मन्नालाल रावत का जीवन परिचय | Manna Lal Rawat Biography

From Marupedia
Revision as of 14:06, 9 June 2026 by MaruPedia (talk | contribs)
(diff) ← Older revision | Latest revision (diff) | Newer revision → (diff)
Jump to navigation Jump to search


मन्नालाल रावत

जन्म 7 जनवरी 1972
जन्म स्थान चिकलाड़, प्रतापगढ़, राजस्थान, भारत
निवास उदयपुर, राजस्थान, भारत
शिक्षा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर
शैक्षिक योग्यता बी.एससी., एम.ए., पीएच.डी.
व्यवसाय राजनेता, शिक्षाविद्, समाजसेवी, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी
पिता गौतम लाल
माता जुमली बाई
पति/पत्नी डॉ. रजनी पी. रावत
बच्चे -
आधिकारिक वेबसाइट [- वेबसाइट]


मन्नालाल रावत (Manna Lal Rawat) भारतीय जनता पार्टी के नेता, शिक्षाविद्, समाजसेवी तथा राजस्थान के उदयपुर (अनुसूचित जनजाति) लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उदयपुर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित होकर पहली बार लोकसभा पहुँचे। राजनीति में सक्रिय होने से पूर्व वे राजस्थान प्रशासनिक सेवा से जुड़े रहे तथा अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (Additional Transport Commissioner) के पद से सेवानिवृत्त हुए।

परिचय

मन्नालाल रावत राजस्थान के आदिवासी समाज से आने वाले प्रमुख जनप्रतिनिधियों में से एक हैं। वे लंबे समय तक प्रशासनिक सेवा, सामाजिक कार्य तथा जनजातीय अध्ययन से जुड़े रहे हैं। जनजातीय समाज, संस्कृति, शिक्षा और विकास के विषयों पर उनके कार्यों ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में पहचान दिलाई।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें उदयपुर (एसटी) लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, जहाँ उन्होंने जीत दर्ज कर पहली बार संसद में प्रवेश किया।

जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार

मन्नालाल रावत का जन्म 7 जनवरी 1972 को राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के चिकलाड़ गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम गौतम लाल तथा माता का नाम जुमली बाई है। उनका परिवार जनजातीय समाज से संबंधित है और ग्रामीण परिवेश में उनका प्रारंभिक जीवन व्यतीत हुआ।

जनजातीय समाज की परिस्थितियों और चुनौतियों को उन्होंने बचपन से निकटता से देखा। यही अनुभव आगे चलकर उनके सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों का आधार बना।

उनका विवाह 29 फरवरी 2000 को डॉ. रजनी पी. रावत से हुआ। उनकी पत्नी कृषि कार्यों से जुड़ी रही हैं।

शिक्षा

मन्नालाल रावत ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर से बी.एससी., एम.ए. तथा पीएच.डी. की उपाधियाँ प्राप्त कीं।

उन्होंने जनजातीय विषयों पर शोध कार्य किया और वर्ष 2014 में पीएच.डी. (वाचस्पति) की उपाधि अर्जित की। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी विशेष रुचि आदिवासी समाज, संस्कृति और विकास से जुड़े विषयों में रही है।

प्रशासनिक एवं सामाजिक जीवन

राजनीति में आने से पूर्व मन्नालाल रावत राजस्थान प्रशासनिक सेवा से जुड़े रहे। उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया और बाद में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त के पद से सेवानिवृत्ति प्राप्त की।

सामाजिक क्षेत्र में वे जनजातीय समाज के उत्थान, सांस्कृतिक संरक्षण और शिक्षा के प्रसार के लिए सक्रिय रहे हैं। वे विभिन्न सामाजिक संगठनों और शोध संस्थानों से जुड़े रहे हैं।

उन्होंने जनजातीय विषयों पर अनेक पुस्तकों के लेखन और संपादन में भी योगदान दिया है, जिनमें जनजातीय समाज, संस्कृति और राजनीति से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं।

राजनीतिक जीवन

मन्नालाल रावत भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाने के बाद सक्रिय राजनीति में आए।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें उदयपुर (एसटी) संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। यह सीट राजस्थान की महत्वपूर्ण जनजातीय बहुल सीटों में गिनी जाती है।

चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जनजातीय विकास, शिक्षा, रोजगार, सड़क, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया।

लोकसभा चुनाव 2024

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मन्नालाल रावत का मुकाबला भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार ताराचंद मीणा से हुआ।

इस चुनाव में मन्नालाल रावत को 7,38,286 मत प्राप्त हुए जबकि ताराचंद मीणा को 4,76,678 मत मिले। उन्होंने 2,61,608 मतों के अंतर से विजय प्राप्त की और पहली बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। यह राजस्थान की प्रमुख जीतों में से एक थी।

संसदीय जीवन

लोकसभा सदस्य के रूप में मन्नालाल रावत विभिन्न संसदीय समितियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

वे कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय समिति के सदस्य रहे हैं। इसके अतिरिक्त कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की सलाहकार समिति तथा सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति से भी जुड़े रहे हैं।

संसद में उनकी उपस्थिति और भागीदारी उल्लेखनीय रही है तथा वे जनजातीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।

उपलब्धियाँ और प्रभाव

  • उदयपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित
  • राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे
  • अतिरिक्त परिवहन आयुक्त पद से सेवानिवृत्त
  • जनजातीय विषयों पर शोधकर्ता और लेखक
  • आदिवासी समाज के विकास से जुड़े अनेक सामाजिक कार्य
  • विभिन्न संसदीय समितियों के सदस्य
  • जनजातीय संस्कृति और पहचान के संरक्षण के समर्थक

व्यक्तित्व और विचार

मन्नालाल रावत को अध्ययनशील, शांत और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता है। वे जनजातीय समाज के सशक्तिकरण, शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और समावेशी विकास को महत्वपूर्ण मानते हैं।

उनकी पहचान प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक कार्यों को राजनीति से जोड़ने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में रही है। जनजातीय मुद्दों पर उनकी विशेषज्ञता उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान प्रदान करती है।

निष्कर्ष

मन्नालाल रावत राजस्थान के प्रमुख जनजातीय नेताओं में से एक हैं। प्रशासनिक सेवा, सामाजिक कार्य, शोध और राजनीति के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

उदयपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए वे जनजातीय समाज, ग्रामीण विकास, शिक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का कार्य कर रहे हैं। राजस्थान की राजनीति में उनकी पहचान एक शिक्षाविद्, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित हो रही है।

स्रोत

  • लोकसभा सचिवालय
  • भारत निर्वाचन आयोग
  • MyNeta
  • PRS Legislative Research
  • भारतीय जनता पार्टी
  • विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय समाचार स्रोत

संबंधित लेख