Om Birla: Difference between revisions

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'''ओम बिरला (Om Birla)''' भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, लोकसभा अध्यक्ष तथा राजस्थान के कोटा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे वर्ष 2014, 2019 और 2024 में लगातार कोटा लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। वर्ष 2019 में उन्हें 17वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया तथा वर्ष 2024 में पुनः 18वीं लोकसभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वे स्वतंत्र भारत के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जिन्हें लगातार दो लोकसभाओं का अध्यक्ष बनने का अवसर प्राप्त हुआ।
'''ओम बिरला (Om Birla)''' भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, लोकसभा अध्यक्ष तथा राजस्थान के कोटा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे वर्ष 2014, 2019 और 2024 में लगातार कोटा लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। वर्ष 2019 में उन्हें 17वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया तथा वर्ष 2024 में पुनः 18वीं लोकसभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वे स्वतंत्र भारत के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जिन्हें लगातार दो लोकसभाओं का अध्यक्ष बनने का अवसर प्राप्त हुआ।

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ओम बिरला

जन्म 23 नवंबर 1962
जन्म स्थान कोटा, राजस्थान, भारत
निवास कोटा, राजस्थान, भारत
शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय
शैक्षिक योग्यता वाणिज्य में स्नातकोत्तर (एम.कॉम.)
व्यवसाय राजनेता, समाजसेवी
पिता श्रीकृष्ण बिरला
पति/पत्नी अमिता बिरला
बच्चे 2 पुत्रियाँ
आधिकारिक वेबसाइट वेबसाइट

ओम बिरला (Om Birla) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, लोकसभा अध्यक्ष तथा राजस्थान के कोटा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे वर्ष 2014, 2019 और 2024 में लगातार कोटा लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। वर्ष 2019 में उन्हें 17वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया तथा वर्ष 2024 में पुनः 18वीं लोकसभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वे स्वतंत्र भारत के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जिन्हें लगातार दो लोकसभाओं का अध्यक्ष बनने का अवसर प्राप्त हुआ।

परिचय

ओम बिरला राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। छात्र राजनीति से लेकर लोकसभा अध्यक्ष पद तक का उनका सफर भारतीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है।

संसदीय मर्यादा, सरल व्यक्तित्व और जनसंपर्क के कारण उनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुई है। लोकसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कई पहलें की हैं।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

ओम बिरला का जन्म 23 नवंबर 1962 को राजस्थान के कोटा शहर में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीकृष्ण बिरला था। उनका परिवार सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है।

बचपन से ही उनमें नेतृत्व क्षमता और सामाजिक कार्यों के प्रति रुचि दिखाई देती थी। छात्र जीवन में वे विभिन्न सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे।

उनका विवाह अमिता बिरला से हुआ। उनकी दो पुत्रियाँ हैं। सार्वजनिक जीवन के साथ-साथ वे सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं।

शिक्षा

ओम बिरला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोटा में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से वाणिज्य विषय में स्नातकोत्तर (एम.कॉम.) की डिग्री प्राप्त की।

छात्र जीवन के दौरान वे छात्र संगठनों से जुड़े और युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य करने लगे। इसी दौर में उनकी राजनीतिक और सामाजिक चेतना का विकास हुआ।

प्रारंभिक सार्वजनिक जीवन

ओम बिरला ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति और सामाजिक कार्यों से की। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और संगठन में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया।

युवाओं, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता के कारण उन्हें स्थानीय स्तर पर पहचान मिली। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

राजनीतिक जीवन

ओम बिरला ने राजस्थान विधानसभा की राजनीति से अपने राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाया। वे कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक निर्वाचित हुए।

विधानसभा में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कोटा संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव में जीत दर्ज कर पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया।

वर्ष 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने लगातार विजय प्राप्त की और कोटा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व जारी रखा।

लोकसभा चुनाव और संसदीय यात्रा

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में ओम बिरला ने कांग्रेस उम्मीदवार इज्यराज सिंह को 2,00,782 मतों के अंतर से पराजित किया। इस जीत के साथ वे पहली बार लोकसभा सदस्य बने।

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार रामनारायण मीणा को 2,79,677 मतों के अंतर से हराया। उन्हें लगभग 8 लाख से अधिक मत प्राप्त हुए।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में ओम बिरला ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार प्रहलाद गुंजल को 41,974 मतों के अंतर से पराजित किया। इस चुनाव में ओम बिरला को 7,50,496 मत प्राप्त हुए जबकि प्रहलाद गुंजल को 7,08,522 मत मिले। इसके साथ ही वे लगातार तीसरी बार कोटा लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए।

लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल

19 जून 2019 को ओम बिरला 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने, संसदीय समितियों की भूमिका को मजबूत करने तथा डिजिटल संसदीय प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने का कार्य किया।

वर्ष 2024 में उन्हें पुनः लोकसभा अध्यक्ष चुना गया। इस प्रकार वे लगातार दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बनने वाले चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए।

उनके कार्यकाल में संसद में तकनीकी नवाचार, सांसदों के प्रशिक्षण कार्यक्रम और संसदीय लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया।

जनसेवा और सामाजिक कार्य

ओम बिरला लंबे समय से सामाजिक सेवा से जुड़े हुए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण तथा युवाओं के विकास से संबंधित अनेक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।

कोटा संसदीय क्षेत्र में उन्होंने आधारभूत सुविधाओं, सड़क, रेलवे, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए विभिन्न प्रयास किए हैं।

उपलब्धियाँ और प्रभाव

  • 17वीं और 18वीं लोकसभा के अध्यक्ष
  • कोटा लोकसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार सांसद निर्वाचित
  • कोटा दक्षिण से कई बार विधायक निर्वाचित
  • संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में योगदान
  • छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक सफल यात्रा
  • शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान

व्यक्तित्व और विचार

ओम बिरला को सरल, सौम्य और संवाद आधारित नेतृत्व के लिए जाना जाता है। वे लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जनभागीदारी को शासन व्यवस्था का आधार मानते हैं।

उनकी कार्यशैली में अनुशासन, संवाद और सहमति निर्माण को विशेष महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का सम्मान प्राप्त है।

निष्कर्ष

ओम बिरला भारतीय राजनीति के उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने छात्र राजनीति से लेकर लोकसभा अध्यक्ष पद तक का उल्लेखनीय सफर तय किया है। कोटा क्षेत्र से लगातार चुनावी सफलताओं और संसदीय नेतृत्व के कारण उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में एक विशिष्ट स्थान बनाया है।

लोकसभा अध्यक्ष के रूप में उनका योगदान भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है। जनसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें समकालीन भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में स्थान दिलाती है।

स्रोत

  • लोकसभा सचिवालय
  • भारत निर्वाचन आयोग
  • MyNeta
  • भारतीय संसद
  • विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय समाचार स्रोत

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