Mahant Pratap Puri ji: Difference between revisions

From Marupedia
Jump to navigation Jump to search
No edit summary
 
(One intermediate revision by the same user not shown)
Line 1: Line 1:
{{DISPLAYTITLE:महंत प्रताप पुरी जी (Mahant Pratap Puri ji) का जीवन परिचय}}
{{DISPLAYTITLE: महंत प्रताप पुरी जी का जीवन परिचय | Mahant Pratap Puri Ji Biography}}
[[File:Mahant Pratap Puri Ji.jpg|thumb|'''महंत प्रताप पुरी जी''' '''(Mahant Pratap Puri ji)''']]
{{Biography infobox
| name = महंत प्रताप पुरी जी
| image = Mahant Pratap Puri Ji.jpg
| birth = 5 अगस्त 1970
| birthplace = महाबार गाँव, बाड़मेर, राजस्थान, भारत
| residence = तारातरा मठ, बाड़मेर, राजस्थान, भारत
| education = लीलसर गाँव और बाड़मेर में प्रारंभिक शिक्षा; गुरुकुल, हरियाणा
| qualification = शास्त्री
| profession = संत, आध्यात्मिक गुरु, राजनेता
| father =
| mother =
| spouse =
| children =
| website = https://mahantpratappuri.in
}}
'''महंत प्रताप पुरी जी''' '''(Mahant Pratap Puri ji)''' राजस्थान के प्रसिद्ध संत, धर्मगुरु एवं राजनेता हैं। वे बाड़मेर जिले स्थित ऐतिहासिक '''तारातरा मठ''' के महंत हैं तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए नेता हैं। धार्मिक नेतृत्व के साथ सामाजिक सेवा और सक्रिय राजनीति में भागीदारी के कारण पश्चिमी राजस्थान, विशेष रूप से जैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण पहचान है।
'''महंत प्रताप पुरी जी''' '''(Mahant Pratap Puri ji)''' राजस्थान के प्रसिद्ध संत, धर्मगुरु एवं राजनेता हैं। वे बाड़मेर जिले स्थित ऐतिहासिक '''तारातरा मठ''' के महंत हैं तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए नेता हैं। धार्मिक नेतृत्व के साथ सामाजिक सेवा और सक्रिय राजनीति में भागीदारी के कारण पश्चिमी राजस्थान, विशेष रूप से जैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण पहचान है।
----
----


== महंत प्रताप पुरी जी का जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार ==
== महंत प्रताप पुरी जी का जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार ==
महंत प्रताप पुरी जी का जन्म '''2 जनवरी 1974''' को राजस्थान में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्म और संत परंपरा की ओर रहा। धार्मिक वातावरण में पले-बढ़े प्रताप पुरी जी ने युवा अवस्था में ही आध्यात्मिक जीवन को अपनाया और गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त की।
महंत प्रताप पुरी जी का जन्म '''05 अगस्त 1964''' को राजस्थान में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्म और संत परंपरा की ओर रहा। धार्मिक वातावरण में पले-बढ़े प्रताप पुरी जी ने युवा अवस्था में ही आध्यात्मिक जीवन को अपनाया और गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त की।


बाद में वे पश्चिम राजस्थान के प्रसिद्ध '''तारातरा मठ''' से जुड़े और संत परंपरा के उत्तराधिकारी के रूप में महंत पद पर आसीन हुए।
बाद में वे पश्चिम राजस्थान के प्रसिद्ध '''तारातरा मठ''' से जुड़े और संत परंपरा के उत्तराधिकारी के रूप में महंत पद पर आसीन हुए।
Line 48: Line 62:
* [[Jaswant Singh Jasol|जसवंत सिंह]]
* [[Jaswant Singh Jasol|जसवंत सिंह]]
* [[Ashok Gehlot|अशोक गहलोत]]
* [[Ashok Gehlot|अशोक गहलोत]]
__INDEX__

Latest revision as of 10:28, 8 June 2026


महंत प्रताप पुरी जी

जन्म 5 अगस्त 1970
जन्म स्थान महाबार गाँव, बाड़मेर, राजस्थान, भारत
निवास तारातरा मठ, बाड़मेर, राजस्थान, भारत
शिक्षा लीलसर गाँव और बाड़मेर में प्रारंभिक शिक्षा; गुरुकुल, हरियाणा
शैक्षिक योग्यता शास्त्री
व्यवसाय संत, आध्यात्मिक गुरु, राजनेता
आधिकारिक वेबसाइट वेबसाइट


महंत प्रताप पुरी जी (Mahant Pratap Puri ji) राजस्थान के प्रसिद्ध संत, धर्मगुरु एवं राजनेता हैं। वे बाड़मेर जिले स्थित ऐतिहासिक तारातरा मठ के महंत हैं तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए नेता हैं। धार्मिक नेतृत्व के साथ सामाजिक सेवा और सक्रिय राजनीति में भागीदारी के कारण पश्चिमी राजस्थान, विशेष रूप से जैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण पहचान है।


महंत प्रताप पुरी जी का जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

महंत प्रताप पुरी जी का जन्म 05 अगस्त 1964 को राजस्थान में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्म और संत परंपरा की ओर रहा। धार्मिक वातावरण में पले-बढ़े प्रताप पुरी जी ने युवा अवस्था में ही आध्यात्मिक जीवन को अपनाया और गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त की।

बाद में वे पश्चिम राजस्थान के प्रसिद्ध तारातरा मठ से जुड़े और संत परंपरा के उत्तराधिकारी के रूप में महंत पद पर आसीन हुए।


महंत प्रताप पुरी जी का धार्मिक जीवन और तारातरा मठ

तारातरा मठ पश्चिम राजस्थान का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। महंत प्रताप पुरी जी (Mahant Pratap Puri ji) ने मठ के माध्यम से धार्मिक आयोजन, गौसेवा, संत सम्मेलन तथा सामाजिक सेवा कार्यों को बढ़ावा दिया।

उनकी पहचान एक ऐसे संत के रूप में बनी जिन्होंने धर्म और समाज सेवा को साथ लेकर कार्य किया।


महंत प्रताप पुरी जी का राजनीतिक जीवन की शुरुआत

महंत प्रताप पुरी जी ने सामाजिक एवं धार्मिक सेवा के माध्यम से जनसंपर्क स्थापित करने के बाद सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े।

उन्होंने वर्ष 2018 राजस्थान विधानसभा चुनाव में पोकरण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, किन्तु इस चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा।


महंत प्रताप पुरी जी का विधायक (MLA) के रूप में राजनीतिक सफर

वर्ष 2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव में महंत प्रताप पुरी जी पुनः भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पोकरण सीट से चुनाव मैदान में उतरे। इस बार उन्होंने कांग्रेस नेता एवं तत्कालीन मंत्री सालेह मोहम्मद को पराजित कर विजय प्राप्त की और राजस्थान विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए।

विधायक बनने के बाद वे क्षेत्रीय विकास, धार्मिक पर्यटन, पेयजल व्यवस्था तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।


महंत प्रताप पुरी जी का सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान

महंत प्रताप पुरी जी धार्मिक नेतृत्व के साथ जनसेवा को प्राथमिकता देने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। वे गौसेवा, धार्मिक आयोजनों, ग्रामीण सहायता तथा सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भाग लेते हैं। पश्चिमी राजस्थान में उन्हें संत एवं जनप्रतिनिधि दोनों रूपों में सम्मान प्राप्त है।


स्रोत

  • हिंदी विकिपीडिया — महंत प्रताप पुरी
  • राजस्थान विधानसभा चुनाव परिणाम 2018 एवं 2023
  • प्रमुख समाचार स्रोत (Aaj Tak, NDTV Rajasthan)
  • सार्वजनिक राजनीतिक एवं धार्मिक जानकारी

संबंधित लेख