Jaswant Singh Jasol: Difference between revisions
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जसवंत सिंह भारत के वरिष्ठ राजनेता, पूर्व सैनिक, लेखक तथा भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक थे। वे भारत सरकार में विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। भारतीय राजनीति और विदेश नीति के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वे अपने स्पष्ट विचारों, कूटनीतिक समझ और राष्ट्रीय सुरक्षा विषयों की गहरी जानकारी के लिए प्रसिद्ध थे।
जसवंत सिंह का जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार
जसवंत सिंह का जन्म 3 जनवरी 1938 को राजस्थान के जोधपुर जिले के जसोल गाँव (वर्तमान बालोतरा क्षेत्र) में एक राजपूत परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम ठाकुर सरदार सिंह था। उनका पालन-पोषण राजस्थानी परंपराओं और अनुशासनपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया।
प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने सैन्य जीवन को अपनाया और देश सेवा का मार्ग चुना, जिससे उनके जीवन में अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति के गुण विकसित हुए।
जसवंत सिंह का सैन्य जीवन
राजनीति में आने से पहले जसवंत सिंह भारतीय सेना में अधिकारी रहे। वे भारतीय सेना की कैवलरी रेजिमेंट से जुड़े थे और सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने रणनीति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों की गहरी समझ विकसित की। सेना का अनुभव उनके राजनीतिक जीवन और रक्षा नीति संबंधी निर्णयों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
जसवंत सिंह का राजनीतिक जीवन की शुरुआत
जसवंत सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के शुरुआती दौर में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और पार्टी के संस्थापक नेताओं में गिने जाने लगे। वे राजस्थान से राज्यसभा तथा लोकसभा दोनों सदनों के सदस्य रहे। अपने शांत स्वभाव और प्रभावशाली वक्तृत्व के कारण वे राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख नेता बने।
जसवंत सिंह का केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्यकाल
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान जसवंत सिंह ने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।
- भारत के विदेश मंत्री (1998–2002) के रूप में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- रक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निर्णयों में योगदान दिया।
- वित्त मंत्री के रूप में आर्थिक नीतियों के संचालन में भी भूमिका निभाई।
पोखरण परमाणु परीक्षणों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक स्थिति मजबूत करने में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय माना जाता है।
जसवंत सिंह का साहित्यिक और बौद्धिक योगदान
जसवंत सिंह एक लेखक और चिंतक भी थे। उन्होंने भारत की विदेश नीति, इतिहास और राजनीति पर कई पुस्तकें लिखीं। उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों में “A Call to Honour” और “Jinnah: India-Partition-Independence” शामिल हैं, जिनमें उन्होंने ऐतिहासिक और राजनीतिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
जसवंत सिंह का निधन
जसवंत सिंह का निधन 27 सितंबर 2020 को नई दिल्ली में हुआ। लंबे समय तक अस्वस्थ रहने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन को भारतीय राजनीति और कूटनीति के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति माना गया।
जसवंत सिंह का राजनीतिक और राष्ट्रीय महत्व
जसवंत Singh को भारत के उन नेताओं में गिना जाता है जिन्होंने सैन्य अनुभव, कूटनीतिक समझ और राजनीतिक नेतृत्व को एक साथ जोड़ा। वे संयमित राजनीति, राष्ट्रीय हितों की स्पष्ट सोच और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहरी समझ के लिए आज भी याद किए जाते हैं।
स्रोत
- भारत सरकार एवं संसदीय अभिलेख
- हिंदी एवं अंग्रेजी विकिपीडिया — जसवंत सिंह
- भारतीय राजनीति एवं विदेश नीति से संबंधित सार्वजनिक ऐतिहासिक स्रोत