सी. एल. प्रेमी बैरवा (C. L. Premi Bairwa ) का जीवन परिचय, उम्र, पत्नी, शिक्षा, राजनीतिक जीवन

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सी. एल. प्रेमी बैरवा

जन्म 1954
जन्म स्थान राजस्थान, भारत
निवास केशोरायपाटन, बूंदी, राजस्थान
शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय
शैक्षिक योग्यता बी.एससी.
व्यवसाय राजनेता
बच्चे 4


सी. एल. प्रेमी बैरवा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ राजनेता और राजस्थान की केशोरायपाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका पूरा नाम चुन्नीलाल प्रेमी बैरवा बताया जाता है। वे राजस्थान की 16वीं विधानसभा के सदस्य हैं और बूंदी जिले की केशोरायपाटन विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

C. L. Premi Bairwa Biography राजस्थान की राजनीति में केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र, बूंदी जिले और कांग्रेस संगठन से जुड़े उनके लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण महत्वपूर्ण है। वे इससे पहले भी राजस्थान विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। वर्ष 2008 में उन्होंने पहली बार केशोरायपाटन विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। वर्ष 2013 में वे चुनाव हार गए, लेकिन वर्ष 2023 में उन्होंने दोबारा चुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की।

वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में सी. एल. प्रेमी बैरवा ने कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में 1,01,541 मत प्राप्त किए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार चंद्रकांता मेघवाल को 17,087 मतों के अंतर से पराजित किया। उन्हें कुल मतों का लगभग 49.29 प्रतिशत प्राप्त हुआ। इस जीत के साथ वे 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।

राजनीतिक जीवन के साथ-साथ सी. एल. प्रेमी बैरवा कांग्रेस संगठन में भी सक्रिय रहे हैं। जुलाई 2023 में उन्हें बूंदी जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने केशोरायपाटन से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

सी. एल. प्रेमी बैरवा का जन्म वर्ष 1954 में हुआ। उपलब्ध सार्वजनिक विवरणों के अनुसार उनका संबंध राजस्थान के बूंदी जिले और केशोरायपाटन क्षेत्र से रहा है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के समय उनकी आयु लगभग 69 वर्ष थी।

उनका सार्वजनिक जीवन लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति और केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा रहा है। वर्ष 2008 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई।

उनके पारिवारिक जीवन से संबंधित सार्वजनिक जानकारी सीमित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके चार बच्चे हैं। पत्नी, माता और पिता से संबंधित पर्याप्त प्रमाणित जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण इन विवरणों को बिना प्रमाण के शामिल नहीं किया जा रहा है।

उनका राजनीतिक जीवन मुख्य रूप से बूंदी जिले और केशोरायपाटन क्षेत्र में केंद्रित रहा है। लंबे समय तक कांग्रेस संगठन से जुड़े रहने के कारण वे क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में शामिल हुए।

शिक्षा

सी. एल. प्रेमी बैरवा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने वर्ष 1981 में राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.एससी. की डिग्री पूरी की।

उनकी शैक्षणिक योग्यता स्नातक है। विज्ञान विषय में स्नातक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनका सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक गतिविधियों की ओर झुकाव बढ़ा।

C. L. Premi Bairwa Education से संबंधित उपलब्ध जानकारी में बी.एससी. उनकी प्रमुख शैक्षणिक योग्यता के रूप में दर्ज है।

प्रारंभिक जीवन

सी. एल. प्रेमी बैरवा का प्रारंभिक सार्वजनिक जीवन कांग्रेस की राजनीति से जुड़ा रहा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों में भागीदारी की और धीरे-धीरे केशोरायपाटन क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित की।

उनकी राजनीति का प्रमुख आधार ग्रामीण क्षेत्र, सामाजिक प्रतिनिधित्व और कांग्रेस संगठन रहा। केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और यहां सामाजिक तथा ग्रामीण मुद्दे चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वर्ष 2008 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। उस चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के गोपाल पाचेरवाल को पराजित किया और पहली बार विधायक बने।

राजनीतिक जीवन

सी. एल. प्रेमी बैरवा का विधानसभा राजनीति में पहला महत्वपूर्ण पड़ाव वर्ष 2008 रहा। उन्होंने केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

वर्ष 2008 के चुनाव में उन्हें 49,047 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा उम्मीदवार गोपाल पाचेरवाल को 45,631 मत मिले। प्रेमी बैरवा ने 3,416 मतों के अंतर से चुनाव जीता। इस जीत के साथ वे पहली बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।

वर्ष 2013 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर फिर केशोरायपाटन से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में भाजपा के बाबूलाल वर्मा ने उन्हें पराजित किया। प्रेमी बैरवा को 50,562 मत मिले, जबकि बाबूलाल वर्मा को 63,293 मत प्राप्त हुए।

वर्ष 2013 के बाद भी वे कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे और क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे। वर्ष 2023 में उन्हें एक बार फिर केशोरायपाटन से कांग्रेस का टिकट मिला और उन्होंने चुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की।

2008 विधानसभा चुनाव

वर्ष 2008 का Rajasthan Assembly Election सी. एल. प्रेमी बैरवा के राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण चुनाव था। कांग्रेस ने उन्हें केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया।

इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के गोपाल पाचेरवाल को 3,416 मतों के अंतर से हराया। प्रेमी बैरवा को 49,047 मत प्राप्त हुए, जबकि गोपाल पाचेरवाल को 45,631 मत मिले।

उनकी जीत के साथ कांग्रेस ने केशोरायपाटन सीट पर अपना प्रतिनिधित्व स्थापित किया और प्रेमी बैरवा पहली बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।

2013 विधानसभा चुनाव

वर्ष 2013 में सी. एल. प्रेमी बैरवा ने कांग्रेस के टिकट पर दोबारा केशोरायपाटन से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा के बाबूलाल वर्मा से हुआ।

बाबूलाल वर्मा को 63,293 मत मिले, जबकि सी. एल. प्रेमी बैरवा को 50,562 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार वे 12,731 मतों के अंतर से चुनाव हार गए।

चुनाव में हार के बावजूद उन्होंने कांग्रेस संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में अपनी सक्रियता बनाए रखी।

कांग्रेस संगठन में भूमिका

सी. एल. प्रेमी बैरवा का संबंध लंबे समय से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से रहा है। विधानसभा चुनावों के अलावा उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में भी भूमिका निभाई।

11 जुलाई 2023 को उन्हें बूंदी जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। यह नियुक्ति राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 से कुछ महीने पहले हुई थी।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारी बूंदी जिले में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय करने और चुनावी तैयारियों में भूमिका निभाने से जुड़ी रही।

इसी अवधि में कांग्रेस ने उन्हें केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया। संगठनात्मक जिम्मेदारी और विधानसभा चुनाव की भूमिका दोनों के कारण वर्ष 2023 उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण वर्ष रहा।

2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सी. एल. प्रेमी बैरवा को केशोरायपाटन विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। कांग्रेस की उम्मीदवार सूची में उनका नाम केशोरायपाटन की आरक्षित सीट के लिए घोषित किया गया था।

चुनाव में उनका मुख्य मुकाबला भाजपा की चंद्रकांता मेघवाल से हुआ। चंद्रकांता मेघवाल इससे पहले केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी थीं।

निर्वाचन परिणाम के अनुसार सी. एल. प्रेमी बैरवा को 1,01,541 मत प्राप्त हुए, जबकि चंद्रकांता मेघवाल को 84,454 मत मिले। इस प्रकार प्रेमी बैरवा ने 17,087 मतों के अंतर से जीत हासिल की।

इस चुनाव में उन्हें लगभग 49.29 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। निर्दलीय उम्मीदवार राकेश बोयत को 11,733 मत मिले।

वर्ष 2023 की जीत के साथ सी. एल. प्रेमी बैरवा ने लगभग एक दशक बाद राजस्थान विधानसभा में वापसी की।

केशोरायपाटन विधायक के रूप में भूमिका

Keshoraipatan MLA के रूप में सी. एल. प्रेमी बैरवा बूंदी जिले के केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

केशोरायपाटन क्षेत्र में कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सिंचाई, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। विधायक के रूप में क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को विधानसभा में उठाना और विकास योजनाओं के लिए सरकार तथा प्रशासन के साथ समन्वय करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।

वर्ष 2023 में उनकी जीत के बाद कांग्रेस को इस सीट पर फिर से प्रतिनिधित्व मिला। उन्होंने भाजपा की पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल को पराजित किया।

विधानसभा में भूमिका

16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य के रूप में सी. एल. प्रेमी बैरवा विधानसभा की कार्यवाही में भाग ले रहे हैं। उनके राजनीतिक अनुभव में पहले विधानसभा कार्यकाल का अनुभव भी शामिल है।

विधानसभा में उनका कार्यक्षेत्र केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र से जुड़े स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य से जुड़े व्यापक विषयों तक फैला हुआ है।

मार्च 2025 में विधानसभा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से जुड़े एक प्रश्न के माध्यम से उन्होंने पूर्व सरकार के समय गठित बोर्डों और आयोगों की स्थिति से संबंधित विषय उठाया था। यह उनकी विधानसभा में प्रश्न पूछने और क्षेत्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर हस्तक्षेप करने की भूमिका को दर्शाता है।

केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र

Keshoraipatan Assembly Constituency राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है। यह क्षेत्र बूंदी जिले की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

वर्ष 2008 में सी. एल. प्रेमी बैरवा ने इसी सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया था। वर्ष 2013 में वे भाजपा के बाबूलाल वर्मा से चुनाव हार गए।

वर्ष 2018 में भाजपा की चंद्रकांता मेघवाल ने कांग्रेस के राकेश बोयत को पराजित कर यह सीट जीती थी। वर्ष 2023 में कांग्रेस ने सी. एल. प्रेमी बैरवा को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने चंद्रकांता मेघवाल को हराकर सीट कांग्रेस के पक्ष में वापस कर ली।

इस प्रकार केशोरायपाटन की राजनीति में सी. एल. प्रेमी बैरवा का संबंध दो अलग-अलग विधानसभा कार्यकालों में कांग्रेस के प्रतिनिधित्व से रहा है।

सामाजिक और राजनीतिक भूमिका

सी. एल. प्रेमी बैरवा की राजनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व का भी महत्वपूर्ण स्थान है। केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार, ग्रामीण विकास और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विषय क्षेत्र की राजनीति में महत्वपूर्ण हैं।

कांग्रेस संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने और जिला कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के कारण उनका संपर्क पार्टी कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों से बना रहा।

उनका राजनीतिक अनुभव वर्ष 2008 के पहले विधानसभा कार्यकाल से लेकर वर्ष 2023 में दोबारा विधायक बनने तक फैला हुआ है।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • वर्ष 2008 में कांग्रेस के टिकट पर केशोरायपाटन से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए।
  • वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के गोपाल पाचेरवाल को 3,416 मतों से हराया।
  • वर्ष 2013 में कांग्रेस के टिकट पर केशोरायपाटन से चुनाव लड़ा।
  • वर्ष 2023 में कांग्रेस के टिकट पर केशोरायपाटन से दोबारा विधायक निर्वाचित हुए।
  • वर्ष 2023 के चुनाव में भाजपा की चंद्रकांता मेघवाल को 17,087 मतों से पराजित किया।
  • 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
  • जुलाई 2023 में बूंदी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नियुक्त हुए।
  • राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.एससी. की शिक्षा प्राप्त की।
  • कांग्रेस संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई।
  • केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में अपनी पहचान बनाई।

व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि

सी. एल. प्रेमी बैरवा की सार्वजनिक पहचान कांग्रेस के अनुभवी राजनेता और केशोरायपाटन के विधायक के रूप में बनी है। उनका राजनीतिक जीवन एक दशक से अधिक समय में फैला हुआ है और इसमें विधानसभा तथा कांग्रेस संगठन दोनों स्तरों पर सक्रियता शामिल रही है।

वर्ष 2008 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पहचान स्थापित की। वर्ष 2013 में चुनावी हार के बावजूद वे कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे और बाद में बूंदी जिला कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।

वर्ष 2023 में 69 वर्ष की आयु के आसपास उन्होंने एक बार फिर विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक वापसी दर्ज की। इस चुनाव में उन्होंने भाजपा की चंद्रकांता मेघवाल को 17,087 मतों से हराया।

वर्तमान में C. L. Premi Bairwa MLA और Keshoraipatan MLA के रूप में उनकी पहचान राजस्थान कांग्रेस और बूंदी जिले की राजनीति से जुड़ी हुई है।

निष्कर्ष

सी. एल. प्रेमी बैरवा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ राजनेता और राजस्थान की केशोरायपाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका पूरा नाम चुन्नीलाल प्रेमी बैरवा बताया जाता है। वे 16वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य हैं।

उनका राजनीतिक जीवन वर्ष 2008 में महत्वपूर्ण रूप से सामने आया, जब उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर केशोरायपाटन विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। वर्ष 2013 में वे चुनाव हार गए, लेकिन कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहे।

वर्ष 2023 में कांग्रेस ने उन्हें फिर से केशोरायपाटन से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने भाजपा की चंद्रकांता मेघवाल को 17,087 मतों के अंतर से पराजित किया और लगभग एक दशक बाद राजस्थान विधानसभा में वापसी की।

कांग्रेस संगठन में उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। जुलाई 2023 में उन्हें बूंदी जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उन्होंने केशोरायपाटन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व संभाला।

वर्तमान में वे Keshoraipatan MLA के रूप में क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं।

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