<?xml version="1.0"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="en">
	<id>https://marupedia.com/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=Neem_Karoli_Baba</id>
	<title>Neem Karoli Baba - Revision history</title>
	<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://marupedia.com/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=Neem_Karoli_Baba"/>
	<link rel="alternate" type="text/html" href="https://marupedia.com/index.php?title=Neem_Karoli_Baba&amp;action=history"/>
	<updated>2026-09-29T14:54:25Z</updated>
	<subtitle>Revision history for this page on the wiki</subtitle>
	<generator>MediaWiki 1.45.1</generator>
	<entry>
		<id>https://marupedia.com/index.php?title=Neem_Karoli_Baba&amp;diff=2674&amp;oldid=prev</id>
		<title>BudhaRam Patel at 11:38, 29 September 2026</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://marupedia.com/index.php?title=Neem_Karoli_Baba&amp;diff=2674&amp;oldid=prev"/>
		<updated>2026-09-29T11:38:27Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
&lt;table style=&quot;background-color: #fff; color: #202122;&quot; data-mw=&quot;interface&quot;&gt;
				&lt;col class=&quot;diff-marker&quot; /&gt;
				&lt;col class=&quot;diff-content&quot; /&gt;
				&lt;col class=&quot;diff-marker&quot; /&gt;
				&lt;col class=&quot;diff-content&quot; /&gt;
				&lt;tr class=&quot;diff-title&quot; lang=&quot;en&quot;&gt;
				&lt;td colspan=&quot;2&quot; style=&quot;background-color: #fff; color: #202122; text-align: center;&quot;&gt;← Older revision&lt;/td&gt;
				&lt;td colspan=&quot;2&quot; style=&quot;background-color: #fff; color: #202122; text-align: center;&quot;&gt;Revision as of 17:08, 29 September 2026&lt;/td&gt;
				&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td colspan=&quot;2&quot; class=&quot;diff-lineno&quot; id=&quot;mw-diff-left-l1&quot;&gt;Line 1:&lt;/td&gt;
&lt;td colspan=&quot;2&quot; class=&quot;diff-lineno&quot;&gt;Line 1:&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;
&lt;tr&gt;&lt;td class=&quot;diff-marker&quot;&gt;&lt;/td&gt;&lt;td style=&quot;background-color: #f8f9fa; color: #202122; font-size: 88%; border-style: solid; border-width: 1px 1px 1px 4px; border-radius: 0.33em; border-color: #eaecf0; vertical-align: top; white-space: pre-wrap;&quot;&gt;&lt;div&gt;{{DISPLAYTITLE: नीम करौली बाबा (Neem Karoli Baba) का जीवन परिचय, जन्म, आश्रम, परिवार और आध्यात्मिक जीवन}}&lt;/div&gt;&lt;/td&gt;&lt;td class=&quot;diff-marker&quot;&gt;&lt;/td&gt;&lt;td style=&quot;background-color: #f8f9fa; color: #202122; font-size: 88%; border-style: solid; border-width: 1px 1px 1px 4px; border-radius: 0.33em; border-color: #eaecf0; vertical-align: top; white-space: pre-wrap;&quot;&gt;&lt;div&gt;{{DISPLAYTITLE: नीम करौली बाबा (Neem Karoli Baba) का जीवन परिचय, जन्म, आश्रम, परिवार और आध्यात्मिक जीवन}}&lt;/div&gt;&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;
&lt;tr&gt;&lt;td class=&quot;diff-marker&quot; data-marker=&quot;−&quot;&gt;&lt;/td&gt;&lt;td style=&quot;color: #202122; font-size: 88%; border-style: solid; border-width: 1px 1px 1px 4px; border-radius: 0.33em; border-color: #ffe49c; vertical-align: top; white-space: pre-wrap;&quot;&gt;&lt;div&gt;&lt;del style=&quot;font-weight: bold; text-decoration: none;&quot;&gt;&lt;/del&gt;&lt;/div&gt;&lt;/td&gt;&lt;td colspan=&quot;2&quot; class=&quot;diff-side-added&quot;&gt;&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;
&lt;tr&gt;&lt;td class=&quot;diff-marker&quot;&gt;&lt;/td&gt;&lt;td style=&quot;background-color: #f8f9fa; color: #202122; font-size: 88%; border-style: solid; border-width: 1px 1px 1px 4px; border-radius: 0.33em; border-color: #eaecf0; vertical-align: top; white-space: pre-wrap;&quot;&gt;&lt;div&gt;{{Biography infobox&lt;/div&gt;&lt;/td&gt;&lt;td class=&quot;diff-marker&quot;&gt;&lt;/td&gt;&lt;td style=&quot;background-color: #f8f9fa; color: #202122; font-size: 88%; border-style: solid; border-width: 1px 1px 1px 4px; border-radius: 0.33em; border-color: #eaecf0; vertical-align: top; white-space: pre-wrap;&quot;&gt;&lt;div&gt;{{Biography infobox&lt;/div&gt;&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;
&lt;tr&gt;&lt;td class=&quot;diff-marker&quot;&gt;&lt;/td&gt;&lt;td style=&quot;background-color: #f8f9fa; color: #202122; font-size: 88%; border-style: solid; border-width: 1px 1px 1px 4px; border-radius: 0.33em; border-color: #eaecf0; vertical-align: top; white-space: pre-wrap;&quot;&gt;&lt;div&gt;| name = नीम करौली बाबा&lt;/div&gt;&lt;/td&gt;&lt;td class=&quot;diff-marker&quot;&gt;&lt;/td&gt;&lt;td style=&quot;background-color: #f8f9fa; color: #202122; font-size: 88%; border-style: solid; border-width: 1px 1px 1px 4px; border-radius: 0.33em; border-color: #eaecf0; vertical-align: top; white-space: pre-wrap;&quot;&gt;&lt;div&gt;| name = नीम करौली बाबा&lt;/div&gt;&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;
&lt;/table&gt;</summary>
		<author><name>BudhaRam Patel</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://marupedia.com/index.php?title=Neem_Karoli_Baba&amp;diff=2673&amp;oldid=prev</id>
		<title>BudhaRam Patel: Created page with &quot;{{DISPLAYTITLE: नीम करौली बाबा (Neem Karoli Baba) का जीवन परिचय, जन्म, आश्रम, परिवार और आध्यात्मिक जीवन}}  {{Biography infobox | name = नीम करौली बाबा | image = Neem_Karoli_Baba_Biography.jpg | birth = लगभग 1900 | birthplace = अकबरपुर, उत्तर प्रदेश, भारत | residence = कैंची धा...&quot;</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://marupedia.com/index.php?title=Neem_Karoli_Baba&amp;diff=2673&amp;oldid=prev"/>
		<updated>2026-09-29T11:37:56Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Created page with &amp;quot;{{DISPLAYTITLE: नीम करौली बाबा (Neem Karoli Baba) का जीवन परिचय, जन्म, आश्रम, परिवार और आध्यात्मिक जीवन}}  {{Biography infobox | name = नीम करौली बाबा | image = Neem_Karoli_Baba_Biography.jpg | birth = लगभग 1900 | birthplace = अकबरपुर, उत्तर प्रदेश, भारत | residence = कैंची धा...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;New page&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{DISPLAYTITLE: नीम करौली बाबा (Neem Karoli Baba) का जीवन परिचय, जन्म, आश्रम, परिवार और आध्यात्मिक जीवन}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{Biography infobox&lt;br /&gt;
| name = नीम करौली बाबा&lt;br /&gt;
| image = Neem_Karoli_Baba_Biography.jpg&lt;br /&gt;
| birth = लगभग 1900&lt;br /&gt;
| birthplace = अकबरपुर, उत्तर प्रदेश, भारत&lt;br /&gt;
| residence = कैंची धाम, उत्तराखंड, भारत&lt;br /&gt;
| education =&lt;br /&gt;
| qualification =&lt;br /&gt;
| profession = संत, आध्यात्मिक गुरु&lt;br /&gt;
| father =&lt;br /&gt;
| mother =&lt;br /&gt;
| spouse =&lt;br /&gt;
| children = दो पुत्र और एक पुत्री&lt;br /&gt;
| website =&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;नीम करौली बाबा&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (Neem Karoli Baba), जिन्हें उनके अनुयायी &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;महाराज जी&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; या &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;महाराजजी&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; के नाम से भी जानते हैं, 20वीं शताब्दी के प्रसिद्ध भारतीय संत और हनुमान भक्त थे। उनका जन्म नाम &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;लक्ष्मण नारायण शर्मा&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; बताया जाता है। वे उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव से जुड़े थे और जीवन के अलग-अलग चरणों में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में साधना तथा भ्रमण करते रहे। बाद में उत्तराखंड के नैनीताल जिले के पास स्थित &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;कैंची धाम&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; उनके प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में से एक बना। उनका जीवन भक्ति, सेवा, प्रेम और ईश्वर-स्मरण पर केंद्रित माना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा की विशेष पहचान भगवान हनुमान के प्रति उनकी गहरी भक्ति और सरल जीवनशैली से बनी। उनके अनुयायियों के अनुसार वे बाहरी आडंबरों के बजाय प्रेम, सेवा और ईश्वर के स्मरण को अधिक महत्व देते थे। उनके जीवन और शिक्षाओं को पश्चिमी दुनिया में पहुंचाने में उनके प्रमुख शिष्यों में शामिल अमेरिकी आध्यात्मिक शिक्षक &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;राम दास&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (Richard Alpert) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राम दास ने उनके बारे में &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;Miracle of Love: Stories about Neem Karoli Baba&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; नामक प्रसिद्ध पुस्तक भी लिखी, जिसमें बाबा से संबंधित अनेक संस्मरण और भक्तों द्वारा सुनाई गई घटनाओं को संकलित किया गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जन्म और प्रारंभिक जीवन ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा का जन्म लगभग वर्ष 1900 में उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव में हुआ था। उनका जन्म नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा बताया जाता है। उपलब्ध जीवनी स्रोतों के अनुसार उनका जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव सांसारिक जीवन की अपेक्षा आध्यात्मिकता और साधु-संतों की ओर बताया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कम आयु में ही उनका विवाह कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए घर छोड़कर साधु के रूप में भ्रमण किया। बाद में परिवार के आग्रह पर वे वापस लौटे और गृहस्थ जीवन भी बिताया। उनके दो पुत्र और एक पुत्री होने का उल्लेख उपलब्ध जीवनी स्रोतों में मिलता है। आगे चलकर उन्होंने पुनः घर छोड़ दिया और अपना जीवन आध्यात्मिक साधना तथा जनसेवा को समर्पित कर दिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा का जीवन किसी एक स्थान तक सीमित नहीं रहा। वे भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाने गए। उनके जीवन के अलग-अलग चरणों में उन्हें लक्ष्मण दास, लछमन दास और अन्य स्थानीय नामों से भी संबोधित किए जाने का उल्लेख मिलता है। बाद में उत्तर प्रदेश के नीम करौली गांव से जुड़ने के कारण वे &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;नीम करौली बाबा&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; के नाम से प्रसिद्ध हुए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== साधु जीवन और आध्यात्मिक यात्रा ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा भ्रमण और साधना में बिताया। उपलब्ध विवरणों के अनुसार वे उत्तर भारत के अनेक स्थानों पर रहे और साधु के रूप में आध्यात्मिक जीवन व्यतीत किया। 1940 के दशक में उनका संपर्क उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र से हुआ और बाद के वर्षों में यह क्षेत्र उनके आध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनका जीवन पारंपरिक अर्थों में किसी औपचारिक धार्मिक संस्था के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं था। राम दास के संस्मरणों के अनुसार बाबा लंबे औपचारिक प्रवचन देने के बजाय छोटे-छोटे वाक्यों, व्यवहार और सेवा के माध्यम से अपने अनुयायियों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते थे। वे अपने आसपास आने वाले लोगों को भोजन कराते, उनकी बातें सुनते और उन्हें ईश्वर-स्मरण तथा सेवा की ओर प्रेरित करते थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनकी सादगी उनकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा थी। वे अक्सर एक साधारण ऊनी कंबल ओढ़े दिखाई देते थे। यही कंबल बाद में नीम करौली बाबा की पहचान से जुड़ी प्रसिद्ध छवि का हिस्सा बन गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== कैंची धाम की स्थापना और महत्व ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा के जीवन से जुड़ा सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;कैंची धाम&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; है, जो उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है। यहां उनके अनुयायी आज भी दर्शन और आध्यात्मिक साधना के लिए पहुंचते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उपलब्ध स्रोतों के अनुसार कैंची धाम परिसर में हनुमान मंदिर की स्थापना 1960 के दशक में हुई और यह स्थान धीरे-धीरे बाबा के प्रमुख आश्रम के रूप में विकसित हुआ। उनके जीवन के अंतिम वर्षों में वे काफी समय कैंची धाम और उसके आसपास रहे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कैंची धाम में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह स्थान विशेष रूप से भगवान हनुमान की भक्ति, सेवा और नीम करौली बाबा की स्मृति से जुड़ा हुआ है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== भगवान हनुमान के भक्त ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा को भगवान हनुमान का अनन्य भक्त माना जाता है। उनके जीवन से जुड़े आश्रमों और मंदिरों में हनुमान जी की उपासना का विशेष महत्व रहा। उनके अनुयायियों के बीच उन्हें हनुमान भक्ति के माध्यम से प्रेम, सेवा और ईश्वर-स्मरण की प्रेरणा देने वाले संत के रूप में देखा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कैंची धाम और वृंदावन स्थित उनके आश्रम परिसर में हनुमान मंदिर उनकी आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके अनुयायी उनके जीवन को हनुमान भक्ति और सेवा की परंपरा से जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रमुख शिष्य और पश्चिमी दुनिया में प्रभाव ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा का प्रभाव भारत से बाहर भी पहुंचा। उनके सबसे प्रसिद्ध शिष्यों में अमेरिकी मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक शिक्षक &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;राम दास&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। राम दास का मूल नाम रिचर्ड अल्पर्ट था। वे 1967 में भारत आए और यहां उनकी मुलाकात नीम करौली बाबा से हुई। इस मुलाकात के बाद उनके जीवन की दिशा में बड़ा परिवर्तन आया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
राम दास ने बाद में अपने गुरु के बारे में व्यापक रूप से लिखा और उनके जीवन तथा शिक्षाओं को पश्चिमी पाठकों तक पहुंचाया। उनकी पुस्तक &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;Miracle of Love&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; में नीम करौली बाबा के साथ बिताए समय और उनके अनेक भक्तों के अनुभवों को संकलित किया गया है। हालांकि स्वयं राम दास ने पुस्तक की भूमिका में यह स्पष्ट किया था कि इसमें शामिल कई घटनाएं भक्तों द्वारा सुनाई गई कहानियां हैं और प्रत्येक घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना संभव नहीं था। इसलिए चमत्कारों से संबंधित कथाओं को भक्तों के संस्मरण के रूप में देखना अधिक उचित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा से जुड़े अन्य प्रमुख पश्चिमी शिष्यों और अनुयायियों में लैरी ब्रिलियंट, कृष्ण दास और भगवान दास के नाम भी मिलते हैं। उनके माध्यम से बाबा की शिक्षाओं और सेवा की भावना का प्रभाव भारत से बाहर भी फैला।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== शिक्षाएं और आध्यात्मिक विचार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा की शिक्षाओं में प्रेम, सेवा, करुणा और ईश्वर-स्मरण को विशेष महत्व दिया जाता है। उनके शिष्य राम दास द्वारा संकलित संस्मरणों में बाबा के व्यवहार को निःस्वार्थ सेवा और भक्ति से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। बाबा गृहस्थ जीवन जीने वाले लोगों को भी सेवा और ईश्वर-स्मरण के माध्यम से आध्यात्मिक जीवन जीने की प्रेरणा देते थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनकी शिक्षाओं का एक प्रमुख पक्ष यह था कि आध्यात्मिकता केवल पूजा-पाठ या कठिन साधना तक सीमित नहीं है। दूसरों की सहायता करना, भोजन कराना, जरूरतमंदों की सेवा करना और हर व्यक्ति में ईश्वर का भाव देखना भी आध्यात्मिक जीवन का हिस्सा माना गया। राम दास के संस्मरणों में बाबा के इसी दृष्टिकोण को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनकी शिक्षाओं से जुड़े लोकप्रिय वाक्यों में &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;“सबसे प्रेम करो, सबकी सेवा करो, सबको भोजन कराओ और भगवान को याद करो”&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; जैसी भावना प्रमुख है। इन शिक्षाओं का मूल भाव प्रेम, सेवा और ईश्वर-स्मरण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== सभी धर्मों के प्रति दृष्टिकोण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा के बारे में राम दास द्वारा संकलित संस्मरणों में ऐसे प्रसंग भी मिलते हैं जिनमें वे धार्मिक संकीर्णता से ऊपर उठकर सभी धर्मों में ईश्वर की एकता देखने की बात करते हैं। एक संस्मरण में बाबा द्वारा मुस्लिम विद्वानों के साथ बातचीत तथा इस्लामी सूफी परंपरा से जुड़े शब्दों का उल्लेख किया गया है। ऐसे विवरण उनके भक्तों द्वारा दर्ज संस्मरणों का हिस्सा हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनकी आध्यात्मिक दृष्टि में मनुष्य के भीतर ईश्वर को देखने और लोगों के साथ प्रेम तथा सेवा का व्यवहार करने पर जोर मिलता है। यही कारण है कि उनके अनुयायियों के बीच उनकी पहचान केवल एक संप्रदाय विशेष के संत के रूप में नहीं, बल्कि प्रेम और सेवा की शिक्षा देने वाले संत के रूप में भी बनी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== चमत्कारों से जुड़ी मान्यताएं ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा के जीवन से अनेक चमत्कारिक घटनाओं की कथाएं जुड़ी हुई हैं। उनके भक्तों ने विभिन्न अवसरों पर ऐसी घटनाओं का वर्णन किया है जिन्हें वे बाबा की आध्यात्मिक शक्ति या कृपा से जोड़ते हैं। राम दास की &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;Miracle of Love&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; में भी ऐसी अनेक घटनाओं को भक्तों के संस्मरण के रूप में संकलित किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हालांकि इन घटनाओं का स्वतंत्र वैज्ञानिक या ऐतिहासिक सत्यापन उपलब्ध नहीं है। इसलिए जीवनी में उन्हें प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्य के बजाय &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;भक्तों द्वारा वर्णित आध्यात्मिक अनुभव और मान्यताएं&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; मानना अधिक उचित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== सामाजिक सेवा और भोजन की परंपरा ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा के जीवन में लोगों को भोजन कराने और जरूरतमंदों की सेवा करने का विशेष महत्व बताया जाता है। उनके आश्रमों में आने वाले लोगों को भोजन और प्रसाद देने की परंपरा उनके अनुयायियों के बीच आज भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। राम दास के संस्मरणों में भी बाबा के आसपास आने वाले लोगों को भोजन और प्रसाद दिए जाने के कई प्रसंग मिलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनकी शिक्षाओं में सेवा को केवल सामाजिक कार्य नहीं बल्कि आध्यात्मिक साधना के रूप में भी देखा गया। इसी कारण उनके अनुयायियों और उनसे जुड़े संस्थानों में सेवा, भोजन वितरण और जरूरतमंदों की सहायता को महत्वपूर्ण स्थान मिला।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== अंतिम समय और महासमाधि ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा का निधन 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में हुआ। उपलब्ध जीवनी विवरणों के अनुसार वे स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण यात्रा कर रहे थे और मथुरा रेलवे स्टेशन पर उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हुआ। उनकी आयु उस समय लगभग 70 से 73 वर्ष के बीच मानी जाती है, क्योंकि उनका जन्म वर्ष लगभग 1900 बताया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनकी समाधि वृंदावन स्थित आश्रम परिसर में बनाई गई। कैंची धाम और वृंदावन दोनों ही स्थान आज उनके अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थस्थल हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== नीम करौली बाबा की विरासत ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा की आध्यात्मिक विरासत उनके निधन के बाद भी लगातार बढ़ती रही। कैंची धाम और वृंदावन स्थित उनके आश्रम उनके अनुयायियों के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। उनके शिष्यों और अनुयायियों ने उनके संदेश को भारत के साथ-साथ विदेशों में भी आगे बढ़ाया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
राम दास के माध्यम से नीम करौली बाबा की शिक्षाएं पश्चिमी दुनिया के बड़े वर्ग तक पहुंचीं। राम दास की पुस्तक &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;Miracle of Love&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; और उनकी अन्य आध्यात्मिक कृतियों ने बाबा के जीवन और शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिचित कराने में भूमिका निभाई।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आज नीम करौली बाबा को विशेष रूप से हनुमान भक्ति, प्रेम, सेवा और सरल जीवन के लिए याद किया जाता है। उनके जीवन से जुड़ी कथाओं में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ भक्तों के व्यक्तिगत अनुभव और आध्यात्मिक मान्यताएं भी शामिल हैं। इसलिए उनके जीवन को समझते समय प्रमाणित घटनाओं और भक्तों द्वारा सुनाई गई चमत्कारिक कथाओं के बीच अंतर रखना आवश्यक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== निष्कर्ष ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नीम करौली बाबा आधुनिक भारत के उन संतों में गिने जाते हैं जिनकी आध्यात्मिक पहचान देश की सीमाओं से आगे तक पहुंची। लगभग 1900 में उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में जन्मे लक्ष्मण नारायण शर्मा ने अपने जीवन के विभिन्न चरणों में गृहस्थ जीवन, साधु जीवन और व्यापक आध्यात्मिक भ्रमण का अनुभव किया। बाद में वे नीम करौली बाबा या महाराज जी के नाम से प्रसिद्ध हुए और उत्तराखंड का कैंची धाम उनके प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में शामिल हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
भगवान हनुमान के प्रति उनकी भक्ति, प्रेम और सेवा पर आधारित उनकी शिक्षाएं तथा उनके शिष्य राम दास के माध्यम से पश्चिमी दुनिया में पहुंची उनकी आध्यात्मिक विरासत आज भी उन्हें प्रसिद्ध बनाती है। 11 सितंबर 1973 को उनके निधन के बाद भी कैंची धाम और वृंदावन उनके अनुयायियों के प्रमुख श्रद्धा केंद्र बने हुए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== स्रोत ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* राम दास — &amp;#039;&amp;#039;Miracle of Love: Stories about Neem Karoli Baba&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
* Love Serve Remember Foundation — नीम करौली बाबा और राम दास से संबंधित सामग्री&lt;br /&gt;
* Penguin Random House India — नीम करौली बाबा का जीवन और आध्यात्मिक विरासत&lt;br /&gt;
* Divine Life Society — नीम करौली बाबा से संबंधित जीवनी सामग्री&lt;br /&gt;
* श्री मां आनंदमयी से संबंधित आध्यात्मिक अभिलेख — नीम करौली बाबा का जीवन विवरण&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:भारतीय संत]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:धार्मिक गुरु]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिंदू संत]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:आध्यात्मिक गुरु]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>BudhaRam Patel</name></author>
	</entry>
</feed>