Tan Singh: Difference between revisions

From Marupedia
Jump to navigation Jump to search
MaruPedia (talk | contribs)
Created page with "{{DISPLAYTITLE: तन सिंह का जीवन परिचय | Tan Singh Biography}} {{Biography infobox | name = तन सिंह | image = Tan_Singh_Biography.jpg | birth = 25 जनवरी 1924 | birthplace = बैरसियाला (ननिहाल), जैसलमेर, राजस्थान, भारत | residence = बाड़मेर, राजस्थान, भारत | education = विधि (एल.एल.बी.) | q..."
 
MaruPedia (talk | contribs)
No edit summary
 
(One intermediate revision by the same user not shown)
Line 15: Line 15:
| website =  
| website =  
}}
}}
 
[[Category:भारतीय अधिवक्ता]]
'''तन सिंह (Tan Singh)''' भारत के प्रख्यात राजनेता, समाजसेवी, लेखक तथा राजस्थान के जननेता थे। वे राजस्थान विधानसभा के दो बार सदस्य तथा बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे। उन्होंने वर्ष 1946 में '''श्री क्षत्रिय युवक संघ''' की स्थापना की, जिसने राजपूत समाज में सामाजिक जागरण, चरित्र निर्माण और संगठन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
'''तन सिंह (Tan Singh)''' भारत के प्रख्यात राजनेता, समाजसेवी, लेखक तथा राजस्थान के जननेता थे। वे राजस्थान विधानसभा के दो बार सदस्य तथा बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे। उन्होंने वर्ष 1946 में '''श्री क्षत्रिय युवक संघ''' की स्थापना की, जिसने राजपूत समाज में सामाजिक जागरण, चरित्र निर्माण और संगठन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


Line 91: Line 91:


* [[Bhairon Singh Shekhawat]]
* [[Bhairon Singh Shekhawat]]
* [[Jaswant Singh]]
* [[Jaswant Singh Jasol|Jaswant Singh]]
* [[Vasundhara Raje]]
* [[Vasundhara Raje Cindia|Vasundhara Raje]]
* [[Hanwant Singh]]
* [[Hanwant Singh]]
* [[Barmer]]


[[Category:भारतीय राजनेता]]
[[Category:भारतीय राजनेता]]

Latest revision as of 09:30, 17 October 2026


तन सिंह

जन्म 25 जनवरी 1924
जन्म स्थान बैरसियाला (ननिहाल), जैसलमेर, राजस्थान, भारत
निवास बाड़मेर, राजस्थान, भारत
शिक्षा विधि (एल.एल.बी.)
शैक्षिक योग्यता अधिवक्ता
व्यवसाय राजनेता, समाजसेवी, लेखक
पिता ठाकुर बलवंत सिंह महेचा
माता मोती कंवर सोढ़ा
पति/पत्नी बैराज कंवर


विज्ञापन
Marupedia जीवनी प्रकाशन विशेष ऑफर
Marupedia जीवनी प्रकाशन विशेष ऑफर


तन सिंह (Tan Singh) भारत के प्रख्यात राजनेता, समाजसेवी, लेखक तथा राजस्थान के जननेता थे। वे राजस्थान विधानसभा के दो बार सदस्य तथा बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे। उन्होंने वर्ष 1946 में श्री क्षत्रिय युवक संघ की स्थापना की, जिसने राजपूत समाज में सामाजिक जागरण, चरित्र निर्माण और संगठन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

परिचय

तन सिंह का नाम राजस्थान के प्रमुख जननेताओं और समाज सुधारकों में लिया जाता है। उन्होंने राजनीति के साथ-साथ सामाजिक संगठन, शिक्षा, युवा जागरण और राष्ट्रीय चेतना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। वे अपने सादगीपूर्ण जीवन, प्रभावशाली नेतृत्व और समाज सेवा के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

तन सिंह का जन्म 25 जनवरी 1924 को राजस्थान के जैसलमेर जिले के बैरसियाला (उनके ननिहाल) में हुआ।

उनका बचपन का नाम तनेराज सिंह था। उनके पिता का नाम ठाकुर बलवंत सिंह महेचा तथा माता का नाम मोती कंवर सोढ़ा था। जब वे लगभग चार वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनका पालन-पोषण कठिन परिस्थितियों में हुआ।

उनका विवाह बैराज कंवर से हुआ।

शिक्षा

प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद तन सिंह ने विधि (Law) की पढ़ाई की और अधिवक्ता बने।

वकालत पूरी करने के बाद वे बाड़मेर लौट आए और वहीं से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।

राजनीतिक जीवन

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद तन सिंह ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

वर्ष 1949 में उन्हें बाड़मेर नगरपालिका का प्रथम अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

वर्ष 1952 के प्रथम राजस्थान विधानसभा चुनाव में वे बाड़मेर से विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद 1957 में पुनः विधायक बने।

वर्ष 1962 में वे पहली बार बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए। बाद में वर्ष 1977 में जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में दूसरी बार लोकसभा पहुँचे।

श्री क्षत्रिय युवक संघ की स्थापना

दीपावली की रात्रि, वर्ष 1946 में तन सिंह ने श्री क्षत्रिय युवक संघ की स्थापना की।

इस संगठन का उद्देश्य समाज में चरित्र निर्माण, राष्ट्रीय भावना, अनुशासन, सामाजिक एकता तथा युवा पीढ़ी में संस्कारों का विकास करना था।

आज भी यह संगठन राजस्थान सहित देश के अनेक क्षेत्रों में सक्रिय है।

सामाजिक योगदान

तन सिंह ने समाज सुधार, शिक्षा, संगठन निर्माण तथा युवा जागरण के लिए निरंतर कार्य किया।

उन्होंने समाज में व्याप्त अनेक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण किया तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया।

वे सरल जीवन, उच्च विचार और सेवा भावना के प्रतीक माने जाते हैं।

साहित्यिक योगदान

राजनीति और समाज सेवा के साथ-साथ तन सिंह लेखन कार्य से भी जुड़े रहे।

उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक तथा राष्ट्रीय विषयों पर अनेक लेख एवं पुस्तकें लिखीं, जिनमें समाज सुधार और नैतिक मूल्यों पर विशेष बल दिया गया।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • बाड़मेर नगरपालिका के प्रथम अध्यक्ष
  • राजस्थान विधानसभा के दो बार सदस्य
  • बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद
  • श्री क्षत्रिय युवक संघ के संस्थापक
  • समाज सुधारक एवं लेखक

व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि

तन सिंह अपने ईमानदार नेतृत्व, सादगी और समाज सेवा के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे। उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम माना और जीवनभर सामाजिक संगठन तथा युवा जागरण के लिए कार्य किया। राजस्थान में आज भी उन्हें सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाता है।

निधन

तन सिंह का निधन 7 दिसंबर 1979 को हुआ। उनके निधन के बाद भी उनके द्वारा स्थापित सामाजिक संगठन और उनके विचार समाज में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

निष्कर्ष

तन सिंह राजस्थान के उन जननेताओं में शामिल हैं जिन्होंने राजनीति और समाज सेवा दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने संगठन निर्माण, युवा जागरण और सामाजिक सुधार के माध्यम से समाज पर स्थायी प्रभाव छोड़ा तथा सार्वजनिक जीवन में आदर्श नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया।

संबंधित लेख