Champat Rai: Difference between revisions
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राम मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया के दौरान वे मीडिया, संत समाज, अभियंताओं और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में रहे। | राम मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया के दौरान वे मीडिया, संत समाज, अभियंताओं और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में रहे। | ||
== विवाद और आरोप == | |||
वर्ष 2026 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उसके कुछ पदाधिकारियों से संबंधित दान राशि के कथित गबन तथा वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सार्वजनिक चर्चा का विषय बने। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताएँ हुई हैं। | |||
इन आरोपों के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने ट्रस्ट के अभिलेखों, दान प्रबंधन प्रणाली, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के दौरान ट्रस्ट के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई, जिनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी शामिल थे। | |||
कुछ शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर में प्राप्त दान और बहुमूल्य वस्तुओं के लेखा-जोखा में विसंगतियाँ हैं। वहीं कुछ राजनीतिक नेताओं ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने तथा विस्तृत न्यायिक जांच की मांग भी की। | |||
दूसरी ओर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और चंपत राय ने इन आरोपों का खंडन किया। ट्रस्ट का कहना है कि उसकी आय-व्यय और दान संबंधी प्रक्रियाएँ निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होती हैं तथा समय-समय पर आंतरिक और बाहरी लेखा परीक्षण (ऑडिट) भी किए जाते हैं। चंपत राय ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उपलब्ध ऑडिट में अब तक किसी वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है। | |||
जून 2026 तक मामले की जांच जारी थी और किसी सक्षम न्यायालय अथवा जांच एजेंसी द्वारा चंपत राय के विरुद्ध कोई अंतिम दोष सिद्ध नहीं किया गया था। इसलिए मामले को जांचाधीन माना जाता है। | |||
== उपलब्धियाँ और प्रभाव == | == उपलब्धियाँ और प्रभाव == | ||