<?xml version="1.0"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="en">
	<id>https://marupedia.com/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=Shri_Kishnaram_Ji_Maharaj</id>
	<title>Shri Kishnaram Ji Maharaj - Revision history</title>
	<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://marupedia.com/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=Shri_Kishnaram_Ji_Maharaj"/>
	<link rel="alternate" type="text/html" href="https://marupedia.com/index.php?title=Shri_Kishnaram_Ji_Maharaj&amp;action=history"/>
	<updated>2026-06-08T17:30:00Z</updated>
	<subtitle>Revision history for this page on the wiki</subtitle>
	<generator>MediaWiki 1.45.1</generator>
	<entry>
		<id>https://marupedia.com/index.php?title=Shri_Kishnaram_Ji_Maharaj&amp;diff=1874&amp;oldid=prev</id>
		<title>MaruPedia: Created page with &quot;{{DISPLAYTITLE: संत श्री किशनाराम जी महाराज का जीवन परिचय &amp;#124; Sant Shri Kishnaram Ji Maharaj Biography}} {{Biography infobox | name = संत श्री किशनाराम जी महाराज | image = Shri Kishnaram Ji Maharaj Biography.jpg | birth = 20 अक्टूबर 1930 | birthplace = रोहिचा कल्ला, जोधपुर, राजस्थान, भार...&quot;</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://marupedia.com/index.php?title=Shri_Kishnaram_Ji_Maharaj&amp;diff=1874&amp;oldid=prev"/>
		<updated>2026-06-08T12:57:15Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Created page with &amp;quot;{{DISPLAYTITLE: संत श्री किशनाराम जी महाराज का जीवन परिचय | Sant Shri Kishnaram Ji Maharaj Biography}} {{Biography infobox | name = संत श्री किशनाराम जी महाराज | image = Shri Kishnaram Ji Maharaj Biography.jpg | birth = 20 अक्टूबर 1930 | birthplace = रोहिचा कल्ला, जोधपुर, राजस्थान, भार...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;New page&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{DISPLAYTITLE: संत श्री किशनाराम जी महाराज का जीवन परिचय &amp;amp;#124; Sant Shri Kishnaram Ji Maharaj Biography}}&lt;br /&gt;
{{Biography infobox&lt;br /&gt;
| name = संत श्री किशनाराम जी महाराज&lt;br /&gt;
| image = Shri Kishnaram Ji Maharaj Biography.jpg&lt;br /&gt;
| birth = 20 अक्टूबर 1930&lt;br /&gt;
| birthplace = रोहिचा कल्ला, जोधपुर, राजस्थान, भारत&lt;br /&gt;
| residence = शिकारपुरा आश्रम, लूणी, जोधपुर, राजस्थान&lt;br /&gt;
| profession = संत, समाजसेवी, आध्यात्मिक गुरु&lt;br /&gt;
| father = वजाराम जी ओड&lt;br /&gt;
| mother = चुन्नीबाई&lt;br /&gt;
| guru = महंत श्री देवाराम जी महाराज&lt;br /&gt;
| religion = हिन्दू धर्म&lt;br /&gt;
| known_for = शिकारपुरा पीठ के पीठाधीश्वर, समाज सेवा एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;महंत श्री श्री 1008 संत शिरोमणि श्री किशनाराम जी महाराज&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; राजस्थान के प्रसिद्ध संत, समाज सुधारक एवं शिकारपुरा धाम के पीठाधीश्वर रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन को धर्म, सेवा, मानव कल्याण और आध्यात्मिक जागरण के लिए समर्पित किया। शिकारपुरा धाम को विकसित करने तथा जनसेवा के अनेक कार्यों के कारण वे राजस्थान सहित देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण किए जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जन्म, प्रारंभिक जीवन और परिवार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संत किशनाराम जी महाराज का जन्म 20 अक्टूबर 1930 को राजस्थान के जोधपुर जिले के &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;रोहिचा कल्ला&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; गाँव में हुआ था। उनकी माता का नाम &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;चुन्नीबाई&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; तथा पिता का नाम &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;वजाराम जी ओड&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; था, जो लूणी क्षेत्र के निवासी थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
बाल्यावस्था में उनका स्वास्थ्य अत्यंत कमजोर रहता था। परिवारजन उन्हें समय-समय पर शिकारपुरा आश्रम ले जाया करते थे, जहाँ आश्रम की समाधियों की परिक्रमा कराई जाती थी। इसी दौरान उनके पिता की भेंट शिकारपुरा धाम के तत्कालीन महंत &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;श्री देवाराम जी महाराज&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; से हुई। महंत देवाराम जी ने बालक किशनाराम को अपने सानिध्य में रखने की इच्छा व्यक्त की, जिसके बाद परिवार की सहमति से उन्हें आश्रम को समर्पित कर दिया गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== शिक्षा एवं आध्यात्मिक प्रशिक्षण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
किशनाराम जी महाराज ने आश्रम में रहकर धार्मिक शिक्षा, आध्यात्मिक साधना और सेवा कार्यों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। गुरु देवाराम जी महाराज के मार्गदर्शन में उन्होंने संत परंपरा, भक्ति, साधना और लोककल्याण के सिद्धांतों को आत्मसात किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कम आयु से ही उनमें वैराग्य, सेवा और आध्यात्मिक चिंतन के गुण दिखाई देने लगे थे। आश्रम जीवन ने उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया और वे धीरे-धीरे संत परंपरा के प्रमुख उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित हुए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== आध्यात्मिक जीवन ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
गुरु देवाराम जी महाराज के सानिध्य में रहकर संत किशनाराम जी ने दीर्घकाल तक सेवा और साधना की। बाद में वे शिकारपुरा धाम के पीठाधीश्वर बने और धर्म प्रचार, सत्संग तथा जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनके प्रवचनों में मानवता, सदाचार, सेवा, भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश प्रमुख रूप से मिलता था। वे समाज के सभी वर्गों को समान दृष्टि से देखते थे और लोगों को आध्यात्मिक जीवन के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देते थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== समाज सेवा और जनकल्याण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संत किशनाराम जी महाराज ने धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ समाज सेवा को भी विशेष महत्व दिया। उनके मार्गदर्शन में शिकारपुरा धाम ने अनेक सामाजिक और धार्मिक कार्यों का संचालन किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उन्होंने गरीबों, जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं की सहायता को धर्म का महत्वपूर्ण अंग माना। उनके प्रयासों से शिकारपुरा धाम राजस्थान के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्रों में विकसित हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== शिकारपुरा धाम का विकास ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संत किशनाराम जी महाराज के नेतृत्व में शिकारपुरा धाम ने व्यापक विकास किया। उनके कार्यकाल में आश्रम की गतिविधियों का विस्तार हुआ और देशभर से श्रद्धालु यहाँ आने लगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
धार्मिक आयोजन, सत्संग, भंडारे तथा सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से धाम की पहचान और अधिक मजबूत हुई। आज भी शिकारपुरा धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== व्यक्तित्व और विचार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संत किशनाराम जी महाराज सरलता, विनम्रता और सेवा भावना के प्रतीक माने जाते हैं। वे मानते थे कि मानव सेवा ही ईश्वर सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उन्होंने अपने अनुयायियों को सदैव सत्य, अहिंसा, परोपकार, संयम और आध्यात्मिक जीवन अपनाने की प्रेरणा दी। उनके विचारों का प्रभाव आज भी उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं पर देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विरासत ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संत किशनाराम जी महाराज की आध्यात्मिक विरासत आज भी शिकारपुरा धाम के माध्यम से जीवित है। उनके द्वारा स्थापित सेवा, भक्ति और लोककल्याण की परंपराएँ निरंतर आगे बढ़ रही हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
राजस्थान की संत परंपरा में उनका नाम सम्मानपूर्वक लिया जाता है और लाखों श्रद्धालु उन्हें अपने आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में स्मरण करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== निष्कर्ष ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;संत श्री किशनाराम जी महाराज&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; का जीवन सेवा, साधना और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने अपने गुरु की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिकारपुरा धाम को आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया। उनका योगदान राजस्थान की संत परंपरा और समाज सेवा के क्षेत्र में सदैव स्मरणीय रहेगा।&lt;br /&gt;
== स्रोत ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* शिकारपुरा धाम से संबंधित धार्मिक एवं ऐतिहासिक अभिलेख&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== संबंधित लेख ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* [[Shri RajaRam Ji Bhagwan|श्री राजाराम जी महाराज]]&lt;br /&gt;
* संत देवाराम जी महाराज&lt;br /&gt;
* [[Shri Khetaram ji Maharaj|खेतेश्वर महाराज]]&lt;br /&gt;
* [[Shri Tulchharam Ji Maharaj|तुलछाराम जी महाराज]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>MaruPedia</name></author>
	</entry>
</feed>