कैलाश चौधरी का जीवन परिचय | Kailash Choudhary Biography
कैलाश चौधरी
| जन्म | 20 सितंबर 1973 |
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| जन्म स्थान | बायतू, बाड़मेर, राजस्थान, भारत |
| निवास | बाड़मेर, राजस्थान, भारत |
| शिक्षा | स्नातकोत्तर |
| शैक्षिक योग्यता | एम.ए. |
| व्यवसाय | राजनीतिज्ञ, कृषक |
| पिता | तगाराम चौधरी |
| पति/पत्नी | रूपा देवी |
| बच्चे | 2 पुत्र |
कैलाश चौधरी (Kailash Choudhary) राजस्थान के प्रमुख राजनेता, किसान नेता तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वे बाड़मेर जिले के बायतू क्षेत्र से संबंध रखते हैं और राजस्थान की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वर्ष 2019 में वे बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए तथा भारत सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। पश्चिमी राजस्थान में उन्हें किसान हितों की आवाज उठाने वाले नेताओं में गिना जाता है।
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कैलाश चौधरी का जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
कैलाश चौधरी का जन्म 20 सितंबर 1973 को राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतू क्षेत्र में हुआ था। उनका जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ, जिसके कारण बचपन से ही उन्हें ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी और किसानों की समस्याओं को निकट से समझने का अवसर मिला।
उनके पिता तगाराम चौधरी क्षेत्र के जाने-माने जनप्रतिनिधि रहे और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे। परिवार का सामाजिक एवं राजनीतिक वातावरण कैलाश चौधरी के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण साबित हुआ। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े कैलाश चौधरी ने प्रारंभ से ही समाज सेवा और जनहित के कार्यों में रुचि दिखाई।
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कैलाश चौधरी की शिक्षा
कैलाश चौधरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बाड़मेर जिले में प्राप्त की। शिक्षा के प्रति उनकी विशेष रुचि रही और उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए स्नातकोत्तर तक अध्ययन किया। उन्होंने एम.ए. की उपाधि प्राप्त की।
छात्र जीवन के दौरान वे विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते रहे। इसी अवधि में उनकी नेतृत्व क्षमता विकसित हुई और वे युवाओं के बीच लोकप्रिय होने लगे।
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कैलाश चौधरी का प्रारंभिक राजनीतिक जीवन
कैलाश चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में की। उन्होंने संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई और धीरे-धीरे पार्टी के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल हो गए।
भाजपा संगठन में कार्य करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। संगठनात्मक कार्यों के कारण उनकी पहचान बाड़मेर जिले से निकलकर पूरे राजस्थान में बनने लगी।
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कैलाश चौधरी का विधायक के रूप में राजनीतिक सफर
वर्ष 2013 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कैलाश चौधरी को बायतू विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की और पहली बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने।
विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा तथा ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों की समस्याओं को विधानसभा में प्रभावी ढंग से रखा और क्षेत्रीय विकास के लिए लगातार प्रयास किए।
वर्ष 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने पुनः बायतू विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि चुनावी हार के बावजूद उनकी राजनीतिक सक्रियता लगातार बनी रही।
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कैलाश चौधरी का सांसद बनने का सफर
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कैलाश चौधरी को बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। यह चुनाव राजस्थान के सबसे चर्चित चुनावों में से एक माना गया था।
चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस नेता मानवेंद्र सिंह से हुआ। कैलाश चौधरी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए लोकसभा में प्रवेश किया। उनकी जीत ने पश्चिमी राजस्थान में भाजपा की स्थिति को और मजबूत किया।
सांसद बनने के बाद उन्होंने बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के विकास, रेल, सड़क, पेयजल, कृषि तथा सीमा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया।
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कैलाश चौधरी का केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्यकाल
30 मई 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कैलाश चौधरी को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री नियुक्त किया गया।
केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में भागीदारी निभाई। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद स्थापित करने तथा कृषि क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई।
राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में उन्होंने किसान हितों से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया और कृषि सुधारों से संबंधित विषयों पर अपनी बात रखी।
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कैलाश चौधरी का चुनावी सफर
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013
वर्ष 2013 में कैलाश चौधरी ने बायतू विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की। इस जीत के साथ वे पहली बार विधायक बने।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018
वर्ष 2018 में उन्होंने पुनः बायतू विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वे भाजपा संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय बने रहे।
लोकसभा चुनाव 2019
वर्ष 2019 में उन्होंने बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मानवेंद्र सिंह को हराकर जीत दर्ज की और पहली बार सांसद बने।
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कैलाश चौधरी का सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान
कैलाश चौधरी लंबे समय से किसानों, ग्रामीणों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। वे पश्चिमी राजस्थान में किसान हितैषी नेता के रूप में पहचान रखते हैं।
उन्होंने क्षेत्र में कृषि विकास, सिंचाई सुविधाओं, सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था तथा ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया है। सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया।
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कैलाश चौधरी की उपलब्धियाँ और प्रभाव
कैलाश चौधरी की प्रमुख उपलब्धियों में विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य करना शामिल है। वे पश्चिमी राजस्थान के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने क्षेत्रीय राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक अपनी पहचान बनाई।
राजस्थान की राजनीति में उनकी पहचान एक जमीनी नेता, किसान प्रतिनिधि और भाजपा के प्रमुख चेहरों में से एक के रूप में स्थापित हुई है।
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