Babulal Kharadi: Difference between revisions
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बाबूलाल खराड़ी
| जन्म | 15 अगस्त 1967 |
|---|---|
| जन्म स्थान | नीचला थला, कोटड़ा, उदयपुर, राजस्थान, भारत |
| निवास | झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान, भारत |
| शिक्षा | माध्यमिक शिक्षा |
| शैक्षिक योग्यता | माध्यमिक |
| व्यवसाय | कृषक, राजनेता |
| पिता | फगना खराड़ी |
| माता | हरकी देवी |
| पति/पत्नी | मणी देवी, तेज देवी |
| बच्चे | 8 |
बाबूलाल खराड़ी (Babulal Kharadi) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ आदिवासी नेता, राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री तथा झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र में भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें जनजाति क्षेत्रीय विकास (Tribal Area Development) तथा गृह रक्षा विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
परिचय
बाबूलाल खराड़ी राजस्थान के दक्षिणी आदिवासी क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। वे लंबे समय से जनजातीय समाज, ग्रामीण विकास और आदिवासी क्षेत्रों के उत्थान से जुड़े मुद्दों पर कार्य करते रहे हैं।
उनकी पहचान एक सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में भी है। मंत्री बनने के बाद भी उनका साधारण जीवन और अपने गांव से जुड़ाव अक्सर चर्चा का विषय रहा है।
जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
बाबूलाल खराड़ी का जन्म 15 अगस्त 1967 को राजस्थान के उदयपुर जिले की कोटड़ा तहसील के नीचला थला गांव में हुआ था।
उनके पिता का नाम फगना खराड़ी तथा माता का नाम हरकी देवी था। वे आदिवासी समुदाय से संबंध रखते हैं और उनका बचपन ग्रामीण एवं जनजातीय परिवेश में बीता।
ग्रामीण परिस्थितियों में पले-बढ़े बाबूलाल खराड़ी ने प्रारंभ से ही सामाजिक जीवन और जनसमस्याओं को निकटता से देखा। यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की आधारशिला बना।
उनकी पत्नियों के नाम मणी देवी और तेज देवी हैं। उनके आठ बच्चे हैं, जिनमें चार पुत्र और चार पुत्रियाँ शामिल हैं।
शिक्षा
बाबूलाल खराड़ी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालयों से प्राप्त की।
उन्होंने माध्यमिक स्तर तक शिक्षा ग्रहण की। शिक्षा पूरी करने के बाद वे कृषि कार्यों और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ गए। उनकी मुख्य आजीविका लंबे समय तक कृषि रही है।
राजनीतिक जीवन
बाबूलाल खराड़ी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से की।
वर्ष 1995 में उन्होंने जिला परिषद चुनाव के माध्यम से सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। इसके बाद वर्ष 2000 में वे कोटड़ा पंचायत समिति के प्रधान निर्वाचित हुए।
वर्ष 2003 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें फलासिया विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया।
परिसीमन के बाद वे झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने लगे। वर्ष 2008 में उन्होंने पुनः जीत दर्ज की। वर्ष 2013 में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा, लेकिन वर्ष 2018 में उन्होंने जोरदार वापसी की और विधायक बने।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023
वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में बाबूलाल खराड़ी ने झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।
इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार हीरालाल दरांगी से हुआ।
बाबूलाल खराड़ी को 76,537 मत प्राप्त हुए जबकि हीरालाल दरांगी को 70,049 मत मिले। उन्होंने 6,488 मतों के अंतर से विजय प्राप्त की और चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए।
यह जीत दक्षिण राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र में भाजपा के लिए महत्वपूर्ण मानी गई।
मंत्री के रूप में कार्यकाल
दिसंबर 2023 में राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद बाबूलाल खराड़ी को पहली बार कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
उन्हें जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग तथा गृह रक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। मंत्री के रूप में वे आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार से संबंधित योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।
जनजातीय समाज के लिए योगदान
बाबूलाल खराड़ी लंबे समय से आदिवासी समुदाय के अधिकारों और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं।
उन्होंने झाड़ोल, कोटड़ा और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए कार्य किया है। जनजातीय क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ और सक्रिय जनसंपर्क उनकी राजनीतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उपलब्धियाँ और प्रभाव
- झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक निर्वाचित
- राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री
- जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के मंत्री
- कोटड़ा पंचायत समिति के पूर्व प्रधान
- आदिवासी समाज के प्रमुख नेताओं में शामिल
- वर्ष 2021 में राजस्थान विधानसभा के उत्कृष्ट विधायक सम्मान से सम्मानित
- दक्षिण राजस्थान में भाजपा संगठन को मजबूत करने में योगदान
व्यक्तित्व और विचार
बाबूलाल खराड़ी को सरल, जमीनी और सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले नेता के रूप में जाना जाता है।
वे आदिवासी समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने की बात करते हैं। उनकी राजनीति जनसंपर्क, ग्रामीण विकास और जनजातीय कल्याण पर केंद्रित रही है।
निष्कर्ष
बाबूलाल खराड़ी राजस्थान के प्रमुख आदिवासी नेताओं में से एक हैं। पंचायत स्तर की राजनीति से लेकर कैबिनेट मंत्री बनने तक का उनका सफर जनसेवा और संगठनात्मक कार्य का परिणाम माना जाता है।
झाड़ोल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने आदिवासी समाज की समस्याओं को राज्य स्तर पर उठाने का कार्य किया है। राजस्थान की वर्तमान राजनीति में उनकी पहचान एक प्रभावशाली जनजातीय नेता और अनुभवी जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित है।