Shri RajaRam Ji Bhagwan: Difference between revisions

No edit summary
No edit summary
 
(3 intermediate revisions by the same user not shown)
Line 57: Line 57:


वर्तमान में आश्रम में गुरूगादी की चौधी पीढी के रूप में श्री दयारामजी महाराज को महंत श्री की उपाधि से विभूषित किया गया । नव गादीपति श्री दयारामजी महाराज महंत है, लग्नशील है अतः आपके सानिध्य में समाज चहुंमुखी विकास के पथ पर आगे बढ रहा है एवं गुरूजी के दिये उपदेशों का प्रसार-प्रचार कर रहे हैं।
वर्तमान में आश्रम में गुरूगादी की चौधी पीढी के रूप में श्री दयारामजी महाराज को महंत श्री की उपाधि से विभूषित किया गया । नव गादीपति श्री दयारामजी महाराज महंत है, लग्नशील है अतः आपके सानिध्य में समाज चहुंमुखी विकास के पथ पर आगे बढ रहा है एवं गुरूजी के दिये उपदेशों का प्रसार-प्रचार कर रहे हैं।
== सोर्स - ==
* ग्रंथ - संत शिरोमणि श्री राजारामजी के उपदेश
* ग्रंथ - श्री राजेश्वरधाम एक पावन तीर्थ<br />


Category [[महापुरुष]]
Category [[महापुरुष]]
[[Category:राजस्थान के देवी देवता]]