रतिपक्ष तक पहुंचा है। वर्ष 2023 में अलवर ग्रामीण से तीसरी बार विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्हें राजस्थान विधानसभा में विपक्ष का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिली।
Tikaram Jully Biography का प्रमुख आधार उनका अलवर क्षेत्र से राजनीतिक जुड़ाव, कांग्रेस संगठन में लंबा अनुभव, मंत्री के रूप में कार्यकाल और वर्तमान में Leader of Opposition Rajasthan के रूप में उनकी भूमिका है। वर्ष 2026 में भी वे राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में सक्रिय हैं और विधानसभा तथा सार्वजनिक मंचों पर राज्य सरकार की नीतियों पर विपक्ष की ओर से सवाल उठाते रहे हैं।