Shri RajaRam Ji Bhagwan: Difference between revisions
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वर्तमान में आश्रम में गुरूगादी की चौधी पीढी के रूप में श्री दयारामजी महाराज को महंत श्री की उपाधि से विभूषित किया गया । नव गादीपति श्री दयारामजी महाराज महंत है, लग्नशील है अतः आपके सानिध्य में समाज चहुंमुखी विकास के पथ पर आगे बढ रहा है एवं गुरूजी के दिये उपदेशों का प्रसार-प्रचार कर रहे हैं। | वर्तमान में आश्रम में गुरूगादी की चौधी पीढी के रूप में श्री दयारामजी महाराज को महंत श्री की उपाधि से विभूषित किया गया । नव गादीपति श्री दयारामजी महाराज महंत है, लग्नशील है अतः आपके सानिध्य में समाज चहुंमुखी विकास के पथ पर आगे बढ रहा है एवं गुरूजी के दिये उपदेशों का प्रसार-प्रचार कर रहे हैं। | ||
== सोर्स - == | |||
* ग्रंथ - संत शिरोमणि श्री राजारामजी के उपदेश | |||
* ग्रंथ - श्री राजेश्वरधाम एक पावन तीर्थ<br /> | |||
Category [[महापुरुष]] | Category [[महापुरुष]] | ||
[[Category:राजस्थान के देवी देवता]] | |||