Ravindra Singh Bhati: Difference between revisions
No edit summary |
No edit summary |
||
| Line 1: | Line 1: | ||
{{DISPLAYTITLE:रविंद्र सिंह भाटी का जीवन परिचय }} | {{DISPLAYTITLE:रविंद्र सिंह भाटी का जीवन परिचय}} | ||
[[File:Ravsa Wiki.jpg|thumb|'''(रविंद्र सिंह भाटी) Ravindra singh bhati''']] | [[File:Ravsa Wiki.jpg|thumb|'''(रविंद्र सिंह भाटी) Ravindra singh bhati''']] | ||
'''रविंद्र सिंह भाटी''' '''(Ravindra Singh Bhati)''' एक भारतीय राजनेता हैं , जो 2023 से स्वतंत्र विधायक के रूप में राजस्थान विधान सभा में शिव विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह 2019 से 2022 तक जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। 2024 मे बाड़मेर जैसलमेर से लोकसभा के चुनाव मे बीजेपी के [[Kailash Choudhary|कैलाश चौधरी]] से भी ज्यादा वोट हासिल किए, लेकिन फिर भी काँग्रेस के उम्मेदाराम बेनीवाल से हार गए। | '''रविंद्र सिंह भाटी''' '''(Ravindra Singh Bhati)''' एक भारतीय राजनेता हैं , जो 2023 से स्वतंत्र विधायक के रूप में राजस्थान विधान सभा में शिव विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह 2019 से 2022 तक जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। 2024 मे बाड़मेर जैसलमेर से लोकसभा के चुनाव मे बीजेपी के [[Kailash Choudhary|कैलाश चौधरी]] से भी ज्यादा वोट हासिल किए, लेकिन फिर भी काँग्रेस के उम्मेदाराम बेनीवाल से हार गए। | ||
Revision as of 11:35, 8 May 2026

रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) एक भारतीय राजनेता हैं , जो 2023 से स्वतंत्र विधायक के रूप में राजस्थान विधान सभा में शिव विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह 2019 से 2022 तक जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। 2024 मे बाड़मेर जैसलमेर से लोकसभा के चुनाव मे बीजेपी के कैलाश चौधरी से भी ज्यादा वोट हासिल किए, लेकिन फिर भी काँग्रेस के उम्मेदाराम बेनीवाल से हार गए।
रवींद्र सिंह भाटी का प्रारंभिक जीवन, परिवार और शिक्षा
रविंद्र सिंह भाटी का जन्म 3 दिसंबर 1997 को राजस्थान के बाड़मेर जिले के दुधोड़ा गांव में एक राजपूत परिवार में हुआ था। उनके पिता शैतान सिंह भाटी एक स्कूल शिक्षक हैं, जबकि उनकी मां अशोक कंवर एक गृहिणी हैं। रविंद्र की प्रारंभिक शिक्षा बाड़मेर में हुई, जिसके बाद उन्होंने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर से स्नातक (BA) और जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU), जोधपुर से कानून की डिग्री (LLB) हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही वे छात्र हितों के लिए सक्रिय हो गए थे।
रवींद्र सिंह भाटी का राजनीतिक कैरियर
भाटी ने जेएनवीयू में छात्र राजनीति के माध्यम से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। एबीवीपी के टिकट से इनकार के बाद, उन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा और जेएनवीयू के 57 साल के इतिहास में पहले स्वतंत्र छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में जीत हासिल की। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई छात्र चिंताओं को प्राथमिकता दी, जिसमें चुनौतीपूर्ण COVID-19 महामारी के बीच फीस के मुद्दों को संबोधित करना भी शामिल था, इसके लिए वह कई बार जेल भी गए।
इसके बाद, अपनी लोकप्रियता के लिए पहचाने जाने पर, वह भाजपा राजस्थान के शीर्ष नेतृत्व के तहत भाजपा में शामिल हो गए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से टिकट न मिलने के बाद उन्होंने बगावत की और जनता के समर्थन से चुनाव लड़ा। उन्होंने 79,495 वोट हासिल कर 3,950 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वे राजस्थान के सबसे कम उम्र के विधायकों में से एक बने। उनकी इस सफलता ने उन्हें युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।
साल 2024 में रविंद्र ने बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। हालांकि वे इस बार जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन उनके प्रचार के दौरान समर्थकों की भारी भीड़ ने उनकी लोकप्रियता को साबित किया।
रवींद्र सिंह भाटी की प्रमुख उपलब्धियाँ और विशेषताएँ
रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) की खासियत उनकी स्वतंत्र सोच और जनता के प्रति समर्पण है। वे स्थानीय मुद्दों जैसे शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार आवाज उठाते हैं। उनकी निडरता और बिना किसी बड़े राजनीतिक दल के समर्थन के जीतने की क्षमता उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाती है।
रविंद्र सिंह भाटी आज राजस्थान के युवाओं के लिए एक मिसाल हैं। उनका मानना है कि मेहनत और ईमानदारी से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी यह यात्रा न केवल राजनीति में रुचि रखने वालों के लिए, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को सच करना चाहता है।
सोर्स
रवींद्र सिंह भाटी का जन्म - विकिपिडिया
रवींद्र सिंह भाटी का राजनैतिक कैरियर - Hindi Jeevani