कैलाश चौधरी एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा पूर्व केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री, के पद पर भारत सरकार मे रहे हैं। वे बाड़मेर से 2019 से 2024 तक लोकसभा सांसद रहे। पूर्व में वे राजस्थान की बायतु विधानसभा से विधायक थे। उनका राजनीतिक सफर संघर्षपूर्ण रहा है, जिसमें बस कंडक्टर से लेकर विधायक और सांसद बनने तक के पड़ाव शामिल हैं, और वे संघ से जुड़े हुए हैं और अभी हाल ही मे फिर से राजस्थान किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी बनाए गए हैं।

Kailash Choudhary

कैलाश चौधरी को किसानों का मसीहा भी कहा जाता है

कैलाश चौधरी का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

  • जन्म: 20 सितंबर, 1973 को बाड़मेर (राजस्थान) के बायतु में हुआ।
  • माता-पिता: पिता का नाम तागा राम और माता का नाम चुकी देवी है।
  • शिक्षा: बालोतरा के एम.बी.आर. गवर्नमेंट कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

कैलाश चौधरी का राजनीतिक करियर

  • शुरुआत: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ राजनीतिक यात्रा शुरू की।
  • स्थानीय राजनीति: 1999 में पार्षद चुनाव लड़े और 2004 में जिला परिषद सदस्य बने।
  • विधायक: 2013 से 2018 तक बायतु विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे।
  • सांसद: 2019 में बाड़मेर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और मोदी सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री बने।
  • पार्टी में भूमिका: राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और संगठन में सक्रिय रहे हैं।
  • संघर्षपूर्ण यात्रा: राजनीति में आने से पहले जीवन यापन के लिए बस कंडक्टर का काम भी किया।

कैलाश चौधरी की प्रमुख उपलब्धियाँ और विशेषताएँ

  • किसानों के मुद्दों पर सक्रिय: कवास बाढ़ पीड़ितों की मदद और किसानों के लिए संघर्ष किया, जिससे उनकी पहचान बनी।
  • सादगीपूर्ण जीवन: एक साधारण जीवन जीते हैं और सामुदायिक सेवा व खेती में रुचि रखते हैं।
  • पहचान: किसानों की आवाज उठाने और संगठन के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं।

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